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कोरोना संक्रमण ने पकड़ी रफ्तार तो जांच व टीकाकरण में आई तेजी
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गुरुग्राम। जिले में कोरोना की दूसरी लहर वैसे तो मार्च की शुरुआत से ही तेज होने लगी थी लेकिन अप्रैल में यह बेकाबू हो गई। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी संक्रमण को रोकने के लिए न सिर्फ कोरोना जांच की संख्या बढ़ाई बल्कि टीकाकरण अभियान भी तेज कर दिया।
हालांकि, टीकाकरण के लिए बीच-बीच में अभियान चलाया गया और इसके तहत रोजाना 10 हजार से ज्यादा लोगों को टीका लगाया गया तो रोजाना होने वाली जांच की संख्या भी 5 हजार के आंकड़े को पार कर गई। नतीजा यह रहा कि अप्रैल के शुुरुआती 10 दिनों में रोजाना 5956 लोगों की जांच की गई तो इससे कहीं ज्यादा प्रतिदिन 11 हजार लोगों को वैक्सीन लगाई गई।
अप्रैल की शुरुआत के साथ ही कोरोना संक्रमण बेकाबू हो चुका है और शुरुआती 9 दिनों में ही जिले में रोजाना 575 मरीजों के हिसाब से कुल 5180 नए मरीज आ गए। वहीं, महज 280 हिसाब से सिर्फ 2528 मरीजों को स्वस्थ घोषित किया गया है। वहीं, मार्च की बात करें तो अप्रैल के मुकाबले कोरोना का प्रभाव फिर भी काफी कम था। मार्च में रोजाना महज 129 नए मरीज आए तो उससे कुछ ही कम 83 संक्रमितों को स्वस्थ घोषित किया गया।
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अप्रैल में हुआ रिकॉर्ड टीकाकरण
टीकाकरण की बात करें तो पिछले 10 दिनों में रिकॉर्ड 1 लाख 10 हजार 177 लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया है। वहीं, इन्हीं 10 दिनों में रोजाना 5956 लोगों की जांच हुई और कुल 59 हजार 560 लोगों की कोरोना जांच कर दी गई। मार्च में रोजाना होने वाली जांच की संख्या 4363 थी।
अप्रैल में कोरोना की रफ्तार किस गति से बढ़ी है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अप्रैल के शुरुआती 9 दिनों में ही 5180 नए मरीज आ गए जबकि मार्च के पूरे एक माह में सिर्फ 4020 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। 31 मार्च तक 2 लाख 8 हजार 228 लोगों को टीका लगाया जा चुका था और अब यह संख्या 3 लाख 18 हजार 405 तक पहुंच चुकी है।
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हालांकि, टीकाकरण के लिए बीच-बीच में अभियान चलाया गया और इसके तहत रोजाना 10 हजार से ज्यादा लोगों को टीका लगाया गया तो रोजाना होने वाली जांच की संख्या भी 5 हजार के आंकड़े को पार कर गई। नतीजा यह रहा कि अप्रैल के शुुरुआती 10 दिनों में रोजाना 5956 लोगों की जांच की गई तो इससे कहीं ज्यादा प्रतिदिन 11 हजार लोगों को वैक्सीन लगाई गई।
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अप्रैल की शुरुआत के साथ ही कोरोना संक्रमण बेकाबू हो चुका है और शुरुआती 9 दिनों में ही जिले में रोजाना 575 मरीजों के हिसाब से कुल 5180 नए मरीज आ गए। वहीं, महज 280 हिसाब से सिर्फ 2528 मरीजों को स्वस्थ घोषित किया गया है। वहीं, मार्च की बात करें तो अप्रैल के मुकाबले कोरोना का प्रभाव फिर भी काफी कम था। मार्च में रोजाना महज 129 नए मरीज आए तो उससे कुछ ही कम 83 संक्रमितों को स्वस्थ घोषित किया गया।
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अप्रैल में हुआ रिकॉर्ड टीकाकरण
टीकाकरण की बात करें तो पिछले 10 दिनों में रिकॉर्ड 1 लाख 10 हजार 177 लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया है। वहीं, इन्हीं 10 दिनों में रोजाना 5956 लोगों की जांच हुई और कुल 59 हजार 560 लोगों की कोरोना जांच कर दी गई। मार्च में रोजाना होने वाली जांच की संख्या 4363 थी।
अप्रैल में कोरोना की रफ्तार किस गति से बढ़ी है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अप्रैल के शुरुआती 9 दिनों में ही 5180 नए मरीज आ गए जबकि मार्च के पूरे एक माह में सिर्फ 4020 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। 31 मार्च तक 2 लाख 8 हजार 228 लोगों को टीका लगाया जा चुका था और अब यह संख्या 3 लाख 18 हजार 405 तक पहुंच चुकी है।