{"_id":"69f64ec74acedc6a9909e918","slug":"nehru-stadiums-dilapidated-hostel-becomes-a-hazard-gurgaon-news-c-24-1-fbd1020-86681-2026-05-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: नेहरू स्टेडियम का जर्जर हॉस्टल बना खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: नेहरू स्टेडियम का जर्जर हॉस्टल बना खतरा
विज्ञापन
बजट जारी होने के बाद भी 2 महीने से काम ठप
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शहर के नेहरू स्टेडियम स्थित खेल विभाग का पुराना हॉस्टल तोड़ने के लिए खेल विभाग ने लोक निर्माण विभाग को सात लाख का बजट भेजा था लेकिन बजट जारी होने के बावजूद पिछले दो महीनों से काम शुरू तक नहीं हो पाया है।
वर्ष 2015 से बंद पड़ा यह हॉस्टल पूरी तरह जर्जर हो चुका है। इस हॉस्टल की हालत इतनी खराब है कि यह कभी भी गिर सकता है। अधिकारियों के अनुसार खेल विभाग की ओर से अभी तक पांच से अधिक बार रिमाइंडर भेजे जा चुके हैं लेकिन लोक निर्माण विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। करीब एक दशक से बंद इस हॉस्टल की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। दीवारों में दरारें, टूटती छत और आसपास फैला मलबा खिलाड़ियों और स्टेडियम आने वाले लोगों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है। इस साल मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद इस पुराने ढांचे को हटाकर यहां एक आधुनिक खेल हॉस्टल बनाने की योजना है, जिससे बाहर से आने वाले खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। लेकिन मौजूदा हालात में यह योजना कागजों तक ही सीमित नजर आ रही है।
कोट्स
हम यहां प्रैक्टिस करने आते हैं और इस जर्जर बिल्डिंग को देखकर डर लगता है। अगर बजट पास हो चुका है तो काम तुरंत शुरू होना चाहिए। -रोहित कुमार
सरकार नई सुविधाओं की बात करती है लेकिन पुराने ढांचे तक नहीं हटाए जा रहे। इससे खिलाड़ियों का मनोबल गिरता है। -सोनिया मलिक
10 साल से हॉस्टल बंद है, अब तो इसे हटाकर नया बनाना चाहिए था। सिर्फ फाइलों में काम हो रहा है। -अंकित यादव
बाहर से आने वाले खिलाड़ियों को ठहरने में परेशानी होती है। अगर नया हॉस्टल बन जाए तो हमें काफी राहत मिलेगी। -प्रीत दहिया
वर्जन......
हॉस्टल को तोड़ने के लिए लगभग 7 लाख रुपये का बजट लोक निर्माण विभाग को जारी किया जा चुका है। हमारी ओर से लगातार रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं। जल्द ही काम शुरू करवाने के लिए विभाग से समन्वय किया जा रहा है, ताकि नई हॉस्टल परियोजना पर आगे बढ़ा जा सके। -आरती कोहली, जिला खेल अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शहर के नेहरू स्टेडियम स्थित खेल विभाग का पुराना हॉस्टल तोड़ने के लिए खेल विभाग ने लोक निर्माण विभाग को सात लाख का बजट भेजा था लेकिन बजट जारी होने के बावजूद पिछले दो महीनों से काम शुरू तक नहीं हो पाया है।
वर्ष 2015 से बंद पड़ा यह हॉस्टल पूरी तरह जर्जर हो चुका है। इस हॉस्टल की हालत इतनी खराब है कि यह कभी भी गिर सकता है। अधिकारियों के अनुसार खेल विभाग की ओर से अभी तक पांच से अधिक बार रिमाइंडर भेजे जा चुके हैं लेकिन लोक निर्माण विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। करीब एक दशक से बंद इस हॉस्टल की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। दीवारों में दरारें, टूटती छत और आसपास फैला मलबा खिलाड़ियों और स्टेडियम आने वाले लोगों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है। इस साल मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद इस पुराने ढांचे को हटाकर यहां एक आधुनिक खेल हॉस्टल बनाने की योजना है, जिससे बाहर से आने वाले खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। लेकिन मौजूदा हालात में यह योजना कागजों तक ही सीमित नजर आ रही है।
विज्ञापन
कोट्स
हम यहां प्रैक्टिस करने आते हैं और इस जर्जर बिल्डिंग को देखकर डर लगता है। अगर बजट पास हो चुका है तो काम तुरंत शुरू होना चाहिए। -रोहित कुमार
सरकार नई सुविधाओं की बात करती है लेकिन पुराने ढांचे तक नहीं हटाए जा रहे। इससे खिलाड़ियों का मनोबल गिरता है। -सोनिया मलिक
10 साल से हॉस्टल बंद है, अब तो इसे हटाकर नया बनाना चाहिए था। सिर्फ फाइलों में काम हो रहा है। -अंकित यादव
बाहर से आने वाले खिलाड़ियों को ठहरने में परेशानी होती है। अगर नया हॉस्टल बन जाए तो हमें काफी राहत मिलेगी। -प्रीत दहिया
वर्जन......
हॉस्टल को तोड़ने के लिए लगभग 7 लाख रुपये का बजट लोक निर्माण विभाग को जारी किया जा चुका है। हमारी ओर से लगातार रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं। जल्द ही काम शुरू करवाने के लिए विभाग से समन्वय किया जा रहा है, ताकि नई हॉस्टल परियोजना पर आगे बढ़ा जा सके। -आरती कोहली, जिला खेल अधिकारी
विज्ञापन