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Gurugram News: तेज बारिश ने नगर परिषद प्रशासन की पोल खोली
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोहना। कस्बे में हुई तेज बारिश ने नगर परिषद प्रशासन की पोल खोलकर रख दी है। बरसाती पानी सड़कों पर एकत्रित हो गया। वहीं बारिश का पानी दुकानों में घुसने से काफी नुकसान होने का अनुमान है। मंगलवार की सुबह करीब दो घंटे की बारिश ने कस्बे को पानी-पानी कर डाला। समूचे कस्बे की सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई है। सड़कों पर कई-कई फीट तक पानी एकत्रित हो गया। बारिश का पानी सरकारी दफ्तरों में भी एकत्रित हो गया। इसके अलावा बस स्टैंड मार्ग व पुरानी सब्जी मंडी एरिया में दुकानों में पानी घुसने से दुकानदारों का काफी नुकसान हो गया। सबसे ज्यादा पानी अस्पताल मार्ग, बस स्टैंड मार्ग, पुरानी सब्जी मंडी, जीटी रोड आदि पर भरा।
40 वर्ष पुरानी है समस्या
कस्बे में पानी निकासी की समस्या करीब चालीस वर्ष पुरानी है जिसका समाधान आज तक भी नहीं हो सका है। हर साल बरसाती मौसम में दुकानदारों का लाखों रुपए का नुकसान होता है। किंतु फिर भी परिषद प्रशासन ने पानी निकासी का स्थायी प्रबंध नहीं किया है। दुकानदार अमित गर्ग, सुंदरपाल सिंगला, रोहताश, वेद प्रकाश, प्रवीण जैन आदि बताते हैं कि पानी निकासी समस्या के समाधान करने के लिए कई बार अधिकारियों व नेताओं को अवगत कराया गया है।
नालों की सफाई मात्र खानापूर्ति
नगर परिषद द्वारा गत दिनों नालों की सफाई के लिए दो एजेंसियों को नियुक्त किया गया था जिस पर करीब 80 लाख रुपये की राशि खर्च की गई। पर यह राशि पानी में ही बहकर रह गई है। एजेंसियों द्वारा नालों की सफाई मात्र कागजों तक सिमटकर रह गई है। परिषद के सैनेटरी इंस्पेक्टर हरीश मेहता ने बताया कि नालों की सफाई नियमित कराई जा रही है।
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सोहना। कस्बे में हुई तेज बारिश ने नगर परिषद प्रशासन की पोल खोलकर रख दी है। बरसाती पानी सड़कों पर एकत्रित हो गया। वहीं बारिश का पानी दुकानों में घुसने से काफी नुकसान होने का अनुमान है। मंगलवार की सुबह करीब दो घंटे की बारिश ने कस्बे को पानी-पानी कर डाला। समूचे कस्बे की सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई है। सड़कों पर कई-कई फीट तक पानी एकत्रित हो गया। बारिश का पानी सरकारी दफ्तरों में भी एकत्रित हो गया। इसके अलावा बस स्टैंड मार्ग व पुरानी सब्जी मंडी एरिया में दुकानों में पानी घुसने से दुकानदारों का काफी नुकसान हो गया। सबसे ज्यादा पानी अस्पताल मार्ग, बस स्टैंड मार्ग, पुरानी सब्जी मंडी, जीटी रोड आदि पर भरा।
40 वर्ष पुरानी है समस्या
कस्बे में पानी निकासी की समस्या करीब चालीस वर्ष पुरानी है जिसका समाधान आज तक भी नहीं हो सका है। हर साल बरसाती मौसम में दुकानदारों का लाखों रुपए का नुकसान होता है। किंतु फिर भी परिषद प्रशासन ने पानी निकासी का स्थायी प्रबंध नहीं किया है। दुकानदार अमित गर्ग, सुंदरपाल सिंगला, रोहताश, वेद प्रकाश, प्रवीण जैन आदि बताते हैं कि पानी निकासी समस्या के समाधान करने के लिए कई बार अधिकारियों व नेताओं को अवगत कराया गया है।
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नालों की सफाई मात्र खानापूर्ति
नगर परिषद द्वारा गत दिनों नालों की सफाई के लिए दो एजेंसियों को नियुक्त किया गया था जिस पर करीब 80 लाख रुपये की राशि खर्च की गई। पर यह राशि पानी में ही बहकर रह गई है। एजेंसियों द्वारा नालों की सफाई मात्र कागजों तक सिमटकर रह गई है। परिषद के सैनेटरी इंस्पेक्टर हरीश मेहता ने बताया कि नालों की सफाई नियमित कराई जा रही है।
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