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Gurugram News: फिर बढ़ा अवैध खनन, पुलिस के दावों पर उठे सवाल
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-किया था अवैध खनन के रास्तों को बंद करने का दावा, उन्हीं पर दौड़ रहीं ट्रैक्टर ट्रॉलियां
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। सदर थाना सीमा क्षेत्र में अवैध खनन एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस द्वारा कुछ दिन पहले अवैध खनन पर रोक लगाने के बड़े दावे किए गए थे, लेकिन अब सामने आ रही घटनाओं ने इन दावों की पोल खोल दी है। गुरुवार सुबह गांव चीला क्षेत्र से अवैध खनन सामग्री से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को दौड़ते हुए देखा गया, जिसके बाद यह सवाल खड़ा हो गया कि जब पुलिस ने अरावली क्षेत्र के कई रास्तों को जेसीबी मशीन से खुदवाकर अवरुद्ध करने का दावा किया था, तो फिर यह वाहन खनन क्षेत्र तक कैसे पहुंचा और वापस सामग्री भरकर कैसे लौट आया।
गांव चीला पहाड़ और पंचगांव पहाड़ क्षेत्र में लगातार अवैध खनन किया जा रहा है। खास बात यह है कि यह वही संवेदनशील इलाका है जहां वर्ष 2022 में अवैध खनन रोकने पहुंचे डीएसपी को खनन माफियाओं ने वाहन से कुचल दिया था। इतनी बड़ी घटना के बाद भी दोबारा उसी क्षेत्र में अवैध खनन की गतिविधियां सामने आना पुलिस प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती माना जा रहा है। करीब एक सप्ताह पहले भी अवैध खनन की सूचनाएं सामने आने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची थी और जेसीबी मशीन की सहायता से कई संभावित रास्तों को खोदकर बंद करने की कार्रवाई की गई थी। इसके बाद पुलिस ने दावा किया था कि क्षेत्र में अवैध खनन पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है।
हालांकि इसके बाद भी मिट्टी के अवैध खनन की खबरें आती रहीं और अब गुरुवार को ट्रैक्टर-ट्रॉली दिखाई देने से पुलिस के दावों पर सवाल उठने लगे हैं। पूरे मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अवैध खनन को रोकने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन लगातार गंभीरता से कार्य कर रहे हैं और इस तरह की गतिविधियों को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। सदर थाना सीमा क्षेत्र में अवैध खनन एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस द्वारा कुछ दिन पहले अवैध खनन पर रोक लगाने के बड़े दावे किए गए थे, लेकिन अब सामने आ रही घटनाओं ने इन दावों की पोल खोल दी है। गुरुवार सुबह गांव चीला क्षेत्र से अवैध खनन सामग्री से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को दौड़ते हुए देखा गया, जिसके बाद यह सवाल खड़ा हो गया कि जब पुलिस ने अरावली क्षेत्र के कई रास्तों को जेसीबी मशीन से खुदवाकर अवरुद्ध करने का दावा किया था, तो फिर यह वाहन खनन क्षेत्र तक कैसे पहुंचा और वापस सामग्री भरकर कैसे लौट आया।
गांव चीला पहाड़ और पंचगांव पहाड़ क्षेत्र में लगातार अवैध खनन किया जा रहा है। खास बात यह है कि यह वही संवेदनशील इलाका है जहां वर्ष 2022 में अवैध खनन रोकने पहुंचे डीएसपी को खनन माफियाओं ने वाहन से कुचल दिया था। इतनी बड़ी घटना के बाद भी दोबारा उसी क्षेत्र में अवैध खनन की गतिविधियां सामने आना पुलिस प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती माना जा रहा है। करीब एक सप्ताह पहले भी अवैध खनन की सूचनाएं सामने आने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची थी और जेसीबी मशीन की सहायता से कई संभावित रास्तों को खोदकर बंद करने की कार्रवाई की गई थी। इसके बाद पुलिस ने दावा किया था कि क्षेत्र में अवैध खनन पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है।
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हालांकि इसके बाद भी मिट्टी के अवैध खनन की खबरें आती रहीं और अब गुरुवार को ट्रैक्टर-ट्रॉली दिखाई देने से पुलिस के दावों पर सवाल उठने लगे हैं। पूरे मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अवैध खनन को रोकने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन लगातार गंभीरता से कार्य कर रहे हैं और इस तरह की गतिविधियों को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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