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Gurugram News: खरीदारी का केंद्र बना रहा मानेसर का संडे बाजार
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सस्ता सामान खरीदने के लिए 20 किलोमीटर दूर तक के लोग पहुंच रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। मानेसर में रविवार को लगने वाला बाजार दिनोंदिन आम लोगों की सप्ताह भर की खरीदारी का मुख्य केंद्र बन गया है। यहां मानेसर व इसके आसपास के लगभग 20 किलोमीटर दूर तक के लोग हर तरह की खरीदारी करते हैं। इस बाजार में विशेषकर दूसरे राज्यों के वह लोग आते हैं जो कि नौकरीपेशा व मजदूरी करते हैं तथा आसपास के गांवों में किराये के मकानों व झुग्गियों में अपने परिवार के साथ रहते हैं। ऐसे लोगों को लगता है कि यहां अन्य बाजारों की तुलना में सस्ता सामान मिलता है। बाजार में सब्जियां, फल, ड्राई फ्रूट, रेडिमेड कपड़े, जूते, रसोई का सामान, बच्चों के खिलौने, सभी प्रकार के बिना सिले कपड़े व खाद्य पदार्थ मिलते हैं।
2 हजार दुकानदारों को मिलता रोजगार: यह बाजार चाहे एक ही दिन लगता हो लेकिन दो हजार लोग यहां अपनी दुकान लगाकर सप्ताह भर की आजीविका कमा लेते हैं। ज्यादा दुकानें होने के कारण दुकानदार मनमानी कीमत नहीं ले पाते। लगभग 2 लाख लोगों की भीड़ दो किलोमीटर की दूरी में फैले इस बाजार में मन पसंद सामान खरीदकर संतुष्ट होती है। यह बाजार दोपहर बाद दो बजे से शुरू होता है तथा रात के लगभग दस बजे तक लगा रहता है। राष्ट्रीय राजमार्ग नं. 48 के साथ लगने वाले इस बाजार में आने वाले लोगों के वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है।
मनचलों से रहते हैं लोग परेशान: मानेसर के बाजार में सभ्य लोगों के बीच असामाजिक तत्वों की भी भरमार देखी जा सकती है। कहीं जेब कतरे मौके की तलाश में रहते हैं तो कही कुछ बदमाश लोग डरा-धमकाकर दुकानदारों से उगाही भी करते हैं। पुलिस व प्रशासन ने कभी इस ओर ध्यान नहीं दिया है। दस सालों से लगातार लगने वाले इस बाजार में लगातार दुकानदारों व खरीदारों की संख्या बढ़ती जा रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। मानेसर में रविवार को लगने वाला बाजार दिनोंदिन आम लोगों की सप्ताह भर की खरीदारी का मुख्य केंद्र बन गया है। यहां मानेसर व इसके आसपास के लगभग 20 किलोमीटर दूर तक के लोग हर तरह की खरीदारी करते हैं। इस बाजार में विशेषकर दूसरे राज्यों के वह लोग आते हैं जो कि नौकरीपेशा व मजदूरी करते हैं तथा आसपास के गांवों में किराये के मकानों व झुग्गियों में अपने परिवार के साथ रहते हैं। ऐसे लोगों को लगता है कि यहां अन्य बाजारों की तुलना में सस्ता सामान मिलता है। बाजार में सब्जियां, फल, ड्राई फ्रूट, रेडिमेड कपड़े, जूते, रसोई का सामान, बच्चों के खिलौने, सभी प्रकार के बिना सिले कपड़े व खाद्य पदार्थ मिलते हैं।
2 हजार दुकानदारों को मिलता रोजगार: यह बाजार चाहे एक ही दिन लगता हो लेकिन दो हजार लोग यहां अपनी दुकान लगाकर सप्ताह भर की आजीविका कमा लेते हैं। ज्यादा दुकानें होने के कारण दुकानदार मनमानी कीमत नहीं ले पाते। लगभग 2 लाख लोगों की भीड़ दो किलोमीटर की दूरी में फैले इस बाजार में मन पसंद सामान खरीदकर संतुष्ट होती है। यह बाजार दोपहर बाद दो बजे से शुरू होता है तथा रात के लगभग दस बजे तक लगा रहता है। राष्ट्रीय राजमार्ग नं. 48 के साथ लगने वाले इस बाजार में आने वाले लोगों के वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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मनचलों से रहते हैं लोग परेशान: मानेसर के बाजार में सभ्य लोगों के बीच असामाजिक तत्वों की भी भरमार देखी जा सकती है। कहीं जेब कतरे मौके की तलाश में रहते हैं तो कही कुछ बदमाश लोग डरा-धमकाकर दुकानदारों से उगाही भी करते हैं। पुलिस व प्रशासन ने कभी इस ओर ध्यान नहीं दिया है। दस सालों से लगातार लगने वाले इस बाजार में लगातार दुकानदारों व खरीदारों की संख्या बढ़ती जा रही है।
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