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Gurugram News: ग्रामीण कॉलेजों में 50 प्रतिशत से भी कम हुए दाखिले
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आधारभूत सुविधाओं की कमी और पाठ्यक्रम की सीमितता बन रहा कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले में स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया जारी है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सरकारी कॉलेजों में छात्रों की रुचि कम नजर आ रही है। इन कॉलेजों में 50 प्रतिशत सीटें भी नहीं भर पाई हैं जो चिंता का विषय है।
जिले के 10 सरकारी कॉलेजों में अभी भी सीटें खाली हैं। कॉलेज प्रशासन के अनुसार छात्र शहरी क्षेत्रों या बाहरी राज्यों के कॉलेजों की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं, जिसके कारण ग्रामीण कॉलेजों की सीटें नहीं भर पा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि कॉलेजों में आधारभूत सुविधाओं की कमी और पाठ्यक्रम की सीमितता इसके प्रमुख कारण हैं।
दरअसल, रिठौज स्थित राजकीय महाविद्यालय में बीए और बीकॉम पाठ्यक्रमों में कुल 240 सीटें हैं। इनमें अब तक केवल 55 दाखिले हुए हैं। बीए में 16 और बीकॉम में 39 छात्रों ने दाखिला लिया है। वहीं, सिधरावली स्थित कॉलेज में तीन कोर्स चल रहे हैं, जिनमें कुल 117 सीटें भर पाई हैं। सबसे अधिक दाखिले राजनीति विज्ञान विषय में हुए हैं।
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उम्मीद है इस महीने के आखिर में सीटें भर जाएंगी। विद्यार्थी पहले कई जगह अपना फॉर्म भरते हैं। कई बार शहरी कॉलेजों में दाखिला नहीं मिल पाता है। ऐसे में विद्यार्थी ग्रामीण कॉलेज का रुख करेंगे।
-प्रो. अनुपमा यादव, प्राचार्य
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले में स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया जारी है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सरकारी कॉलेजों में छात्रों की रुचि कम नजर आ रही है। इन कॉलेजों में 50 प्रतिशत सीटें भी नहीं भर पाई हैं जो चिंता का विषय है।
जिले के 10 सरकारी कॉलेजों में अभी भी सीटें खाली हैं। कॉलेज प्रशासन के अनुसार छात्र शहरी क्षेत्रों या बाहरी राज्यों के कॉलेजों की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं, जिसके कारण ग्रामीण कॉलेजों की सीटें नहीं भर पा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि कॉलेजों में आधारभूत सुविधाओं की कमी और पाठ्यक्रम की सीमितता इसके प्रमुख कारण हैं।
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दरअसल, रिठौज स्थित राजकीय महाविद्यालय में बीए और बीकॉम पाठ्यक्रमों में कुल 240 सीटें हैं। इनमें अब तक केवल 55 दाखिले हुए हैं। बीए में 16 और बीकॉम में 39 छात्रों ने दाखिला लिया है। वहीं, सिधरावली स्थित कॉलेज में तीन कोर्स चल रहे हैं, जिनमें कुल 117 सीटें भर पाई हैं। सबसे अधिक दाखिले राजनीति विज्ञान विषय में हुए हैं।
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उम्मीद है इस महीने के आखिर में सीटें भर जाएंगी। विद्यार्थी पहले कई जगह अपना फॉर्म भरते हैं। कई बार शहरी कॉलेजों में दाखिला नहीं मिल पाता है। ऐसे में विद्यार्थी ग्रामीण कॉलेज का रुख करेंगे।
-प्रो. अनुपमा यादव, प्राचार्य