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Gurugram News: 20 हजार की रिश्वत लेने के आरोप से हेड कांस्टेबल बरी
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सितंबर 2022 को राज्य सतर्कता ब्यूरो ने किया था मामला दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। युवक की स्कूटी छोड़ने के नाम पर 20 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोपी हेड कांस्टेबल महेश कुमार को जिला अदालत ने बरी कर दिया है। पीड़ित की शिकायत पर राज्य सतर्कता ब्यूरो ने मामला दर्ज किया था। यह आदेश अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश सुनील कुमार दीवान की अदालत ने दिया है।
हितेश वर्मा ने राज्य सतर्कता ब्यूरो को दी शिकायत में बताया था कि 25 अगस्त 2022 को वह खांडसा मंडी की तरफ से अपनी स्कूटी से जा रहा था। इसी दौरान उसकी स्कूटी एक ऑटो रिक्शा से टकरा गई थी। इस पर स्कूटी को शिवाजी नगर थाना पुलिस ने जब्त कर लिया था। उसका आरोप था कि हेड कांस्टेबल मुकेश कुमार ने फोन करके थाने में बुलाया था और स्कूटी छोड़ने के लिए 20 हजार रुपये की मांग की थी।
शिकायत मिलने पर राज्य सतर्कता ब्यूरो ने एक टीम गठित की थी। चार सितंबर को टीम ने शिकायतकर्ता के साथ एक युवक को उनके साथ भेजा। शिकायतकर्ता ने रुपये जब हेड कांस्टेबल को दिए तो उसके साथ मौजूद युवक ने टीम को इशारा कर दिया तो टीम मौके पर पहुंची तो हेड कांस्टेबल वहां से भागने लगा। टीम ने पीछे के रास्ते से जब पकड़ा तो उसके पास रुपये नहीं मिले। इसके बाद करीब दो घंटे बाद टीम ने पुलिस चौकी के पास के प्लाॅट से रुपये बरामद किए। हेड कांस्टेबल के हाथ धुलाए गए लेकिन पानी का रंग नहीं बदला। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद हेड कांस्टेबल को बरी कर दिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। युवक की स्कूटी छोड़ने के नाम पर 20 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोपी हेड कांस्टेबल महेश कुमार को जिला अदालत ने बरी कर दिया है। पीड़ित की शिकायत पर राज्य सतर्कता ब्यूरो ने मामला दर्ज किया था। यह आदेश अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश सुनील कुमार दीवान की अदालत ने दिया है।
हितेश वर्मा ने राज्य सतर्कता ब्यूरो को दी शिकायत में बताया था कि 25 अगस्त 2022 को वह खांडसा मंडी की तरफ से अपनी स्कूटी से जा रहा था। इसी दौरान उसकी स्कूटी एक ऑटो रिक्शा से टकरा गई थी। इस पर स्कूटी को शिवाजी नगर थाना पुलिस ने जब्त कर लिया था। उसका आरोप था कि हेड कांस्टेबल मुकेश कुमार ने फोन करके थाने में बुलाया था और स्कूटी छोड़ने के लिए 20 हजार रुपये की मांग की थी।
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शिकायत मिलने पर राज्य सतर्कता ब्यूरो ने एक टीम गठित की थी। चार सितंबर को टीम ने शिकायतकर्ता के साथ एक युवक को उनके साथ भेजा। शिकायतकर्ता ने रुपये जब हेड कांस्टेबल को दिए तो उसके साथ मौजूद युवक ने टीम को इशारा कर दिया तो टीम मौके पर पहुंची तो हेड कांस्टेबल वहां से भागने लगा। टीम ने पीछे के रास्ते से जब पकड़ा तो उसके पास रुपये नहीं मिले। इसके बाद करीब दो घंटे बाद टीम ने पुलिस चौकी के पास के प्लाॅट से रुपये बरामद किए। हेड कांस्टेबल के हाथ धुलाए गए लेकिन पानी का रंग नहीं बदला। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद हेड कांस्टेबल को बरी कर दिया।
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