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अपहरण ,फिरौती केस में चार आरोपियों पर दोष सिद्व
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गुरुग्राम। जिला और सत्र न्यायाधीश अश्विनी कुमार ने बृहस्पतिवार को निजी अस्पताल के संचालक के बेटे का अपहरण कर 55 लाख की फिरौती मांगने के केस में चार आरोपियों को दोषी घोषित किया है। जब कि सबूत के अभाव में एक आरोपी को दोष मुक्त कर दिया।
डॉ. एसपी यादव ने सिविल लाइन पुलिस थाना में वर्ष 2019 में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि उनका रेवाड़ी में पुष्पांजलि के नाम से निजी अस्पताल है। वह 16 मार्च को अपने बेटे श्रेयस के साथ गाड़ी में सवार होकर अस्पतालों की देखरेख लिए रेवाड़ी गए थे। लेकिन उनका बेटा देर रात तक नहीं लौटा। देर रात करीब 12 बजे श्रेयस की वाट्सअप कॉल आई कि आपके बेटे का अपहरण कर लिया गया है। इसके बाद बदमाशों ने उनसे 55 लाख रुपये की फिरौती की मांगी और कहा कि अगर पुलिस को बताया को बेेटे को जान से मार देंगे।
किसी तरह रुपये का इंतजाम कर लिया। 17 मार्च को अपहरणकर्ताओं को जिला सोनीपत के अंतर्गत कुंडली स्थित जीटी रोड पर रुपये दे आए। कुछ समय बाद आरोपियों ने उनके बेटे को छोड़ दिया । डर और मानसिक दबाव के कारण घटना के दस दिन बाद सिविल लाइंस थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करा दिया था। पुलिस ने इस मामले में एसटीएफ का गठन कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी। इसी कड़ी में सोनीपत जिले के रहने वाले जोगिंद्र, दीपक शिवकुमार उर्फ शिवा, पानीपत जिले के कमल और लखनऊ निवासी अमितेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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इस मामले में अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर जोगिंद्र, दीपक, कमल और अमितेश को दोषी करार दिया है। जबकि शिव कुमार उर्फ शिवा को दोष मुक्त कर दिया है।
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डॉ. एसपी यादव ने सिविल लाइन पुलिस थाना में वर्ष 2019 में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि उनका रेवाड़ी में पुष्पांजलि के नाम से निजी अस्पताल है। वह 16 मार्च को अपने बेटे श्रेयस के साथ गाड़ी में सवार होकर अस्पतालों की देखरेख लिए रेवाड़ी गए थे। लेकिन उनका बेटा देर रात तक नहीं लौटा। देर रात करीब 12 बजे श्रेयस की वाट्सअप कॉल आई कि आपके बेटे का अपहरण कर लिया गया है। इसके बाद बदमाशों ने उनसे 55 लाख रुपये की फिरौती की मांगी और कहा कि अगर पुलिस को बताया को बेेटे को जान से मार देंगे।
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किसी तरह रुपये का इंतजाम कर लिया। 17 मार्च को अपहरणकर्ताओं को जिला सोनीपत के अंतर्गत कुंडली स्थित जीटी रोड पर रुपये दे आए। कुछ समय बाद आरोपियों ने उनके बेटे को छोड़ दिया । डर और मानसिक दबाव के कारण घटना के दस दिन बाद सिविल लाइंस थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करा दिया था। पुलिस ने इस मामले में एसटीएफ का गठन कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी। इसी कड़ी में सोनीपत जिले के रहने वाले जोगिंद्र, दीपक शिवकुमार उर्फ शिवा, पानीपत जिले के कमल और लखनऊ निवासी अमितेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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इस मामले में अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर जोगिंद्र, दीपक, कमल और अमितेश को दोषी करार दिया है। जबकि शिव कुमार उर्फ शिवा को दोष मुक्त कर दिया है।