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Gurugram News: उद्योग विहार में बनेगी मल्टीलेवल पार्किंग
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हरियाणा राज्य औद्योगिक संरचनात्मक विकास निगम ने प्रस्ताव तैयार कर सरकार के पास भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। पार्किंग की समस्या से जूझ रहे शहर के पुराने औद्योगिक क्षेत्र उद्योग विहार को आने वाले दिनाें में राहत मिलने वाली है। हरियाणा राज्य औद्योगिक संरचनात्मक विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) ने मल्टीलेवल पार्किंग का प्रस्ताव तैयार कर इसे राज्य सरकार के पास अनुमति के लिए भेजा है। अनुमति के बाद करीब दो साल इसको तैयार होने में लगेंगे। करीब 600 गाड़ियों इसमें पार्क की जा सकेगी।
एचएसआईआईडीसी से डीजीएम अरुण कुमार गर्ग ने बताया कि उद्योग विहार फेज चार में करीब डेढ़ एकड़ जमीन में पार्किंग बनाए जाने का प्रस्ताव है। इसमें जमीन के नीचे तीन और पांच मंजिलें होंगी। उद्योग विहार के एक से पांच फेज तक पूरी तरह पार्किंग की समस्या का हल तो इससे नहीं होगा मगर राहत जरूर मिलेगी। उद्योग विहार पुराना इलाका है और यहां जब इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हुआ तब पार्किंग जैसा मुद्दा नहीं था। पहले जो पार्किंग की जगह तय थी, उसे एचएसआईआईडीसी ने किसी कंपनी को बेच दिया था। उद्यमी हमेशा से इस इलाके में पार्किंग का मुद्दा उठाते रहे हैं।
पहले भी थी योजना मगर सिरे नहीं चढ़ी
उद्योग विहार चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष अशोक कोहली ने बताया कि यह अच्छी खबर है कि पार्किंग बनेगी। मगर अभी भी एचएसआईआईडीसी कुछ इलाके को पार्किंग की तरह इस्तेमाल कर रही है मगर वहां से वे पार्किंग शुल्क लेते हैं। एचएसआईआईडीसी को यह राशि इलाके के विकास में खर्च करना चाहिए या पार्किंग फ्री होनी चाहिए। उद्योग विहार का इलाका उद्यमियों का है, क्योंकि इसके विकास के लिए राशि उद्यमियों ने दी है। यह उन्हें मिलना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने करीब 20 साल पहले यहां पार्किंग की जगह की घोषणा थी, जिसे बाद में किसी कंपनी को बेच दिया गया।
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उद्योग विहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के संस्थापक एपी जैन ने कहा कि उद्योग विहार फेज पांच में 12.76 एकड़ जमीन पार्किंग के लिए तय की गई थी। उद्यमियों ने इसके लिए पैसे दिए थे। बाद में इसे करीब 1500 करोड़ रुपये में बेच दिया गया। पार्किंग नहीं होने के कारण लोगों की गाड़ियां उठाई जाती हैं और उनपर चालान होता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। पार्किंग की समस्या से जूझ रहे शहर के पुराने औद्योगिक क्षेत्र उद्योग विहार को आने वाले दिनाें में राहत मिलने वाली है। हरियाणा राज्य औद्योगिक संरचनात्मक विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) ने मल्टीलेवल पार्किंग का प्रस्ताव तैयार कर इसे राज्य सरकार के पास अनुमति के लिए भेजा है। अनुमति के बाद करीब दो साल इसको तैयार होने में लगेंगे। करीब 600 गाड़ियों इसमें पार्क की जा सकेगी।
एचएसआईआईडीसी से डीजीएम अरुण कुमार गर्ग ने बताया कि उद्योग विहार फेज चार में करीब डेढ़ एकड़ जमीन में पार्किंग बनाए जाने का प्रस्ताव है। इसमें जमीन के नीचे तीन और पांच मंजिलें होंगी। उद्योग विहार के एक से पांच फेज तक पूरी तरह पार्किंग की समस्या का हल तो इससे नहीं होगा मगर राहत जरूर मिलेगी। उद्योग विहार पुराना इलाका है और यहां जब इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हुआ तब पार्किंग जैसा मुद्दा नहीं था। पहले जो पार्किंग की जगह तय थी, उसे एचएसआईआईडीसी ने किसी कंपनी को बेच दिया था। उद्यमी हमेशा से इस इलाके में पार्किंग का मुद्दा उठाते रहे हैं।
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पहले भी थी योजना मगर सिरे नहीं चढ़ी
उद्योग विहार चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष अशोक कोहली ने बताया कि यह अच्छी खबर है कि पार्किंग बनेगी। मगर अभी भी एचएसआईआईडीसी कुछ इलाके को पार्किंग की तरह इस्तेमाल कर रही है मगर वहां से वे पार्किंग शुल्क लेते हैं। एचएसआईआईडीसी को यह राशि इलाके के विकास में खर्च करना चाहिए या पार्किंग फ्री होनी चाहिए। उद्योग विहार का इलाका उद्यमियों का है, क्योंकि इसके विकास के लिए राशि उद्यमियों ने दी है। यह उन्हें मिलना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने करीब 20 साल पहले यहां पार्किंग की जगह की घोषणा थी, जिसे बाद में किसी कंपनी को बेच दिया गया।
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उद्योग विहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के संस्थापक एपी जैन ने कहा कि उद्योग विहार फेज पांच में 12.76 एकड़ जमीन पार्किंग के लिए तय की गई थी। उद्यमियों ने इसके लिए पैसे दिए थे। बाद में इसे करीब 1500 करोड़ रुपये में बेच दिया गया। पार्किंग नहीं होने के कारण लोगों की गाड़ियां उठाई जाती हैं और उनपर चालान होता है।