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Gurugram News: मेंटर्स हर माह तय संख्या में शिक्षकों से करेंगे संवाद और अवलोकन
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डाइट, एबीआरसी और बीआरपी मेंटर्स को मिला लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले के सरकारी विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए अब मेंटर्स नियमित रूप से कक्षाओं का अवलोकन कर रहे हैं। इसके तहत शिक्षक के पढ़ाने के तरीके, विद्यार्थियों की भागीदारी, कक्षा का माहौल और सीखने के वातावरण का आकलन किया जा रहा है। विभाग की ओर से करीब 1850 शिक्षकों के नामांकन के निर्देश भी जारी किए गए हैं, ताकि प्रशिक्षण का लाभ अधिक से अधिक शिक्षकों तक पहुंच सके।
डाइट के मेंटर्स को प्रत्येक माह चार विद्यालयों का दौरा करना होगा और प्रत्येक विद्यालय में कम से कम पांच शिक्षकों से मिलकर कक्षा अवलोकन करना होगा। आगामी महीनों में यह संख्या बढ़ाकर प्रत्येक विद्यालय में छह शिक्षकों तक की जाएगी। वहीं एबीआरसी और बीआरपी स्तर के मेंटर्स को इससे अधिक लक्ष्य दिए गए हैं, ताकि जिले के अधिक से अधिक विद्यालयों में कक्षा अवलोकन किया जा सके। कक्षा अवलोकन के दौरान कुल 29 व्यवहारों के आधार पर शिक्षण प्रक्रिया का आकलन किया जाएगा। इनमें कक्षा में पढ़ाई की प्रक्रिया, शिक्षक के शिक्षण कौशल, विद्यार्थियों की भागीदारी, सीखने का वातावरण और विद्यार्थियों के व्यवहार जैसे प्रमुख पहलुओं को शामिल किया गया है।
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हम देखते हैं कि शिक्षक बच्चों को किस तरह पढ़ा रहे हैं, बच्चे पढ़ाई में कितनी रुचि ले रहे हैं और कक्षा में उनका व्यवहार कैसा है। साथ ही यह भी देखा जाता है कि कक्षा का माहौल कैसा है, शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच संवाद कितना अच्छा है और बच्चों को विषय आसानी से समझ आ रहा है या नहीं। - डॉ. ओमबीर यादव, डाइट मेंटर, गुरुग्राम
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले के सरकारी विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए अब मेंटर्स नियमित रूप से कक्षाओं का अवलोकन कर रहे हैं। इसके तहत शिक्षक के पढ़ाने के तरीके, विद्यार्थियों की भागीदारी, कक्षा का माहौल और सीखने के वातावरण का आकलन किया जा रहा है। विभाग की ओर से करीब 1850 शिक्षकों के नामांकन के निर्देश भी जारी किए गए हैं, ताकि प्रशिक्षण का लाभ अधिक से अधिक शिक्षकों तक पहुंच सके।
डाइट के मेंटर्स को प्रत्येक माह चार विद्यालयों का दौरा करना होगा और प्रत्येक विद्यालय में कम से कम पांच शिक्षकों से मिलकर कक्षा अवलोकन करना होगा। आगामी महीनों में यह संख्या बढ़ाकर प्रत्येक विद्यालय में छह शिक्षकों तक की जाएगी। वहीं एबीआरसी और बीआरपी स्तर के मेंटर्स को इससे अधिक लक्ष्य दिए गए हैं, ताकि जिले के अधिक से अधिक विद्यालयों में कक्षा अवलोकन किया जा सके। कक्षा अवलोकन के दौरान कुल 29 व्यवहारों के आधार पर शिक्षण प्रक्रिया का आकलन किया जाएगा। इनमें कक्षा में पढ़ाई की प्रक्रिया, शिक्षक के शिक्षण कौशल, विद्यार्थियों की भागीदारी, सीखने का वातावरण और विद्यार्थियों के व्यवहार जैसे प्रमुख पहलुओं को शामिल किया गया है।
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हम देखते हैं कि शिक्षक बच्चों को किस तरह पढ़ा रहे हैं, बच्चे पढ़ाई में कितनी रुचि ले रहे हैं और कक्षा में उनका व्यवहार कैसा है। साथ ही यह भी देखा जाता है कि कक्षा का माहौल कैसा है, शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच संवाद कितना अच्छा है और बच्चों को विषय आसानी से समझ आ रहा है या नहीं। - डॉ. ओमबीर यादव, डाइट मेंटर, गुरुग्राम
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