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Gurugram News: द्वारका एक्सप्रेसवे क्षेत्र में एसटीपी और औद्योगिक इकाइयों की जांच, नोटिस

Fri, 08 May 2026 01:12 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 08 May 2026 01:12 AM IST
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Inspection of STPs and Industrial Units in Dwarka Expressway Area; Notices Issued
प्रदूषण मानकों की अनदेखी पर एचएसपीसीबी की ओर से होगी सख्त कार्रवाई
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। यमुना एक्शन प्लान के तहत हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) द्वारा द्वारका एक्सप्रेसवे और आसपास के क्षेत्रों में स्थित ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं एवं औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया गया। यह कार्रवाई एचएसपीसीबी चेयरमैन की अध्यक्षता में हुई बैठक में जारी निर्देशों के अनुपालन में 6 और 7 मई को की गई। निरीक्षण का उद्देश्य आवासीय परियोजनाओं में स्थापित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की कार्यप्रणाली की जांच करना तथा आसपास संचालित अवैध औद्योगिक इकाइयों की पहचान करना था।
निरीक्षण के दौरान सेक्टर-111 स्थित लोटस होम्ज अफोर्डेबल ग्रुप हाउसिंग कॉलोनी के एसटीपी में अनियमितताएं पाई गईं। बोर्ड की टीम ने एसटीपी के इनलेट और आउटलेट के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। रिपोर्ट आने तक संबंधित इकाई को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही पटौदी रोड स्थित हरियाणा मेटल यूनिट को भी नोटिस जारी किया गया है।
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एचएसपीसीबी अधिकारियों ने बताया कि निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण और पर्यावरणीय मानकों की निगरानी के लिए लगाए गए वेब कैमरे कई स्थानों पर बंद पाए गए। इस संबंध में 58 निर्माण स्थलों को क्लोजर एवं पर्यावरण क्षतिपूर्ति लगाने हेतु कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने या उल्लंघन जारी रहने पर संबंधित इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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इसके अतिरिक्त 7 मई को एचएसपीसीबी के क्षेत्रीय कार्यालय, गुरुग्राम (उत्तर) में औद्योगिक संगठनों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी औद्योगिक इकाइयों को अपने एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) का सही संचालन एवं रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि यदि कोई इकाई बिना उपचारित दूषित जल का अवैध रूप से डिस्चार्ज करती पाई गई तो उसके खिलाफ पर्यावरण क्षतिपूर्ति और अभियोजन की कार्रवाई की जाएगी।
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