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Haryana Election: मतदाता तो भाग्यविधाता...खतरा अपनों से है, इन सीटों पर सुलग रही बगावत की चिंगारी; बिगड़ा गणित
Wed, 18 Sep 2024 12:38 PM IST
शाहरुख खान
संजय शिशौदिया, अमर उजाला, गुरुग्राम
संजय शिशौदिया, अमर उजाला, गुरुग्राम
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 18 Sep 2024 12:38 PM IST
सार
चुनावी मौसम में दिल्ली से सटे हरियाणा के इस शहर की चार में से तीनों विधानसभा सीटों पर बगावत की चिंगारी सुलग रही है। कई सीटों पर भाजपा-कांग्रेस के पूर्व सिपाही निर्दलीय मैदान में डटे हैं। इससे पार्टियों का चुनावी गणित बिगड़ गया है।
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Haryana Election
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गर्मी भले ही कम होने लगी हो, लेकिन विधानसभा चुनाव की सरगर्मी अब जोरों पर है। दिल्ली से सटे गुरुग्राम जिले की चारों विधानसभाओं सीटों गुड़गांव, पटौदी, बादशाहपुर और सोहना में चुनावी माहौल साफ दिखने लगा है। बाजार में चाय की दुकान से लेकर बड़े शोरूम और सोसायटियों में क्लब से लेकर गांवों की चौपालों तक में चुनाव की ही चर्चा हो रही है।
लोगों की चर्चाओं में स्थानीय मुद्दे एक बार फिर से शुमार हो गए हैं। ट्रैफिक जाम, जलभराव, अपराध और कचरा इस शहर की चार बड़ी समस्याएं हैं। इन मुद्दों के साथ ही भाजपा और कांग्रेस के बागियों की चर्चा भी जोरों पर है। गुड़गांव और सोहना में जहां भाजपा और कांग्रेस दोनों के ही प्रत्याशियों के खिलाफ पार्टियों के बागियों ने बिगुल बजा रखा है, वहीं पटौदी में भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ भी विरोध की चिंगारी सुलगी हुई है।
इसके बावजूद सभी प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत के प्रति आश्वस्त हैं। प्रत्याशियों का कहना है कि मतदाता ही भाग्यविधाता है और हमें मतदाताओं पर पूरा भरोसा है। पटौदी, सोहना और बादशाहपुर सीट पर भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशी ही सीधे तौर पर मुकाबले में हैं, जबकि गुड़गांव में भाजपा के नवीन गोयल ने निर्दलीय नामांकन दर्ज करके मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।
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गुरुग्राम के पंचायती भवन में चुनावी चर्चा करते हुए लोगों ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले गुरुग्राम में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। इस शहर की सबसे बड़ी समस्याओं में पानी, ट्रैफिक जाम और कचरा शुमार है। जमीन के नीचे तो पानी है ही नहीं, लेकिन बरसात में जमीन के ऊपर इस कदर जलभराव होता है कि पूरा शहर जैसे थम सा जाता है।
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लोगों की चर्चाओं में स्थानीय मुद्दे एक बार फिर से शुमार हो गए हैं। ट्रैफिक जाम, जलभराव, अपराध और कचरा इस शहर की चार बड़ी समस्याएं हैं। इन मुद्दों के साथ ही भाजपा और कांग्रेस के बागियों की चर्चा भी जोरों पर है। गुड़गांव और सोहना में जहां भाजपा और कांग्रेस दोनों के ही प्रत्याशियों के खिलाफ पार्टियों के बागियों ने बिगुल बजा रखा है, वहीं पटौदी में भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ भी विरोध की चिंगारी सुलगी हुई है।
