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आलोक गुप्ता को न्याय दिलाने के लिए निकाला मौन मार्च
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गुरुग्राम। सड़क दुर्घटना में मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) आलोक गुप्ता की मौत के बाद इंसाफ की मांग तेज हो रही है। उनके परिजनों और शुभचिंतकों ने रविवार को निर्वाणा कोर्टयार्ड सोसाइटी से द क्लोज साउथ तक मौन मार्च निकाला। आरोपी वाहन चालक 17 वर्षीय नाबालिग इसी सोसाइटी में रहता है। मार्च निकालने वाले किशोर और उसके माता-पिता के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उन्होंने काफी देर तक निर्वाणा सोसाइटी के बाहर धरना भी दिया।
इससे पहले आलोक को इंसाफ दिलाने की मांग लेकर पिछले शुक्रवार को गुरुग्राम सहित देशभर के 11 शहरों में शांति मार्च निकाला गया था। मौन मार्च में शामिल लोगों ने बच्चों को वाहन देने वाले अभिभावकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाई। उनका कहना है कि नाबालिग बच्चों को वाहन देने से उनके साथ सड़क पर चलने वाले आम लोगों का जीवन भी खतरे में पड़ जाता है।
आलोक को टक्कर मारने वाला नाबालिग वाहन चालक दोस्त की जन्मदिन पार्टी से सुबह करीब 4 बजे कार लेकर निकला था। कार दोस्त के पिता ने उसे दी थी। नशे में धुत होकर वह ढाई घंटे तक शहर की सड़कों पर गाड़ी दौड़ाता रहा। सुबह करीब साढ़े छह बजे कार साइबर हब में डिवाइडर पार कर सड़क के दूसरी तरफ से आ रही हर्ले डेविडसन बाइक से टकरा गई थी। इसे आलोक गुप्ता चला रहे थे। उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। आरोप है कि पुलिस कार्रवाई के नाम पर महज खानापूर्ति कर रही है।
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इससे पहले आलोक को इंसाफ दिलाने की मांग लेकर पिछले शुक्रवार को गुरुग्राम सहित देशभर के 11 शहरों में शांति मार्च निकाला गया था। मौन मार्च में शामिल लोगों ने बच्चों को वाहन देने वाले अभिभावकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाई। उनका कहना है कि नाबालिग बच्चों को वाहन देने से उनके साथ सड़क पर चलने वाले आम लोगों का जीवन भी खतरे में पड़ जाता है।
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आलोक को टक्कर मारने वाला नाबालिग वाहन चालक दोस्त की जन्मदिन पार्टी से सुबह करीब 4 बजे कार लेकर निकला था। कार दोस्त के पिता ने उसे दी थी। नशे में धुत होकर वह ढाई घंटे तक शहर की सड़कों पर गाड़ी दौड़ाता रहा। सुबह करीब साढ़े छह बजे कार साइबर हब में डिवाइडर पार कर सड़क के दूसरी तरफ से आ रही हर्ले डेविडसन बाइक से टकरा गई थी। इसे आलोक गुप्ता चला रहे थे। उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। आरोप है कि पुलिस कार्रवाई के नाम पर महज खानापूर्ति कर रही है।
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