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Gurugram News: जंगी एप पर गुर्गों से चैट कर पुलिस को चकमा दे दे रही थी लेडी डॉन
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होटल कारोबारियों से करोड़ों की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने किया गिरफ्तार
- गुरुग्राम में ठिकाना बदल-बदल कर रहती थी मनीषा
मयंक तिवारी
गुरुग्राम। होटल कारोबारियों से करोड़ों की रंगदारी मांगने के मामले में गिरफ्तार लेडी डॉन मनीषा अपने गुर्गों से जंगी एप पर चैट करती थी। इसकी मदद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना नेटवर्क चला रही थी। इस एप के सर्वर को पुलिस भी ट्रैक नहीं कर पाती है। अपने शूटरों को वह एक मोबाइल देती थी, जिसमें यह एप डाउन लोड होता था। उस पर मिलने वाले संदेश के हिसाब से गुर्गे वारदात को अंजाम देते थे।
उसका सगा भाई विदेश में बैठा है। विदेश में बैठे तीन गैंगस्टरों के नाम सामने आए हैं, जिनकी ओर से कारोबारी को रंगदारी के लिए धमकी दी जाती थी। इस धमकी में अमित नेहरा और गैंगस्टर कौशल का भी नाम लिया जाता था। कमिश्नरेट की पुलिस की माने तो होटल व रेस्तरां के कारोबारी उसके निशाने पर होते थे। तीन माह पहले अचानक रंगदारी की कई शिकायत पुलिस को मिली थी। पुलिस उसी मामले की मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया।
पुलिस के निशाने पर हैं स्लीपर सेल के लोग
पुलिस को छानबीन के दौरान पता चला है कि गाड़ौली से लेकर बसई की ओर मनीषा का ठिकाना था। जेल से बाहर आने के बाद गुरुग्राम पुलिस में इसकी कोई तलाश नहीं थी। एक माह पहले विजय उर्फ काला सीआईए मानेसर के हत्थे चढ़ा था। उसके पास मिले मोबाइल से इसका खुलासा हुआ था।
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पहले भी हो चुकी है गिरफ्तार
खांडरा मंडी में रंगदारी का धंधा चल रहा था। दबंगों के पास अदरक और धनिया तक बेचने की मेनोपोली थी। गैंगस्टर जो चाहता था वहीं होता था। उसका आदमी सामान बेचता था और रेट भी वहीं तय करता था। अपराध शाखा की टीम ने इसे क्रैक किया था। इस मामले में सेक्टर 10 में मुकदमा दर्ज कर 2023 में लेडी डॉन को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बादशाहपुर थाना क्षेत्र में पांच साल पहले बुकी विजय बत्रा उर्फ तांत्रिक की गोली मारकर हत्या हुई थी। इस मामले में छानबीन के बाद पुलिस ने मनीषा को गिरफ्तार किया था। इस मामले में वह दो साल जेल में रह चुकी है।
होशियारपुर में घर के सामने चलवाई थी गोली
पंजाब में कौशल गैंग का रुतबा कम होता देख उसने एक कारोबारी से होशियारपुर में रंगदारी मांगी थी। पीड़ित के घर पर शूटरों ने ताबड़तोड़ गोलियां दागी थीं। पंजाब पुलिस ने इस मामले इसे गिरफ्तार कर 14 दिन तक न्यायिक हिरासत में रखा था। बाद में जमानत पर यह बाहर थी।
हाइवे किंग्स पर गोली चलाने के बाद सुर्खियों में आई लेडी डॉन
आठ सितंबर को दो शूटरों ने नीमराना के हाइवे किंग्स पर गोली चलाई थी। पुलिस ने इस मामले में छानबीन के बाद मनीषा का पता चला था। मामले की जांच कर रहे सब इंस्पेक्टर सचिन शर्मा ने बताया कि पूरे मामले की मास्टरमाइंड ही मनीषा है। राजस्थान पुलिस एसटीएफ पुलिस के साथ सीआईए पुलिस तीनों इसके पीछे लगे हुए थे। संयुक्त रुप से छानबीन में इसी दबोचा गया।
क्या है जंगी एप
जंगी एप एक मैसेंजर एप है, जो सर्वर लेस होता है। इसके की गई बातचीत का डेटा सिर्फ यूजर के मोबाइल पर ही स्टोर होता है। यह एप आपके मोबाइल में 10 डिजिट का एक यूनिक नंबर उपलब्ध करवाता है। इसी नंबर की मदद से अपराधी अपने साथियों के साथ बात करते हैं।
वर्जन
