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Gurugram News: काॅलेजों में सेमिनार, काॅन्फ्रेंस और वर्कशाॅप आयोजित करना जरूरी

Tue, 16 Sep 2025 08:07 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 16 Sep 2025 08:07 PM IST
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It is necessary to organize seminars, conferences and workshops in colleges
निर्धारित प्रक्रिया का पालन न करने पर कॉलेज और प्राचार्य के खिलाफ होगी कार्रवाई
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हर वर्ष नवंबर-दिसंबर माह में कॉलेजों से प्रस्ताव ऑनलाइन ईआरपी पोर्टल पर किए जाएंगे आमंत्रित
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने जिले के सभी सरकारी और निजी कॉलेजों में सेमिनार, कॉन्फ्रेंस और वर्कशॉप आयोजित करने के लिए नया स्टैंडिंग ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी किया है। इसका उद्देश्य शिक्षकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को नवीनतम ज्ञान और कौशल प्रदान करना, विचारों का आदान-प्रदान बढ़ाना और शिक्षा क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहभागिता सुनिश्चित करना है। शिक्षा निदेशालय ने नई शिक्षा नीति के तहत बदलाव होने से कॉलेजों में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए पत्र जारी किया है।
जारी निर्देशों के अनुसार, हर वर्ष नवंबर-दिसंबर माह में कॉलेजों से प्रस्ताव ऑनलाइन ईआरपी (एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग) पोर्टल के माध्यम से आमंत्रित किए जाएंगे। प्रस्ताव में सेमिनार की थीम, उद्देश्य, संभावित तिथियां, प्रतिभागियों की सूची, वक्ताओं के नाम, अनुमानित बजट, पूर्व में आयोजित कार्यक्रमों का विवरण और किसी भी राष्ट्रीय स्तर की स्वीकृति का उल्लेख अनिवार्य होगा।
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उच्च शिक्षा निदेशालय में गठित समिति इन प्रस्तावों की जांच जनवरी-फरवरी में करेगी। चयन में उच्च शिक्षा नीति 2020 की प्रासंगिकता, गुणवत्ता और अकादमिक कठोरता को विशेष महत्व दिया जाएगा।
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कार्यक्रम संपन्न होने के बाद कॉलेजों को 15 दिनों के भीतर उपयोगिता प्रमाणपत्र, व्यय विवरण, रिपोर्ट, फोटोग्राफ और प्रतिभागियों की प्रतिक्रिया प्रस्तुत करनी होगी। बजट सीमा के अंतर्गत राष्ट्रीय सेमिनार/वर्कशॉप पर 60,000 रुपये प्रतिदिन और अंतरराष्ट्रीय सेमिनार पर 1,00,000 रुपये प्रतिदिन की स्वीकृति मिलेगी।


विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन न करने पर संबंधित कॉलेज और प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह एसओपी हर साल समीक्षा और अद्यतन की जाएगी ताकि शिक्षा जगत की उभरती जरूरतों के अनुसार इसे लागू किया जा सके।
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