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Gurugram News: मेवात विकास बोर्ड को मिलेगी संजीवनी, आज बैठक लेंगे मुख्यमंत्री

Thu, 05 Jun 2025 11:00 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 05 Jun 2025 11:00 PM IST
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Mewat Development Board will get a new lease of life, Chief Minister will hold a meeting today
लंबे समय बाद हो रही बैठक से जिले के लोगों को उम्मीद,
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शेरसिंह डागर, नूंह



अस्सी के दशक में हरियाणा के मेवात क्षेत्र के विकास के लिए मेवात विकास बोर्ड (एमडीबी) का गठन हुआ था। इसकी मदद से मेवात को अन्य जिलों की तरह विकास की पटरी पर दौड़ाने की योजना थी, लेकिन यह कागजी साबित हुई। सरकार और अफसरशाही की अनदेखी के चलते बोर्ड की ओर से किसान, युवा, बुजुर्ग, महिला, विद्यार्थियों के लिए जो योजनाएं चलाई गई थी, उनमें से अधिकांश बंद हो चुकी है। मुख्यमंत्री नायब सैनी पहली बार शुक्रवार को एमडीबी की बैठक लेने जिले में आ रहे है, जिससे लोगों को उम्मीद जगी है।

बता दें कि 1980 में तत्कालीन सरकार ने मेवात को अन्य जिलों के बराबर विकसित करने की नीयत से मेवात विकास बोर्ड का गठन किया था। सरकारी योजनाओं के अलावा बोर्ड का अपना अलग बजट अलॉट किया जाता है। तत्कालीन गुरुग्राम जिले के मेवात क्षेत्र के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए कई परियोजनाएं शुरू की गई थीं। अलग जिला बनने के बाद मेवात विकास बोर्ड में पलवल जिले के हथीन खंड को भी साथ लेते हुए यहां पर मेवात विकास बोर्ड के माध्यम से काफी बजट भी खर्च किया गया।
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चेयरमैन भी नहीं



कई साल पहले खुर्शीद राजाका को चेयरमैन नियुक्त किया था। उनकी नियुक्ति अफसरशाही को रास नहीं आई। कई योजनाओं पर कोई काम नहीं हुआ। चेयरमैन को एक साल के बाद सरकार से दोबारा एक्सटेंशन अभी तक नहीं मिली।
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कई परियोजनाएं की बंद: वर्तमान सरकार ने एमडीबी की मार्फत चलाए जा रहे मेवात मॉडल स्कूलों को अब सरकारी मॉडल स्कूल बनाकर शिक्षा विभाग को सौंप दिया। इन स्कूलों के स्तर में गिरावट साफ तौर पर देखी जा सकती है। महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए जो स्वयं सहायता समूह चलते थे वो डीआरडीए को दे दिए गए, सिलाई केंद्र बंद कर दिए। किसानों को कृषि यंत्रों पर दी जाने वाली सब्सिडी बंद कर दी गई। स्वास्थ्य सेवाओं में कटौती कर दी गई। इसके अलावा कई प्रकार की स्कॉलरशिप बंद पड़ी है। खास बात यह है कि जो बजट 40 करोड़ तक होता था वो घटाकर साढे़ 19 करोड़ पर समेट दिया।

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पांच साल बाद हो रही है बैठक
सरकार बात विकास की करती है लेकिन पौने पांच साल बाद मुख्यमंत्री बोर्ड की बैठक ले रहे हैं। बैठक साल में एक या दो होनी चाहिए। पिछली बैठक नवंबर 2020 में हुई थी। उसके बाद कोई बैठक नहीं हुई। इस बैठक में जिले में ड्राइविंग स्कूल बनाए जाने की स्वीकृति दी गई थी, जो आज तक नहीं बना है।

- तैयब हुसैन घासेडिया
अब एमडीए अपने उद्देश्य से भटक चुकी है। सरकार स्कील डेवलपमेंट पर जोर दे रही है, लेकिन एमडीए की ओर से यहां कोई काम नहीं किया जा रहा है। पहले एक-दो जो प्रोजेक्ट चलते थे, वो बंद कर दिए।

-आसिफ अली समाजसेवी
मेवात मॉडल स्कूलों अब जिले के अन्य सरकारी स्कूलों की तरह बेकार हो चुके है। स्कॉलरशिप बंद है। बैठक होती नहीं, युवाओं के लिए भी फिलहाल कोई योजना नहीं है। बोर्ड विकास करता तो आज नीति आयोग की रिपोर्ट में मेवात आकांक्षी जिलों में नहीं होता।

-सुनील कुमार।







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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ होने वाली बैठक में विकास से संबंधित 18 पहलुओं को शामिल किया गया है। इसमें ड्राइविंग स्कूल, स्कील डवलपमेंट, स्वास्थ्य, शिक्षा के अलावा कृषि सहित कई विभागों से संबंधित हैं। उम्मीद है कि बैठक में बेहतर नतीजे निकलेंगे।



विश्राम मीणा, डीसी नूंह।

फोटो- महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए लाई गई मशीन धूल फांकते हुए।



- एमडीए का कार्यालय।
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