{"_id":"6adcfafced96199fcd03a3d4","slug":"misuse-of-solar-pumps-government-to-withdraw-subsidies-gurgaon-news-c-24-1-gur1002-105256-2026-10-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: सोलर पंपों का गलत इस्तेमाल, सरकार वापस लेगी अनुदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: सोलर पंपों का गलत इस्तेमाल, सरकार वापस लेगी अनुदान
विज्ञापन
गुरुग्राम। पीएम कुसुम योजना के तहत लगाए गए सोलर पंपों का नियमों के विरुद्ध उपयोग करने पर सरकार किसानों से अनुदान राशि वापस लेगी। एडीसी सोनू भट्ट ने बताया कि विभाग को सोलर पंप बेचने या गलत जगह स्थापित करने की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने किसानों से ऐसे कार्यों से बचने की अपील की है।
एडीसी ने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों की फसल उत्पादन क्षमता बढ़ाने और खेती की लागत कम करने के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं के तहत किसानों को कई प्रकार की सब्सिडी दी जाती है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग हरियाणा पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर पंप लगाने के लिए विशेष अनुदान प्रदान करता है। इसका उद्देश्य किसानों पर वित्तीय बोझ कम करना और उन्हें पारंपरिक पंपों से मुक्ति दिलाना है।
एडीसी ने कहा कि विभाग को कई शिकायतें मिली हैं। कई किसानों ने अपने सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिए हैं। कुछ किसानों ने इन्हें निर्धारित स्थान के बजाय अन्य जगह स्थापित कर दूसरे कार्यों में उपयोग किया है। जब किसानों को सोलर पंप लगाने की स्वीकृति दी जाती है, तब उनसे लिखित में लिया जाता है। इसमें स्पष्ट होता है कि वे अपने सोलर पंप को न तो बेचेंगे और न ही कहीं और स्थानांतरित करेंगे। यदि वे ऐसा करते हैं, तो सरकार उन्हें दी गई अनुदान राशि वापस ले सकती है। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
एडीसी ने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों की फसल उत्पादन क्षमता बढ़ाने और खेती की लागत कम करने के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं के तहत किसानों को कई प्रकार की सब्सिडी दी जाती है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग हरियाणा पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर पंप लगाने के लिए विशेष अनुदान प्रदान करता है। इसका उद्देश्य किसानों पर वित्तीय बोझ कम करना और उन्हें पारंपरिक पंपों से मुक्ति दिलाना है।
विज्ञापन
एडीसी ने कहा कि विभाग को कई शिकायतें मिली हैं। कई किसानों ने अपने सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिए हैं। कुछ किसानों ने इन्हें निर्धारित स्थान के बजाय अन्य जगह स्थापित कर दूसरे कार्यों में उपयोग किया है। जब किसानों को सोलर पंप लगाने की स्वीकृति दी जाती है, तब उनसे लिखित में लिया जाता है। इसमें स्पष्ट होता है कि वे अपने सोलर पंप को न तो बेचेंगे और न ही कहीं और स्थानांतरित करेंगे। यदि वे ऐसा करते हैं, तो सरकार उन्हें दी गई अनुदान राशि वापस ले सकती है। ब्यूरो
विज्ञापन