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Gurugram News: 40 साल बाद जगी उम्मीद, रेवासन गांव की पेयजल समस्या के समाधान को मिली मंजूरी

Wed, 24 Jun 2026 12:14 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 24 Jun 2026 12:14 AM IST
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Hope rekindled after 40 years: Approval granted to resolve the drinking water problem in Revasan village.
स्थायी व्यवस्था पर पांच करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च होगी
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। नूंह जिले के रेवासन गांव में चार दशक से पेयजल की किल्लत झेल रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। गांव में स्थायी पेयजल व्यवस्था के लिए पांच करोड़ रुपये से अधिक की राशि मंजूर हो गई है। इससे पूरे गांव में खुशी और उम्मीद का माहौल है।

करीब 12 हजार की आबादी वाले रेवासन गांव में आज तक पर्याप्त पेयजल व्यवस्था नहीं हो सकी थी। हालात इतने गंभीर हैं कि अधिकांश परिवारों को पानी खरीदकर अपनी जरूरतें पूरी करनी पड़ती हैं। गांव के घरों में बने बड़े-बड़े कुंड इस बात की गवाही देते हैं कि यहां पानी केवल जरूरत नहीं, बल्कि रोज की जंग है। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मियों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब पानी की मांग बढ़ जाती है और टैंकरों पर निर्भरता मजबूरी बन जाती है।
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गांव के सरपंच साजिद के अनुसार गांव में लगभग 900 घर हैं, जिनमें करीब 800 घरों में पानी संग्रह करने के लिए कुंड बने हुए हैं। एक टैंकर का खर्च करीब 1400 रुपये आता है, जो मुश्किल से 25 दिन तक चलता है। यदि पूरे गांव का हिसाब लगाया जाए तो ग्रामीण हर वर्ष लगभग एक करोड़ 34 लाख रुपये केवल पानी खरीदने पर खर्च कर देते हैं।
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गांव में पहले से बने दो पानी के चैंबर आज बदहाली की कहानी बयान कर रहे हैं। वर्षों से रखरखाव नहीं होने के कारण ये ढांचे जर्जर हो चुके हैं। ग्रामीणों ने कई बार विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने अपनी पीड़ा रखी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया। समय बीतता गया और गांव की प्यास बढ़ती गई।

ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच साजिद ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए लगातार प्रयास किए। अधिकारियों और संबंधित विभागों के समक्ष गांव की वास्तविक स्थिति रखी गई। आखिरकार इन प्रयासों का परिणाम सामने आया और गांव के लिए पांच करोड़ रुपये से अधिक की पेयजल परियोजना को मंजूरी मिल गई। अब ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू कराया जाए ताकि वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान हो सके। रेवासन के बुजुर्गों का कहना है कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी पानी की समस्या के बीच गुजारी है। वहीं युवा पीढ़ी को उम्मीद है कि अब उनके बच्चों को वह कठिन दौर नहीं देखना पड़ेगा, जो उन्होंने देखा है।


बचपन से लेकर आज तक पानी की परेशानी झेली है। पहली बार लग रहा है कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को इस समस्या से मुक्ति मिल सकती है।
- याकूब खान, ग्रामीण

हर महीने हजारों रुपये पानी खरीदने पर खर्च हो जाते हैं। यह योजना गांव के गरीब परिवारों के लिए बहुत बड़ी राहत साबित होगी।
- साजिद सरपंच, रेवासन

सरपंच ने इस मुद्दे पर लगातार मेहनत की है। अब सरकार और विभाग को बिना देरी किए काम शुरू कराना चाहिए।
- हाकम पटवारी

रेवासन के लोग दशकों से इस दिन का इंतजार कर रहे थे। यदि योजना समय पर पूरी हुई तो यह गांव के इतिहास की सबसे बड़ी सौगात होगी।
- आस मोहम्मद, पूर्व जिला पार्षद

गांव के लोगों की पानी की समस्या को देखते हुए उच्च अधिकारियों से बात की गई जिसके बाद पूरे गांव में पानी की व्यवस्था कराने के लिए बजट मंजूर हो चुका है। जल्दी ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर काम को शुरू करा दिया जाएगा।
- अखिल पिलानी, जिला उपायुक्त, नूंह
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