गुरुग्राम में 100 फीसदी टीकाकरण: कोरोना का सुरक्षा चक्र हुआ मजबूत, शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति से जिला प्रदेश में अव्वल
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान प्रदेश में सबसे अधिक प्रभावित रहे गुरुग्राम के सामने मास्क, सैनिटाइजर और शारीरिक दूरी के साथ दूसरा कोई मजबूत सुरक्षा चक्र बड़ी चुनौती था। इसलिए जल्द से जल्द से अधिक से लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
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सौ फीसदी पात्र आबादी का टीकाकरण करने वाला गुरुग्राम प्रदेश ही नहीं एनसीआर का पहला ऐसा महानगर बन गया है जिसकी आबादी 25 लाख है। यह दावा है स्वास्थ्य विभाग का। विभाग ने आंकड़े जारी कर इस दावे को पुष्ट करने का भी प्रयास किया है।
आंकड़ों के अनुसार जिले की कुल 18 लाख तीन हजार आबादी में से 18 लाख आठ हजार 876 लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लगाई जा चुकी हैं। विभाग को 25 लाख आबादी का अनुमान दिया गया था, जिसमें से 18 लाख को 18 वर्ष से ऊपर आंका गया। इस लिहाज से स्वास्थ्य अधिकारी यह दावा कर रहे हैं। इसके साथ ही 128.6 प्रतिशत आबादी को पहली डोज के आंकड़े भी प्रस्तुत किए गए। आंकड़ों के अनुसार 23 लाख 19 हजार 720 लोगों को पहली डोज दी गई है।
नई-नई पहल बनीं मददगार :
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान प्रदेश में सबसे अधिक प्रभावित रहे गुरुग्राम के सामने मास्क, सैनिटाइजर और शारीरिक दूरी के साथ दूसरा कोई मजबूत सुरक्षा चक्र बड़ी चुनौती था। इसलिए जल्द से जल्द से अधिक से लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। हर रोज यहां सैकड़ों की संख्या में आने-जाने वाले प्रवासियों के कारण यह लक्ष्य बड़ी चुनौती बना, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने नई-नई पहल कर लोगों के टीकाकरण को रफ्तार दी। इन पहल को देश भर में लागू किया गया। मॉल में ड्राइव थ्रू, थर्ड जेंडर का टीकाकरण, मेगा वैक्सीनेशन कैंप, हर घर दस्तक इनमें प्रमुख हैं।
अब बच्चों के टीके की तैयारी :
पात्र आबादी का सौ फीसदी टीकाकरण करने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों के टीकारण की तैयारियां भी पूरी कर ली है। इंतजार सरकार से हरी झंडी मिलने का है। सिविल सर्जन डॉ. विरेंद्र यादव के अनुसार विभाग ने 0 से 6 वर्ष व 7 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों का डाटा एकत्रित कर लिया है। शून्य से छह साल तक का डाटा पोलियो अभियान से लिया है, इससे ऊपर के बच्चों का स्कूल-कॉलेज से एकत्रित किया है। जिला में कुल 10 से 12 लाख बच्चें हैं। बूस्टर डोज के सवाल पर उन्होंने कहा कि बूस्टर डोज के लिए सरकार अगर कोई गाइडलाइन देगी तो विभाग उसके लिए भी तैयार है।
अब करेंगे रेंडम सर्वे :
एक सवाल के जवाब में सिविल सर्जन डॉ. विरेंद्र यादव ने कहा कि सौ फीसदी टीकाकरण के आंकड़े से संतुष्ट नहीं हुआ जा सकता। अब एक रेंडम सर्वे कराएंगे। सर्वे में यह पता किया जाएगा कि अभी और कितने लोग हैं जिनका टीकाकरण किया जाना है। उनकी पहचान की जाएगी। टीकाकरण की प्रक्रिया को लगातार चलाया जाएगा। विभिन्न क्षेत्रों में हजार- हजार की संख्या में सर्वे किया जाएगा जिसमें वैक्सीनेशन से अछूते रहे लोगों का टीकाकरण किया जाएगा। ग्रामीण और शहरी कितनी आबादी का टीकारण के सवाल का सिविल सर्जन ने कहा कि यह आंकड़ा अभी जुटाया जा रहा है।
प्रवासी आबादी लगा रही सवालिया निशान :
स्वास्थ्य विभाग भले ही सौ फीसदी टीकाकरण का दावा कर रहा है पर शहर में रह रही प्रवासी आबादी इस दावे पर सवालिया निशान लगा रही है। एक अनुमान के हिसाब से शहरी आबादी ही करीब 35 लाख है। इनमें प्रवासियों की संख्या अधिक है। हर दिन शहर के किसी न किसी हिस्से में औद्योगिक या निर्माण कामगार आते हैं। ऐसी कितनी आबादी का टीकाकरण पूरा हो पाया, इसका आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है।
इसी वर्ष 16 जनवरी से हेल्थ वर्कर्स को टीका लगाने के साथ शुरू हुए इस अभियान को सौ प्रतिशत आबादी तक ले जाने में टीकाकरण के 40 हजार 441 सेशन आयोजित किए गए थे। वहीं 03 नवंबर से शुरू किए गए 'हर घर दस्तक' अभियान में जिला के 06 लाख 97 हजार 672 घरों में जाकर 02 लाख 53 हजार 357 लोगों का टीकाकरण किया गया। जिला में गर्भवती महिलाओं के लिए प्रत्येक माह की 09 तारीख को सेशन आयोजित कर 08 हजार 431 महिलाओं को कोरोना रोधी वैक्सीन दी गयी।
41 लाख आबादी को वैक्सीन :
टीकाकरण अभियान के प्रभारी डॉ. एमपी सिंह के अनुसार अब तक 41 लाख 28 हजार 596 डोज लगाई गई है। 18 से 44 वर्ष के 16 लाख 40 हजार 210 लोगों को पहली व 12 लाख 14 हजार 84 को दूसरी डोज दी गयी है। वहीं 45 से 59 वर्ष आयु वर्ग के तीन लाख 76 हजार 826 को पहली व तीन लाख 13 हजार 816 लोगों को दूसरी डोज दी गयी। 60 वर्ष से ऊपर दो लाख 12 हजार 338 को पहली व एक लाख 87 हजार 91 को दूसरी डोज दी गई है।