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गुरुग्राम में फर्जी कपड़ा निर्यात कंपनी बताकर मुंबई के कारोबारी से धोखाधड़ी
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गुरुग्राम। एक व्यक्ति ने कपड़ा निर्यात की फर्जी फर्म बनाकर मुंबई के कारोबारी को ठग लिया। इस मामले में डीएलएफ फेज-2 थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है।
मुंबई के कारोबारी राजेश सिंह की ओर से दर्ज कराए गए केस में आरोप लगाया है कि मार्च में उसे फेसबुक पर जय हिंद एंटर प्राइजेज कंपनी का लिंक मिला था, जिसमें उसने सस्ते दामों पर गुणवत्ता वाले कपड़े का निर्यात करने वाली कंपनी का जिक्र किया था। उसी के आधार पर फोन किया तो उसने अपना परिचय सुनील भारद्वाज के रूप में दिया। उन्होंने कहा कि वह गुरुग्राम में गारमेंट एक्सपोर्ट का कारोबार करते हैं। व्यवसाय पर चर्चा करने के बाद, राजेश सिंह ने सुनील से कुछ नमूने भेजने के लिए कहा। इसके बजाय, आरोपी ने उसे वीडियो कॉल के जरिए अपने कारखाने और गोदाम में कपड़े दिखाए।
इसी के बाद सुनील सिंह ने कंपनी से 100 लोअर (पतलून) का ऑर्डर दिया। साथ में हिंद एंटरप्राइज को 14,790 रुपये का ऑनलाइन भुगतान भी किया। कुछ दिनों में माल मुंबई नहीं पहुंचा, तो आरोपी सुनील से संपर्क किया, जिसने उसे आश्वासन दिया कि खेप जल्द ही उसके पास पहुंच जाएगी। 27 मार्च को राजेश सिंह को एक पार्सल मिला। जो स्क्रैप पेपर और साबुन से भरा था।
उन्होंने पेपर के स्क्रैप की तस्वीरें फोन पर दिखाईं। उस समय सुनील ने कहा कि गलत पार्सल पहुंचा है। साथ में यह आश्वासन दिया कि कुछ ही दिनों में कपड़े पहुंच जाएंगे। दो महीने बाद भी मुझे पार्सल नहीं मिला। बाद में पता कि जिस स्थान पर कंपनी का उल्लेख किया वहां पर इस नाम की कोई कंपनी नहीं है। इसी के बाद डीएलएफ फेज-दो थाने में केस दर्ज करा दिया है।
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मुंबई के कारोबारी राजेश सिंह की ओर से दर्ज कराए गए केस में आरोप लगाया है कि मार्च में उसे फेसबुक पर जय हिंद एंटर प्राइजेज कंपनी का लिंक मिला था, जिसमें उसने सस्ते दामों पर गुणवत्ता वाले कपड़े का निर्यात करने वाली कंपनी का जिक्र किया था। उसी के आधार पर फोन किया तो उसने अपना परिचय सुनील भारद्वाज के रूप में दिया। उन्होंने कहा कि वह गुरुग्राम में गारमेंट एक्सपोर्ट का कारोबार करते हैं। व्यवसाय पर चर्चा करने के बाद, राजेश सिंह ने सुनील से कुछ नमूने भेजने के लिए कहा। इसके बजाय, आरोपी ने उसे वीडियो कॉल के जरिए अपने कारखाने और गोदाम में कपड़े दिखाए।
इसी के बाद सुनील सिंह ने कंपनी से 100 लोअर (पतलून) का ऑर्डर दिया। साथ में हिंद एंटरप्राइज को 14,790 रुपये का ऑनलाइन भुगतान भी किया। कुछ दिनों में माल मुंबई नहीं पहुंचा, तो आरोपी सुनील से संपर्क किया, जिसने उसे आश्वासन दिया कि खेप जल्द ही उसके पास पहुंच जाएगी। 27 मार्च को राजेश सिंह को एक पार्सल मिला। जो स्क्रैप पेपर और साबुन से भरा था।
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उन्होंने पेपर के स्क्रैप की तस्वीरें फोन पर दिखाईं। उस समय सुनील ने कहा कि गलत पार्सल पहुंचा है। साथ में यह आश्वासन दिया कि कुछ ही दिनों में कपड़े पहुंच जाएंगे। दो महीने बाद भी मुझे पार्सल नहीं मिला। बाद में पता कि जिस स्थान पर कंपनी का उल्लेख किया वहां पर इस नाम की कोई कंपनी नहीं है। इसी के बाद डीएलएफ फेज-दो थाने में केस दर्ज करा दिया है।
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