फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   Health department alerted for Nipa Virus

निपाह वायरस से बचाव को स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट जारी

Thu, 06 Jun 2019 07:54 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 06 Jun 2019 07:54 PM IST
विज्ञापन
Health department alerted for Nipa Virus
निपाह वायरस से बचाव को स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट जारी
विज्ञापन

गुरुग्राम। निपाह वायरस की केरल में दस्तक देते ही स्वास्थ्य निदेशालय ने प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया है। 13 बिंदुओं के जारी किए गए अलर्ट में निदेशक ने तुरंत प्रभाव से अस्पतालों में आइसोलेशन (अलग) वार्ड तैयार करने को कहा है। इसके साथ ही व्यक्ति में वायरस के लक्षण मिलते ही न केवल निदेशालय को तुरंत इसकी सूचना देने को कहा है बल्कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार ही इलाज करने को कहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो निदेशालय से आदेश प्राप्त होते ही सभी निजी अस्पतालों को भी निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्हें भी अपने अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड तैयार करने के आदेश दिए हैं। वहीं, सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल में भी अलग से आइसोलेशन वार्ड तैयार किया जा रहा है।
विज्ञापन

ये है निपाह वायरस
निपाह वायरस आम तौर पर जानवरों, खास तौर पर चमगादड़, सुअर, कुत्ते, घोड़े में पाया जाता है। यह जानवरों से व्यक्ति में आसानी से फैल जाता है। इसके बाद यह व्यक्ति से व्यक्ति अथवा शव के माध्यम से उसे उठाने वाले व्यक्तियों में भी प्रवेश कर जाता है। यह दिमागी बुखार का कारण बनता है और पीड़ित को सांस लेने में दिक्कत हो जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ये हैं लक्षण
- वायरल बुखार के साथ तेज सिरदर्द होना
- उल्टी का मन होना
- सांस लेने में दिक्कत होना तथा चक्कर आना
ये बरतें सावधानियां
- पशुओं के संपर्क में जाने से बचें
- यदि उनके संपर्क में जाएं तो अच्छी तरह से हाथ-पैर धोएं
- फल सब्जियां खाने से पहले अच्छी तरह से धोएं
- जमीन पर गिरे फल अथवा सब्जी को उठाकर न खाएं।
- मरीज की जांच के बाद चिकित्सक अच्छी तरह से हाथ धोएं।
- निपाह वायरस से प्रभावित व्यक्ति के संपर्क में जाने से पहले मुंह, हाथ पैर को अच्छी तरह से ढक लें।
- जिन उपकरणों से निपाह वायरस के मरीज की जांच हो उसे दूसरे मरीज पर प्रयोग न करें।
- मरीज पर प्रयोग किए गए उपकरणों को बायोमेडिकल वेस्ट के नियमों के तहत नष्ट करें।
- संदिग्ध मरीज के दूसरे मरीजों से अलग आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed