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Gurugram News: जलभराव रोकेगा नगर निगम, जोड़ेगा 84 छूटी सीवर कड़ियां
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पटौदी चौक पर जुड़ रही मिसिंग सीवर लाइन। संवाद
आईआईटी गांधी नगर की रिपोर्ट में 84 स्थानों पर सीवरलाइन आपस में नहीं जुड़ी मिलीं
सीवर लाइनों के मिसिंग लिंक जोड़ रहा निगम, पटौदी चौक से काम शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम ने शहर में जलभराव की समस्या दूर करने के लिए काम शुरू किया है। निगम सीवर नेटवर्क की उन कड़ियों को जोड़ रहा है, जो वर्षों से आपस में जुड़ी नहीं थीं। आईआईटी गांधी नगर की रिपोर्ट के आधार पर ऐसे 84 स्थान चिह्नित किए गए थे।
इन छूटी हुई कड़ियों के कारण सीवर का प्रवाह बाधित होता था। बारिश के दौरान शहर में जलभराव की स्थिति बन जाती थी। अब नगर निगम ने इन स्थानों को जोड़ने का काम शुरू कर दिया है। फिलहाल पटौदी चौक पर सीवर लाइन के छूटे हुए बिंदु को जोड़ा जा रहा है। निगम का दल रिपोर्ट में चिह्नित अन्य स्थानों पर भी चरणबद्ध तरीके से काम कराएगा। अधिकारियों के अनुसार, लाइनों को मुख्य नेटवर्क से जोड़ने के बाद पानी की निकासी बेहतर होगी। निगम का ध्यान केवल सड़कों से पानी निकालने तक सीमित नहीं है। बल्कि जलभराव के मूल कारणों को दूर करने पर है।
रिपोर्ट ने खोली सीवर व्यवस्था की खामी
शहर में जलभराव के कारणों का पता लगाने के लिए सर्वेक्षण हुआ था। आईआईटी गांधी नगर ने यह सर्वेक्षण किया था। इसमें सीवर व्यवस्था की कई खामियां सामने आई थीं। 84 स्थानों पर सीवर लाइनों का आपस में जुड़ा न होना एक प्रमुख समस्या थी। इससे बारिश में बड़ी मात्रा में पानी जमा होने पर निकासी बाधित होती थी।
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सीवर लाइन मिसिंग प्वाइंट पर जोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही सभी लाइन आपस में कनेक्ट होंगी। - विजय ढाका, चीफ इंजीनियर, नगर निगम, गुरुग्राम
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सीवर लाइनों के मिसिंग लिंक जोड़ रहा निगम, पटौदी चौक से काम शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम ने शहर में जलभराव की समस्या दूर करने के लिए काम शुरू किया है। निगम सीवर नेटवर्क की उन कड़ियों को जोड़ रहा है, जो वर्षों से आपस में जुड़ी नहीं थीं। आईआईटी गांधी नगर की रिपोर्ट के आधार पर ऐसे 84 स्थान चिह्नित किए गए थे।
इन छूटी हुई कड़ियों के कारण सीवर का प्रवाह बाधित होता था। बारिश के दौरान शहर में जलभराव की स्थिति बन जाती थी। अब नगर निगम ने इन स्थानों को जोड़ने का काम शुरू कर दिया है। फिलहाल पटौदी चौक पर सीवर लाइन के छूटे हुए बिंदु को जोड़ा जा रहा है। निगम का दल रिपोर्ट में चिह्नित अन्य स्थानों पर भी चरणबद्ध तरीके से काम कराएगा। अधिकारियों के अनुसार, लाइनों को मुख्य नेटवर्क से जोड़ने के बाद पानी की निकासी बेहतर होगी। निगम का ध्यान केवल सड़कों से पानी निकालने तक सीमित नहीं है। बल्कि जलभराव के मूल कारणों को दूर करने पर है।
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रिपोर्ट ने खोली सीवर व्यवस्था की खामी
शहर में जलभराव के कारणों का पता लगाने के लिए सर्वेक्षण हुआ था। आईआईटी गांधी नगर ने यह सर्वेक्षण किया था। इसमें सीवर व्यवस्था की कई खामियां सामने आई थीं। 84 स्थानों पर सीवर लाइनों का आपस में जुड़ा न होना एक प्रमुख समस्या थी। इससे बारिश में बड़ी मात्रा में पानी जमा होने पर निकासी बाधित होती थी।
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सीवर लाइन मिसिंग प्वाइंट पर जोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही सभी लाइन आपस में कनेक्ट होंगी। - विजय ढाका, चीफ इंजीनियर, नगर निगम, गुरुग्राम