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Gurugram News: अवैध निर्माण मामले की दोबारा होगी सुनवाई
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सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व आदेश को रद किया
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सुप्रीम कोर्ट ने डीएलएफ फेज-एक में अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व आदेश को रद करते हुए मामले की दोबारा सुनवाई के निर्देश दिए हैं। इस मामले में सुनवाई 28 अक्तूबर को हुई थी, लेकिन लिखित आदेश मंगलवार को जारी किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अवैध निर्माण और रिहायशी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां किसी भी तरह से जायज नहीं हैं, लेकिन ऐसे मामलों में कार्रवाई तभी की जा सकती है, जब सभी संबंधित पक्षों को अपनी बात रखने का पूरा मौका दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट का पुराना आदेश रद कर दिया है और संबंधित याचिकाओं को बहाल कर दिया है। बता दें कि इस मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश में डीटीपीई ने कार्रवाई की थी। इसमें करीब 4500 मकानों पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सभी को फिलहाल राहत है।
ये है मामला
डीएलएफ सिटी आरडब्ल्यूए ने साल 2020 में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने डीएलएफ इलाके का सर्वे कर कार्रवाई के आदेश जारी किए थे। जिला नगर योजनाकार के प्रवर्तन शाखा (डीटीपीई) की तरफ से डीएलएफ इलाके में चल रही गतिविधियों को लेकर टीम गठित की गई और सर्वे शुरू कराया गया था। डीएलएफ फेज पांच में 81 ईडब्ल्यूएस मकानों की ओसी रद्द कर दी गई थी। आरोप है कईयों में पीजी, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट, जनरल स्टोर, ब्यूटी पार्लर, सैलून, कमर्शियल प्रयोग, क्लीनिक समेत विभिन्न प्रकार की गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सुप्रीम कोर्ट ने डीएलएफ फेज-एक में अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व आदेश को रद करते हुए मामले की दोबारा सुनवाई के निर्देश दिए हैं। इस मामले में सुनवाई 28 अक्तूबर को हुई थी, लेकिन लिखित आदेश मंगलवार को जारी किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अवैध निर्माण और रिहायशी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां किसी भी तरह से जायज नहीं हैं, लेकिन ऐसे मामलों में कार्रवाई तभी की जा सकती है, जब सभी संबंधित पक्षों को अपनी बात रखने का पूरा मौका दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट का पुराना आदेश रद कर दिया है और संबंधित याचिकाओं को बहाल कर दिया है। बता दें कि इस मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश में डीटीपीई ने कार्रवाई की थी। इसमें करीब 4500 मकानों पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सभी को फिलहाल राहत है।
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ये है मामला
डीएलएफ सिटी आरडब्ल्यूए ने साल 2020 में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने डीएलएफ इलाके का सर्वे कर कार्रवाई के आदेश जारी किए थे। जिला नगर योजनाकार के प्रवर्तन शाखा (डीटीपीई) की तरफ से डीएलएफ इलाके में चल रही गतिविधियों को लेकर टीम गठित की गई और सर्वे शुरू कराया गया था। डीएलएफ फेज पांच में 81 ईडब्ल्यूएस मकानों की ओसी रद्द कर दी गई थी। आरोप है कईयों में पीजी, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट, जनरल स्टोर, ब्यूटी पार्लर, सैलून, कमर्शियल प्रयोग, क्लीनिक समेत विभिन्न प्रकार की गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है।
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