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Gurugram News: पाइप में उम्मीद, नसीब में इंतजार
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जमीन विवाद सुलझा...सेक्टर-72 स्टेशन तैयार, सोसाइटियों तक पाइपलाइन बिछाने का काम बाकी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले के सेक्टर-72 में करीब 3 साल पहले बने बूस्टिंग स्टेशन तक जमीन विवाद सुलझने के बाद नहरी पानी की लाइन तो पहुंच गई, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण यहां से आगे सोसाइटियों तक पेयजल की लाइन डालना ही भूल गए। नतीजा यह है कि सेक्टर-75 से लेकर 80 तक की करीब 20 सोसाइटियों और देश की सबसे ऊंची निर्माणाधीन रिहाइशी इमारतों (सेक्टर-79) में रहने वाले लोगों के पास पानी की बूंद-बूंद पहुंचने का रास्ता अभी भी बंद है। स्थानीय निवासियों का गुस्सा इस बात पर है कि अगर स्टेशन के साथ ही पाइपलाइन का काम पूरा कर लिया जाता, तो आज नहरी पानी की आपूर्ति शुरू हो चुकी होती। लोगों का कहना है पाइप, पानी सब आ गया बस हमारी किस्मत में ही पानी नहीं है।
पिछले 10 सालों के बीच बसी एम्मार पाम हिल्स समूह, मानसून ब्रिज, मैपस्को माउंट विले, गोदरेज 101, गोदरेज आरिया, सुपरटेक अराविले, सुपरटेक बसेरा आदि सोसाइटियों में हजारों परिवार टैंकर या ट्यूबवेल के पेयजल पर निर्भर हैं। ट्यूबवेल के मामले में कोटा तय है, एक सीमा के बाद वे ट्यूबवेल का पानी नहीं निकाल सकते हैं, अगर निकाला तो दंड भरना पड़ता है।
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लोग बोले -अभी भी पानी आने की उम्मीद नहीं
सोसाइटी में अभी तक पेयजल की लाइन नहीं आई है। दो साल से बूस्टिंग स्टेशन बनकर तैयार है लेकिन पेयजल आने की उम्मीद नहीं। सेक्टर-77 से लेकर 80 तक करीब 6 हजार से ज्यादा परिवार रहते हैं। - अमित मुदगिल,एम्मार पाम हिल्स, सेक्टर-77
बूस्टिंग स्टेशन से सोसाइटी तक पाइपलाइन अभी तक नहीं बिछाई गई है। अभी तो ट्यूबवेल से भी दो लाख लीटर से ज्यादा पानी नहीं निकाल सकते। ट्यूबवेल होने के बावजूद 30-40 हजार रुपये टैंकरों से पानी खरीदना पड़ता है। - कपिल गौड़, मानसून ब्रिज सेक्टर-78
पेयजल की लाइन किसी भी सोसाइटी में नहीं पहुंची है। हमलोगों ने इसको लेकर उपायुक्त से लेकर, जीएमडीए और नगर निगम को भी लिखा है। अभी तो इस क्षेत्र में ड्रेनेज लाइन का काम भी अधूरा है। - रघु तिवारी, मैपस्को माउंटविले, सेक्टर 79
सोसाइटी को पेयजल की लाइन से नहीं जोड़ा गया है। बूस्टिंग स्टेशन तक पानी पहुंचने का फिलहाल तो लाभ नहीं मिलने वाला है। ट्यूबवेल दिए गए हैं मगर उससे पानी निकालने की सीमा है। अतिरिक्त पानी खरीदना पड़ता है। - जसप्रीत सिंह उमंग विंटर हिल्स, सेक्टर-77
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले के सेक्टर-72 में करीब 3 साल पहले बने बूस्टिंग स्टेशन तक जमीन विवाद सुलझने के बाद नहरी पानी की लाइन तो पहुंच गई, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण यहां से आगे सोसाइटियों तक पेयजल की लाइन डालना ही भूल गए। नतीजा यह है कि सेक्टर-75 से लेकर 80 तक की करीब 20 सोसाइटियों और देश की सबसे ऊंची निर्माणाधीन रिहाइशी इमारतों (सेक्टर-79) में रहने वाले लोगों के पास पानी की बूंद-बूंद पहुंचने का रास्ता अभी भी बंद है। स्थानीय निवासियों का गुस्सा इस बात पर है कि अगर स्टेशन के साथ ही पाइपलाइन का काम पूरा कर लिया जाता, तो आज नहरी पानी की आपूर्ति शुरू हो चुकी होती। लोगों का कहना है पाइप, पानी सब आ गया बस हमारी किस्मत में ही पानी नहीं है।
पिछले 10 सालों के बीच बसी एम्मार पाम हिल्स समूह, मानसून ब्रिज, मैपस्को माउंट विले, गोदरेज 101, गोदरेज आरिया, सुपरटेक अराविले, सुपरटेक बसेरा आदि सोसाइटियों में हजारों परिवार टैंकर या ट्यूबवेल के पेयजल पर निर्भर हैं। ट्यूबवेल के मामले में कोटा तय है, एक सीमा के बाद वे ट्यूबवेल का पानी नहीं निकाल सकते हैं, अगर निकाला तो दंड भरना पड़ता है।
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लोग बोले -अभी भी पानी आने की उम्मीद नहीं
सोसाइटी में अभी तक पेयजल की लाइन नहीं आई है। दो साल से बूस्टिंग स्टेशन बनकर तैयार है लेकिन पेयजल आने की उम्मीद नहीं। सेक्टर-77 से लेकर 80 तक करीब 6 हजार से ज्यादा परिवार रहते हैं। - अमित मुदगिल,एम्मार पाम हिल्स, सेक्टर-77
बूस्टिंग स्टेशन से सोसाइटी तक पाइपलाइन अभी तक नहीं बिछाई गई है। अभी तो ट्यूबवेल से भी दो लाख लीटर से ज्यादा पानी नहीं निकाल सकते। ट्यूबवेल होने के बावजूद 30-40 हजार रुपये टैंकरों से पानी खरीदना पड़ता है। - कपिल गौड़, मानसून ब्रिज सेक्टर-78
पेयजल की लाइन किसी भी सोसाइटी में नहीं पहुंची है। हमलोगों ने इसको लेकर उपायुक्त से लेकर, जीएमडीए और नगर निगम को भी लिखा है। अभी तो इस क्षेत्र में ड्रेनेज लाइन का काम भी अधूरा है। - रघु तिवारी, मैपस्को माउंटविले, सेक्टर 79
सोसाइटी को पेयजल की लाइन से नहीं जोड़ा गया है। बूस्टिंग स्टेशन तक पानी पहुंचने का फिलहाल तो लाभ नहीं मिलने वाला है। ट्यूबवेल दिए गए हैं मगर उससे पानी निकालने की सीमा है। अतिरिक्त पानी खरीदना पड़ता है। - जसप्रीत सिंह उमंग विंटर हिल्स, सेक्टर-77