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हवाई जहाज से गुजरात से घूस लेने पहुंचा था इंस्पेक्टर
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गुरुग्राम। जेल से छुड़ाने में मदद के नाम पर घूस लेने वाला गुजरात पुलिस का इंस्पेक्टर हवाई जहाज से गुरुग्राम आया था। जहां पर गेस्ट हाउस में मिलने के बाद उसे सुबह की फ्लाइट से वापस जाना था लेकिन राज्य चौकसी ब्यूूरो की टीम ने उसे दो लाख रुपये के साथ गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को टीम ने आरोपी इंस्पेक्टर को अदालत में पेश किया। जहां पर अदालत ने उसे जेल भेज दिया है।
डीएलएफ पेस वन में रहने वाले संदीप पुरी ने राज्य चौकसी ब्यूूूरो को बताया कि उनका भतीजा अमरेन्द्रर पुरी फरीदाबाद में रहता था। गुजरात के नर्मदा जिले की पुलिस उसे 20 फरवरी को फर्जी डिग्री के मामले में पकड़कर ले गई थी। वहां पर तैनात थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जगदीश चौधरी ने उनसे घूस के एक लाख रुपये लिए थे और अब दो लाख रुपये लेने के लिए गुरुग्राम आया था। उन्होंने इसकी शिकायत पहले ही कर रखी थी। यहां आने पर डीएसपी राज्य चौकसी ब्यूरो रोहतक सुमित कुमार के नेतृत्व में उसे रविवार देर रात सेक्टर-49 के गेस्ट हाउस से गिरफ्तार किया गया। विजिलेंस ने आरोपी को अदालत में पेश किया। जहां पर उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया है।
तीन साल पहले बने इंस्पेक्टर को मिला था पहली बार थाना प्रभारी का चार्ज
छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि तीन साल पहले इंस्पेक्टर की सीधी भर्ती की परीक्षा पास करने के बाद उसका गुजरात पुलिस में इंस्पेक्टर के पद पर चयन हुआ था। जनवरी 22 में पहली बार नर्मदा जिले के थाने में उसकी तैनाती टीआई यानी थाना प्रभारी के रूप में हुई है।
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एक लाख रुपये लेने का वीडियो व रिकार्डिंग पहले थे विजिलेंस के पास
शिकायतकर्ता ने विजिलेंस के टोल फ्री नंबर पर पूरी जानकारी दी थी। जिसके बाद रोहतक के डीएसपी सुमित कुमार को मामले की जांच सौंपी गई थी। शिकायतकर्ता ने खुद जांच रोहतक से कराने की मांग की थी।
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डीएलएफ पेस वन में रहने वाले संदीप पुरी ने राज्य चौकसी ब्यूूूरो को बताया कि उनका भतीजा अमरेन्द्रर पुरी फरीदाबाद में रहता था। गुजरात के नर्मदा जिले की पुलिस उसे 20 फरवरी को फर्जी डिग्री के मामले में पकड़कर ले गई थी। वहां पर तैनात थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जगदीश चौधरी ने उनसे घूस के एक लाख रुपये लिए थे और अब दो लाख रुपये लेने के लिए गुरुग्राम आया था। उन्होंने इसकी शिकायत पहले ही कर रखी थी। यहां आने पर डीएसपी राज्य चौकसी ब्यूरो रोहतक सुमित कुमार के नेतृत्व में उसे रविवार देर रात सेक्टर-49 के गेस्ट हाउस से गिरफ्तार किया गया। विजिलेंस ने आरोपी को अदालत में पेश किया। जहां पर उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया है।
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तीन साल पहले बने इंस्पेक्टर को मिला था पहली बार थाना प्रभारी का चार्ज
छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि तीन साल पहले इंस्पेक्टर की सीधी भर्ती की परीक्षा पास करने के बाद उसका गुजरात पुलिस में इंस्पेक्टर के पद पर चयन हुआ था। जनवरी 22 में पहली बार नर्मदा जिले के थाने में उसकी तैनाती टीआई यानी थाना प्रभारी के रूप में हुई है।
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एक लाख रुपये लेने का वीडियो व रिकार्डिंग पहले थे विजिलेंस के पास
शिकायतकर्ता ने विजिलेंस के टोल फ्री नंबर पर पूरी जानकारी दी थी। जिसके बाद रोहतक के डीएसपी सुमित कुमार को मामले की जांच सौंपी गई थी। शिकायतकर्ता ने खुद जांच रोहतक से कराने की मांग की थी।