हरियाणा की सियासत: ...तो क्या कभी एकजुट हो सकता है चौटाला परिवार, जजपा अध्यक्ष ने कह दी ये बड़ी बात
अजय चौटाला के बयान के बाद विपक्षी नेता भी अब हमलावर हो गए हैं। विपक्षियों का कहना है कि नीतियों और सिद्धांतों के खिलाफ जाकर जजपा सत्ता में साझीदार बनी लेकिन पिछले कुछ समय से जिस तरह से सरकार कई मोर्चों पर विफल हुई है, उसको देखते हुए जजपा अब अपने लिए दूसरे विकल्प तैयार करने में भी लग गई है।
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हरियाणा की राजनीति में अहम स्थान रखने वाला चौटाला परिवार अभी भले ही दो धड़ों में बंटा हुआ है लेकिन पूरा कुनबा कभी भी एकजुट हो सकता है। जजपा (जननायक जनता पार्टी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सांसद व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के पिता डॉ. अजय सिंह चौटाला ने ऐसे ही संकेत दिए हैं।
दरअसल गुरुग्राम दौरे के दौरान भविष्य में परिवार के एक होने के सवाल पर डॉ. अजय सिंह चौटाला ने इसके साफ संकेत दिए। उन्होंने कहा कि संभावनाओं पर निर्भरता व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में कुछ भी हो सकता है। पता नहीं कब क्या हालात बन जाएं।
जजपा अध्यक्ष के इस बयान का सीधे तौर पर यही अर्थ निकाला जा रहा है कि भविष्य में कभी भी परिवार एक हो सकता है। संभावनाओं व हालात पर निर्भरता कहीं न कहीं इस बात ती तरफ इशारा कर रही है कि भविष्य में स्थितियां बनीं तो पूरा चौटाला परिवार एकजुट हो सकता है।
वहीं, अजय चौटाला के बयान के बाद विपक्षी नेता भी अब हमलावर हो गए हैं। विपक्षियों का कहना है कि नीतियों और सिद्धांतों के खिलाफ जाकर जजपा सत्ता में साझीदार बनी लेकिन पिछले कुछ समय से जिस तरह से सरकार कई मोर्चों पर विफल हुई है, उसको देखते हुए जजपा अब अपने लिए दूसरे विकल्प तैयार करने में भी लग गई है।
सरकार के खिलाफ रोष को देखते हुए तलाश रहे विकल्प : कैप्टन अजय यादव
इस पूरे मुद्दे पर प्रदेश के दिग्गज कांग्रेसी नेता व हरियाणा सरकार में पूर्व मंत्री रहे कैप्टन अजय यादव कहते हैं कि कोरोना काल में फैली अव्यवस्था, किसान आंदोलन, पेपर लीक मामले समेत कई अन्य मुद्दे हैं, जिसको लेकर राज्य की जनता में जबरदस्त आक्रोष है। जजपा भी इस बात को भलीभांति समझ रही है और यही वजह है।
कि अजय चौटाला परिवार की एकता के मुद्दे को अब हालातों पर छोड़ रहे हैं। हालांकि, कैप्टन अजय यादव ने साफतौर पर कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ओमप्रकाश चौटाला अब इन्हें स्वीकार करेंगे। बकौल अजय यादव जजपा की लोकप्रियता सिमट रही है। इनके नेता गांव में घुंस नहीं पा रहे हैं। सरकार की तारीफ में अजय चौटाला के बयानों से कोई फर्क पड़ने वाला नहीं हैं।
किसान आंदोलन के विरोध को लेकर सहज नहीं जजपा
सरकार में जजपा भले की साझीदार हो लेकिन किसान आंदोलन को लेकर शुरू से ही जजपा के नेता सहज नहीं रहे हैं। कई मौजूदा विधायक पार्टी फोरम पर किसान आंदोलन के समर्थन में अपनी बात भी रख चुके हैं। यही वजह है कि जजपा अध्यक्ष अजय चौटाला किसानों व केंद्र सरकार के बीच बातचीत के लिए मध्यस्थता करने की भी पेशकश कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसान नेता केंद्र सरकार से चर्चा करना चाहते है तो हम केंद्र से बातचीत करके मध्यस्थता करवाने के लिए तैयार हैं।