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Gurugram News: दादा की मौत के बाद खाते से निकाल लिए थे रुपये, अब कोर्ट में जमा करनी होगी एफडी
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बेटे ने अदालत में की याचिका दायर, निकाली गई राशि 45 लाख रुपये से ज्यादा
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। दादा की मौत के बाद उनके खाते से नॉमिनी द्वारा रुपये निकालने पर अदालत ने वह रुपये अदालत में जमा करने का आदेश दिया है। बुजुर्ग की मौत के बाद निकाले गए सभी रुपये एफडी के रूप में अदालत में जमा करने होंगे। यह आदेश सिविल जज (जूनियर डिविजन) अपूर्व अरोड़ा की अदालत ने दिया है।
झाड़सा रोड निवासी विवेक चौधरी ने अदालत में दायर की याचिका में बताया कि पिता गुलाब सिंह की दिसंबर 2025 में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उनके भाई विकास धनखड़ के बेटे नवदीप धनखड़ ने दादा गुलाब सिंह की एफडी से रुपये निकाल लिए। नवदीप धनखड़ उस बैंक खाते में नॉमिनी थे। एफडी से निकाली गई राशि 45 लाख रुपये से ज्यादा है।
उनकी दलील है कि पिता की मृत्यु के बाद उनके रुपये सभी उत्तराधिकारियों में बराबर बांटने होंगे। अदालत ने माना कि नवदीप धनखड़ मृतक के प्रथम श्रेणी के कानूनी वारिस नहीं हैं। ऐसे में जितने भी रुपये उन्होंने मृतक के खाते से निकाले हैं। वह एफडी के तौर पर अदालत में जमा करा दें। अब इस मामले में अगली सुनवाई पांच मार्च को होगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। दादा की मौत के बाद उनके खाते से नॉमिनी द्वारा रुपये निकालने पर अदालत ने वह रुपये अदालत में जमा करने का आदेश दिया है। बुजुर्ग की मौत के बाद निकाले गए सभी रुपये एफडी के रूप में अदालत में जमा करने होंगे। यह आदेश सिविल जज (जूनियर डिविजन) अपूर्व अरोड़ा की अदालत ने दिया है।
झाड़सा रोड निवासी विवेक चौधरी ने अदालत में दायर की याचिका में बताया कि पिता गुलाब सिंह की दिसंबर 2025 में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उनके भाई विकास धनखड़ के बेटे नवदीप धनखड़ ने दादा गुलाब सिंह की एफडी से रुपये निकाल लिए। नवदीप धनखड़ उस बैंक खाते में नॉमिनी थे। एफडी से निकाली गई राशि 45 लाख रुपये से ज्यादा है।
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उनकी दलील है कि पिता की मृत्यु के बाद उनके रुपये सभी उत्तराधिकारियों में बराबर बांटने होंगे। अदालत ने माना कि नवदीप धनखड़ मृतक के प्रथम श्रेणी के कानूनी वारिस नहीं हैं। ऐसे में जितने भी रुपये उन्होंने मृतक के खाते से निकाले हैं। वह एफडी के तौर पर अदालत में जमा करा दें। अब इस मामले में अगली सुनवाई पांच मार्च को होगी।
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