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Gurugram News: एचएसवीपी मेट्रो परियोजना भूमि अधिग्रहण विवाद सुलझाने में जुटा, प्रभावितों की तीसरी सुनवाई जल्द
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- कन्हई, इस्लामपुर और बसई में 10,883 वर्ग मीटर भूमि खरीद प्रक्रिया जारी, 101 परिवारों पर असर
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण मेट्रो परियोजना के लिए निजी भूमि अधिग्रहण से जुड़े विवादों को जल्द सुलझाने में जुटा है। प्रभावित लोगों की शिकायतों पर दो बार सुनवाई हो चुकी है। अब तीसरी बार भी उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया गया है। कई प्रभावित लोगों ने जमीन के बदले जमीन और मेट्रो परियोजना में नौकरी देने की मांग उठाई है।
इस्लामपुर निवासी विरेंद्र ठाकरान, भगवान सिंह, धर्मेंद्र, जितेंद्र और जोगेंद्र ने बताया कि मेट्रो डिपो के निर्माण के लिए उनके पुश्तैनी प्लॉट और मकानों का अधिग्रहण किया जा रहा है। उनका आरोप है कि उन्हें बाजार मूल्य से काफी कम मुआवजा देने का प्रस्ताव है। उनका कहना है कि एचएसवीपी व प्रशासन उनकी शिकायत पर दो बार सुनवाई कर चुका है और अब तीसरी बार सुनवाई के लिए बुलाया गया है। प्रभावित लोगों की मांग है कि सरकार मुआवजे के साथ उन्हें वैकल्पिक प्लॉट या मकान उपलब्ध कराए। उनका कहना है कि यदि मार्बल मार्केट को वैकल्पिक जमीन उपलब्ध कराई जा सकती है तो प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की भी व्यवस्था की जानी चाहिए। इसके अलावा बसई और अन्य क्षेत्रों के निवासियों ने भी समिति के समक्ष अपनी शिकायतें दर्ज कराई हैं। एचएसवीपी के अनुसार, प्रत्यक्ष क्रय विधि के तहत गांव कन्हई, इस्लामपुर और बसई में स्थित कुल 10,883.37 वर्ग मीटर निजी भूमि खरीदी जानी है। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) की ओर से मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक निर्माण कार्य चल रहा है। इस कॉरिडोर पर विभिन्न स्थानों पर मेट्रो स्टेशन और डिपो के निर्माण के लिए निजी भूमि की आवश्यकता है।
कहां कितनी जमीन की जरूरत-
गांव कन्हई में 534 वर्ग मीटर भूमि की आवश्यकता है। इस्लामपुर में 1,881, 376.26, 2,759.22 और 3,637.15 वर्ग मीटर भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है। वहीं बसई में 304, 735, 43.50, 28, 293.58, 139.16 और 152.50 वर्ग मीटर भूमि खरीदी जाएगी। कुल 101 लोगों की आवासीय भूमि इस परियोजना से प्रभावित होगी, जबकि शेष भूमि खाली भूखंड के रूप में है। गांव कन्हई, इस्लामपुर और बसई में कुल 10,883.37 वर्ग मीटर निजी भूमि की खरीद की प्रक्रिया चल रही है। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी उपायुक्त की अध्यक्षता वाली 11 सदस्यीय समिति कर रही है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण मेट्रो परियोजना के लिए निजी भूमि अधिग्रहण से जुड़े विवादों को जल्द सुलझाने में जुटा है। प्रभावित लोगों की शिकायतों पर दो बार सुनवाई हो चुकी है। अब तीसरी बार भी उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया गया है। कई प्रभावित लोगों ने जमीन के बदले जमीन और मेट्रो परियोजना में नौकरी देने की मांग उठाई है।
इस्लामपुर निवासी विरेंद्र ठाकरान, भगवान सिंह, धर्मेंद्र, जितेंद्र और जोगेंद्र ने बताया कि मेट्रो डिपो के निर्माण के लिए उनके पुश्तैनी प्लॉट और मकानों का अधिग्रहण किया जा रहा है। उनका आरोप है कि उन्हें बाजार मूल्य से काफी कम मुआवजा देने का प्रस्ताव है। उनका कहना है कि एचएसवीपी व प्रशासन उनकी शिकायत पर दो बार सुनवाई कर चुका है और अब तीसरी बार सुनवाई के लिए बुलाया गया है। प्रभावित लोगों की मांग है कि सरकार मुआवजे के साथ उन्हें वैकल्पिक प्लॉट या मकान उपलब्ध कराए। उनका कहना है कि यदि मार्बल मार्केट को वैकल्पिक जमीन उपलब्ध कराई जा सकती है तो प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की भी व्यवस्था की जानी चाहिए। इसके अलावा बसई और अन्य क्षेत्रों के निवासियों ने भी समिति के समक्ष अपनी शिकायतें दर्ज कराई हैं। एचएसवीपी के अनुसार, प्रत्यक्ष क्रय विधि के तहत गांव कन्हई, इस्लामपुर और बसई में स्थित कुल 10,883.37 वर्ग मीटर निजी भूमि खरीदी जानी है। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) की ओर से मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक निर्माण कार्य चल रहा है। इस कॉरिडोर पर विभिन्न स्थानों पर मेट्रो स्टेशन और डिपो के निर्माण के लिए निजी भूमि की आवश्यकता है।
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कहां कितनी जमीन की जरूरत-
गांव कन्हई में 534 वर्ग मीटर भूमि की आवश्यकता है। इस्लामपुर में 1,881, 376.26, 2,759.22 और 3,637.15 वर्ग मीटर भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है। वहीं बसई में 304, 735, 43.50, 28, 293.58, 139.16 और 152.50 वर्ग मीटर भूमि खरीदी जाएगी। कुल 101 लोगों की आवासीय भूमि इस परियोजना से प्रभावित होगी, जबकि शेष भूमि खाली भूखंड के रूप में है। गांव कन्हई, इस्लामपुर और बसई में कुल 10,883.37 वर्ग मीटर निजी भूमि की खरीद की प्रक्रिया चल रही है। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी उपायुक्त की अध्यक्षता वाली 11 सदस्यीय समिति कर रही है।
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