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रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं तो जुर्माना लगेगा और ओसी होगी निरस्त
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गुरुग्राम। आगामी 15 जून तक सभी सरकारी, व्यावसायिक और निजी भवनों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना जरूरी है। इसके बाद होने वाली प्रशासनिक जांच में सिस्टम नहीं मिलने पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जाएगा। ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट भी निरस्त किया जा सकता है। जिला उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने इस संबंध में नगर निगम, एचएसवीपी, जिला नगर योजनाकार विभाग के अधिकार क्षेत्र में आने वाले आवासीय भवनों, ग्रुप हाउस, सोसाइटी, संस्थानों, स्कूलों, होटलों व औद्योगिक प्रतिष्ठानों के नाम लिखित आदेश जारी कर दिया गया है।
डीसी ने कहा कि नियमानुसार जहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को स्थापित करने की आवश्यकता है, वहां उसे लगवाएं। 15 जून के बाद जांच के दौरान यदि सिस्टम नहीं मिला तो उस संस्थान अथवा भवन मालिक पर जुर्माना लगाया जाएगा। नियमों के उल्लंघन के तहत उसका ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट भी निरस्त किया जा सकता है। नियमों व आदेशों का पालन नहीं करने वाले व्यक्ति अथवा संस्थान के विरुद्ध कानून के प्रावधान के अनुसार बहुत सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। क्षेत्र में भूजल संसाधन को और कम होने से बचाने के लिए ये सिस्टम जरूरी है, इसलिए सामूहिक प्रयास करने होंगे।
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बॉक्स:
इन भवनों में होगा जरूरी
हरियाणा बिल्डिंग कोड- 2017 के खंड 8.1 (1) के अनुसार जिस छत का क्षेत्रफल 100 वर्गमीटर से अधिक है, वहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य है। खंड 8,1 (2) के अनुसार भूजल का पुनर्भरण न केवल आवासीय बल्कि सभी भवनों के लिए अनिवार्य है। 500 वर्गमीटर और उससे अधिक के भूखंड क्षेत्र वाली ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी में भी इसको जरूरी कर दिया गया है।
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डीसी ने कहा कि नियमानुसार जहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को स्थापित करने की आवश्यकता है, वहां उसे लगवाएं। 15 जून के बाद जांच के दौरान यदि सिस्टम नहीं मिला तो उस संस्थान अथवा भवन मालिक पर जुर्माना लगाया जाएगा। नियमों के उल्लंघन के तहत उसका ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट भी निरस्त किया जा सकता है। नियमों व आदेशों का पालन नहीं करने वाले व्यक्ति अथवा संस्थान के विरुद्ध कानून के प्रावधान के अनुसार बहुत सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। क्षेत्र में भूजल संसाधन को और कम होने से बचाने के लिए ये सिस्टम जरूरी है, इसलिए सामूहिक प्रयास करने होंगे।
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इन भवनों में होगा जरूरी
हरियाणा बिल्डिंग कोड- 2017 के खंड 8.1 (1) के अनुसार जिस छत का क्षेत्रफल 100 वर्गमीटर से अधिक है, वहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य है। खंड 8,1 (2) के अनुसार भूजल का पुनर्भरण न केवल आवासीय बल्कि सभी भवनों के लिए अनिवार्य है। 500 वर्गमीटर और उससे अधिक के भूखंड क्षेत्र वाली ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी में भी इसको जरूरी कर दिया गया है।
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