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Gurugram News: अधिवक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार करने पर अदालत के गेट पर जड़ा ताला
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जिला सत्र एवं न्यायाधीश के आश्वासन पर खत्म हुआ धरना
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत की तरफ से अधिवक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार करने पर जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने बृहस्पतिवार को अदालत के गेट पर ही ताला जड़ कर विरोध प्रदर्शन किया। इसके साथ ही मजिस्ट्रेट की अदालत का बहिष्कार कर दिया गया। काफी देर तक अधिवक्ता अदालत के बाहर ही धरने पर बैठ गए। हालांकि जिला सत्र एवं न्यायाधीश नरेंद्र सूरा के हस्तक्षेप के बाद अधिवक्ताओं ने धरना खत्म कर दिया। बाद में अधिवक्ताओं का एक प्रति मंडल ने लला जिला सत्र एवं न्यायाधीश के साथ बैठक भी की।
अधिवक्ताओं का कहना है कि ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास रूपम की अदालत अधिवक्ताओं के साथ सही व्यवहार नहीं करती है। उनका कहना है कि अधिवक्ता भी बार का हिस्सा हैं। वह वादियों और अदालत के बीच की कड़ी है। ऐसे में उनके साथ उचित व्यवहार न करना गलत है। करीब दो बजे चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट रजत वर्मा अधिवक्ताओं से बात करने के लिए पहुंचे। उन्होंने अधिवक्ताओं से बातचीत की और जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सुरा से वार्ता के लिए प्रतिनिधिमंडल को आमंत्रित किया। इसके बाद जिला बार एसोसिएशन के वरिष्ठ अधिवक्ता रतन सिंह राघव, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सीके शर्मा, सचिव राहुल धनखड़ और काउंसिल का सदस्य अजय चौधरी, बाल किशन भारद्वाज और सुरेश शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल जिला जज से मिलने पहुंचा। करीब एक घंटे चली वार्ता के बाद अधिवक्ताओं ने न्यायिक अधिकारी के व्यवहार से जुड़ी अपनी समस्या जिला जज के सामने रखीं। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सी के शर्मा ने कहा कि किसी भी अधिवक्ता का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को बाधित करना नहीं है। बेंच और बार के बीच सम्मानजनक संबंध और बेहतर समन्वय जरूरी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत की तरफ से अधिवक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार करने पर जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने बृहस्पतिवार को अदालत के गेट पर ही ताला जड़ कर विरोध प्रदर्शन किया। इसके साथ ही मजिस्ट्रेट की अदालत का बहिष्कार कर दिया गया। काफी देर तक अधिवक्ता अदालत के बाहर ही धरने पर बैठ गए। हालांकि जिला सत्र एवं न्यायाधीश नरेंद्र सूरा के हस्तक्षेप के बाद अधिवक्ताओं ने धरना खत्म कर दिया। बाद में अधिवक्ताओं का एक प्रति मंडल ने लला जिला सत्र एवं न्यायाधीश के साथ बैठक भी की।
अधिवक्ताओं का कहना है कि ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास रूपम की अदालत अधिवक्ताओं के साथ सही व्यवहार नहीं करती है। उनका कहना है कि अधिवक्ता भी बार का हिस्सा हैं। वह वादियों और अदालत के बीच की कड़ी है। ऐसे में उनके साथ उचित व्यवहार न करना गलत है। करीब दो बजे चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट रजत वर्मा अधिवक्ताओं से बात करने के लिए पहुंचे। उन्होंने अधिवक्ताओं से बातचीत की और जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सुरा से वार्ता के लिए प्रतिनिधिमंडल को आमंत्रित किया। इसके बाद जिला बार एसोसिएशन के वरिष्ठ अधिवक्ता रतन सिंह राघव, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सीके शर्मा, सचिव राहुल धनखड़ और काउंसिल का सदस्य अजय चौधरी, बाल किशन भारद्वाज और सुरेश शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल जिला जज से मिलने पहुंचा। करीब एक घंटे चली वार्ता के बाद अधिवक्ताओं ने न्यायिक अधिकारी के व्यवहार से जुड़ी अपनी समस्या जिला जज के सामने रखीं। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सी के शर्मा ने कहा कि किसी भी अधिवक्ता का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को बाधित करना नहीं है। बेंच और बार के बीच सम्मानजनक संबंध और बेहतर समन्वय जरूरी है।
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