मामले की जांच चल रही है। पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ के खुलासे के बाद उसे मदद करने वालों को भी दबोचा जाएगा। - वरुण दहिया, एसीपी क्राइम, गुरुग्राम।
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- गुरुग्राम में ठिकाना बदल-बदल कर रहती थी मनीषा
मयंक तिवारी
गुरुग्राम। होटल कारोबारियों से करोड़ों की रंगदारी मांगने के मामले में गिरफ्तार लेडी डॉन मनीषा अपने गुर्गों से जंगी एप पर चैट करती थी। इसकी मदद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना नेटवर्क चला रही थी। इस एप के सर्वर को पुलिस भी ट्रैक नहीं कर पाती है। अपने शूटरों को वह एक मोबाइल देती थी, जिसमें यह एप डाउन लोड होता था। उस पर मिलने वाले संदेश के हिसाब से गुर्गे वारदात को अंजाम देते थे।
उसका सगा भाई विदेश में बैठा है। विदेश में बैठे तीन गैंगस्टरों के नाम सामने आए हैं, जिनकी ओर से कारोबारी को रंगदारी के लिए धमकी दी जाती थी। इस धमकी में अमित नेहरा और गैंगस्टर कौशल का भी नाम लिया जाता था। कमिश्नरेट की पुलिस की माने तो होटल व रेस्तरां के कारोबारी उसके निशाने पर होते थे। तीन माह पहले अचानक रंगदारी की कई शिकायत पुलिस को मिली थी। पुलिस उसी मामले की मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया।
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पुलिस के निशाने पर हैं स्लीपर सेल के लोग
पुलिस को छानबीन के दौरान पता चला है कि गाड़ौली से लेकर बसई की ओर मनीषा का ठिकाना था। जेल से बाहर आने के बाद गुरुग्राम पुलिस में इसकी कोई तलाश नहीं थी। एक माह पहले विजय उर्फ काला सीआईए मानेसर के हत्थे चढ़ा था। उसके पास मिले मोबाइल से इसका खुलासा हुआ था।
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पहले भी हो चुकी है गिरफ्तार
खांडरा मंडी में रंगदारी का धंधा चल रहा था। दबंगों के पास अदरक और धनिया तक बेचने की मेनोपोली थी। गैंगस्टर जो चाहता था वहीं होता था। उसका आदमी सामान बेचता था और रेट भी वहीं तय करता था। अपराध शाखा की टीम ने इसे क्रैक किया था। इस मामले में सेक्टर 10 में मुकदमा दर्ज कर 2023 में लेडी डॉन को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बादशाहपुर थाना क्षेत्र में पांच साल पहले बुकी विजय बत्रा उर्फ तांत्रिक की गोली मारकर हत्या हुई थी। इस मामले में छानबीन के बाद पुलिस ने मनीषा को गिरफ्तार किया था। इस मामले में वह दो साल जेल में रह चुकी है।
होशियारपुर में घर के सामने चलवाई थी गोली
पंजाब में कौशल गैंग का रुतबा कम होता देख उसने एक कारोबारी से होशियारपुर में रंगदारी मांगी थी। पीड़ित के घर पर शूटरों ने ताबड़तोड़ गोलियां दागी थीं। पंजाब पुलिस ने इस मामले इसे गिरफ्तार कर 14 दिन तक न्यायिक हिरासत में रखा था। बाद में जमानत पर यह बाहर थी।
हाइवे किंग्स पर गोली चलाने के बाद सुर्खियों में आई लेडी डॉन
आठ सितंबर को दो शूटरों ने नीमराना के हाइवे किंग्स पर गोली चलाई थी। पुलिस ने इस मामले में छानबीन के बाद मनीषा का पता चला था। मामले की जांच कर रहे सब इंस्पेक्टर सचिन शर्मा ने बताया कि पूरे मामले की मास्टरमाइंड ही मनीषा है। राजस्थान पुलिस एसटीएफ पुलिस के साथ सीआईए पुलिस तीनों इसके पीछे लगे हुए थे। संयुक्त रुप से छानबीन में इसी दबोचा गया।
क्या है जंगी एप
जंगी एप एक मैसेंजर एप है, जो सर्वर लेस होता है। इसके की गई बातचीत का डेटा सिर्फ यूजर के मोबाइल पर ही स्टोर होता है। यह एप आपके मोबाइल में 10 डिजिट का एक यूनिक नंबर उपलब्ध करवाता है। इसी नंबर की मदद से अपराधी अपने साथियों के साथ बात करते हैं।
वर्जन
मामले की जांच चल रही है। पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ के खुलासे के बाद उसे मदद करने वालों को भी दबोचा जाएगा। - वरुण दहिया, एसीपी क्राइम, गुरुग्राम।