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निपाह वायरस से बचाव को स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट जारी
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निपाह वायरस से बचाव को स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट जारी
गुरुग्राम। निपाह वायरस की केरल में दस्तक देते ही स्वास्थ्य निदेशालय ने प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया है। 13 बिंदुओं के जारी किए गए अलर्ट में निदेशक ने तुरंत प्रभाव से अस्पतालों में आइसोलेशन (अलग) वार्ड तैयार करने को कहा है। इसके साथ ही व्यक्ति में वायरस के लक्षण मिलते ही न केवल निदेशालय को तुरंत इसकी सूचना देने को कहा है बल्कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार ही इलाज करने को कहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो निदेशालय से आदेश प्राप्त होते ही सभी निजी अस्पतालों को भी निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्हें भी अपने अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड तैयार करने के आदेश दिए हैं। वहीं, सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल में भी अलग से आइसोलेशन वार्ड तैयार किया जा रहा है।
ये है निपाह वायरस
निपाह वायरस आम तौर पर जानवरों, खास तौर पर चमगादड़, सुअर, कुत्ते, घोड़े में पाया जाता है। यह जानवरों से व्यक्ति में आसानी से फैल जाता है। इसके बाद यह व्यक्ति से व्यक्ति अथवा शव के माध्यम से उसे उठाने वाले व्यक्तियों में भी प्रवेश कर जाता है। यह दिमागी बुखार का कारण बनता है और पीड़ित को सांस लेने में दिक्कत हो जाती है।
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ये हैं लक्षण
- वायरल बुखार के साथ तेज सिरदर्द होना
- उल्टी का मन होना
- सांस लेने में दिक्कत होना तथा चक्कर आना
ये बरतें सावधानियां
- पशुओं के संपर्क में जाने से बचें
- यदि उनके संपर्क में जाएं तो अच्छी तरह से हाथ-पैर धोएं
- फल सब्जियां खाने से पहले अच्छी तरह से धोएं
- जमीन पर गिरे फल अथवा सब्जी को उठाकर न खाएं।
- मरीज की जांच के बाद चिकित्सक अच्छी तरह से हाथ धोएं।
- निपाह वायरस से प्रभावित व्यक्ति के संपर्क में जाने से पहले मुंह, हाथ पैर को अच्छी तरह से ढक लें।
- जिन उपकरणों से निपाह वायरस के मरीज की जांच हो उसे दूसरे मरीज पर प्रयोग न करें।
- मरीज पर प्रयोग किए गए उपकरणों को बायोमेडिकल वेस्ट के नियमों के तहत नष्ट करें।
- संदिग्ध मरीज के दूसरे मरीजों से अलग आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करें।
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गुरुग्राम। निपाह वायरस की केरल में दस्तक देते ही स्वास्थ्य निदेशालय ने प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया है। 13 बिंदुओं के जारी किए गए अलर्ट में निदेशक ने तुरंत प्रभाव से अस्पतालों में आइसोलेशन (अलग) वार्ड तैयार करने को कहा है। इसके साथ ही व्यक्ति में वायरस के लक्षण मिलते ही न केवल निदेशालय को तुरंत इसकी सूचना देने को कहा है बल्कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार ही इलाज करने को कहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो निदेशालय से आदेश प्राप्त होते ही सभी निजी अस्पतालों को भी निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्हें भी अपने अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड तैयार करने के आदेश दिए हैं। वहीं, सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल में भी अलग से आइसोलेशन वार्ड तैयार किया जा रहा है।
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ये है निपाह वायरस
निपाह वायरस आम तौर पर जानवरों, खास तौर पर चमगादड़, सुअर, कुत्ते, घोड़े में पाया जाता है। यह जानवरों से व्यक्ति में आसानी से फैल जाता है। इसके बाद यह व्यक्ति से व्यक्ति अथवा शव के माध्यम से उसे उठाने वाले व्यक्तियों में भी प्रवेश कर जाता है। यह दिमागी बुखार का कारण बनता है और पीड़ित को सांस लेने में दिक्कत हो जाती है।
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ये हैं लक्षण
- वायरल बुखार के साथ तेज सिरदर्द होना
- उल्टी का मन होना
- सांस लेने में दिक्कत होना तथा चक्कर आना
ये बरतें सावधानियां
- पशुओं के संपर्क में जाने से बचें
- यदि उनके संपर्क में जाएं तो अच्छी तरह से हाथ-पैर धोएं
- फल सब्जियां खाने से पहले अच्छी तरह से धोएं
- जमीन पर गिरे फल अथवा सब्जी को उठाकर न खाएं।
- मरीज की जांच के बाद चिकित्सक अच्छी तरह से हाथ धोएं।
- निपाह वायरस से प्रभावित व्यक्ति के संपर्क में जाने से पहले मुंह, हाथ पैर को अच्छी तरह से ढक लें।
- जिन उपकरणों से निपाह वायरस के मरीज की जांच हो उसे दूसरे मरीज पर प्रयोग न करें।
- मरीज पर प्रयोग किए गए उपकरणों को बायोमेडिकल वेस्ट के नियमों के तहत नष्ट करें।
- संदिग्ध मरीज के दूसरे मरीजों से अलग आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करें।