NIA: पाकिस्तान से खालिस्तानी मुहिम चलाने वाले बब्बर खालसा ने रची थी इन क्लबों को बम से निशाना बनाने की साजिश
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने हरियाणा के गुरुग्राम में दो क्लबों पर बम हमलों से संबंधित 2024 के मामले में आतंकवादी गोल्डी बरार सहित पांच आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है।
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केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा प्रतिबंधित आतंकी संगठन 'बब्बर खालसा इंटरनेशनल, (बीकेआई), जिसे बब्बर खालसा भी कहा जाता है, इस संगठन के सदस्यों ने पाकिस्तान और दूसरे मुल्कों में बैठकर, गुरुग्राम के दो क्लबों को बम से निशाना बनाने की साजिश रची थी। बीकेआई को खालिस्तान समर्थक संगठन माना जाता है। इस संगठन का हाथ कई बड़े आतंकी हमलों में भी रहा है। एनआईए ने इस संगठन के सक्रिय सदस्य और आतंकवादी, गोल्डी बरार समेत 5 लोगों के खिलाफ गुरुग्राम क्लब बम विस्फोट मामले में आरोपपत्र दाखिल किया है। गोल्डी बरार और रणदीप मलिक को छोड़कर बाकी सभी को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को हरियाणा के गुरुग्राम में दो क्लबों पर बम हमलों से संबंधित 2024 के मामले में नामित व्यक्तिगत आतंकवादी गोल्डी बरार समेत पांच आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। एनआईए ने कनाडा में रहने वाले सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बरार के साथ सचिन तालियान, अंकित, भाविश और अमेरिका में रहने वाले रणदीप सिंह उर्फ रणदीप मलिक पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), शस्त्र अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और यूए(पी) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं। गोल्डी बरार और रणदीप मलिक को छोड़कर बाकी सभी को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है।
बीकेआई के अधिकांश सदस्य, पाकिस्तान सहित दूसरे मुल्कों में छिपे हुए हैं। एनआईए की जांच में सामने आया है कि उक्त आरोपी गुरुग्राम के सेक्टर-29 में स्थित वेयरहाउस क्लब और ह्यूमन क्लब को बम से निशाना बनाने की साजिश में शामिल थे। इन लोगों ने बब्बर खालिस्तानी इंटरनेशनल (बीकेआई) के इशारे पर बड़ी साजिश रची थी। इनका उद्देश्य हरियाणा और पड़ोसी क्षेत्रों में हिंसा के द्वारा सांप्रदायिक विद्वेष फैलाना था। प्रतिबंधित बीकेआई आतंकी संगठन के सदस्यों और कार्यकर्ताओं ने 10 दिसंबर 2024 को उक्त क्लबों पर हमला किया था।
एनआईए की जांच में यह भी पता चला है कि इस गहरी आतंकी साजिश के पीछे गोल्डी बरार और उसके साथियों का हाथ था। एनआईए की जांच के अनुसार, यह आतंकी सिंडिकेट, धन उगाही, आतंकी फंड जुटाने, विस्फोटक और हथियार और गोला-बारूद खरीदने और देश की अखंडता, सुरक्षा (आर्थिक सुरक्षा सहित) और संप्रभुता को खतरे में डालने के लिए आम लोगों के बीच आतंक को बढ़ावा देने में सक्रिय रूप से शामिल है। एनआईए द्वारा आतंकवाद विरोधी मामले में अपनी जांच जारी रखी गई है।