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इसके बावजूद सभी प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत के प्रति आश्वस्त हैं। प्रत्याशियों का कहना है कि मतदाता ही भाग्यविधाता है और हमें मतदाताओं पर पूरा भरोसा है। पटौदी, सोहना और बादशाहपुर सीट पर भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशी ही सीधे तौर पर मुकाबले में हैं, जबकि गुड़गांव में भाजपा के नवीन गोयल ने निर्दलीय नामांकन दर्ज करके मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।
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गुरुग्राम के पंचायती भवन में चुनावी चर्चा करते हुए लोगों ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले गुरुग्राम में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। इस शहर की सबसे बड़ी समस्याओं में पानी, ट्रैफिक जाम और कचरा शुमार है। जमीन के नीचे तो पानी है ही नहीं, लेकिन बरसात में जमीन के ऊपर इस कदर जलभराव होता है कि पूरा शहर जैसे थम सा जाता है।
कूड़े के मामले में भी इस शहर के हाल अच्छे नहीं हैं। गुरुग्राम को दुबई व सिंगापुर बनाने का सपना दिखाया गया मगर गुरुग्राम गड्ढा ग्राम, कूड़ा ग्राम, जल ग्राम बनकर रह गया है। वर्ष 2019 का चुनाव गुरुग्राम को स्मार्ट सिटी, स्मार्ट विलेज बनाने की बात पर लड़ा गया था। अब इसकी कोई बात नहीं हो रही है।
गुड़गांव : पार्टियों ने खेला जाति कार्ड, बना त्रिकोणीय मुकाबला
भाजपा ने अपने पूर्व विधायक सुधीर सिंगला का टिकट काटकर इस सीट पर मुकेश शर्मा के रूप में पंडित कार्ड खेला है। वहीं, कांग्रेस पंजाबी कार्ड के दम पर मैदान में है। कांग्रेस ने मोहित ग्रोवर को उतारा है। भाजपा ने यहां से अपने ही पूर्व विधायक रहे सुधीर सिंगला का टिकट काटकर मुकेश पर दांव लगाया तो भाजपा के टिकट की दौड़ में शामिल प्रदेश स्तरीय दो पदाधिकारियों ने बगावती तेवर स्पष्ट कर दिए हैं।
भाजपा ने अपने पूर्व विधायक सुधीर सिंगला का टिकट काटकर इस सीट पर मुकेश शर्मा के रूप में पंडित कार्ड खेला है। वहीं, कांग्रेस पंजाबी कार्ड के दम पर मैदान में है। कांग्रेस ने मोहित ग्रोवर को उतारा है। भाजपा ने यहां से अपने ही पूर्व विधायक रहे सुधीर सिंगला का टिकट काटकर मुकेश पर दांव लगाया तो भाजपा के टिकट की दौड़ में शामिल प्रदेश स्तरीय दो पदाधिकारियों ने बगावती तेवर स्पष्ट कर दिए हैं।
टिकट न मिलने से नाराज हुए व्यापार प्रकोष्ठ भाजपा, हरियाणा के प्रदेश प्रमुख नवीन गोयल ने इसी सीट से निर्दलीय ताल ठोंक रखी है। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष जीएल शर्मा भी पार्टी से इस्तीफा देकर कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। इसके अलावा पार्टी का ही एक सक्रिय सदस्य मुकेश शर्मा उर्फ बाली पंडित भी इसी सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। इससे गुड़गांव सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।
मुख्य प्रत्याशी:
मुकेश शर्मा - भाजपा
मोहित ग्रोवर - कांग्रेस
निशांत आनंद - आप
अशोक जांगड़ा - जजपा
नवीन गोयल - निर्दलीय
मतदाताओं की संख्या
कुल मतदाता - 437183
महिला मतदाता - 208545
पुरुष मतदाता - 228617
मुख्य प्रत्याशी:
मुकेश शर्मा - भाजपा
मोहित ग्रोवर - कांग्रेस
निशांत आनंद - आप
अशोक जांगड़ा - जजपा
नवीन गोयल - निर्दलीय
मतदाताओं की संख्या
कुल मतदाता - 437183
महिला मतदाता - 208545
पुरुष मतदाता - 228617
सोहना: गुर्जर कार्ड पर भरोसा, मुसीबत किसी के लिए कम नहीं
मेव और गुर्जर मतदाता बहुल्य इस सीट पर सभी प्रमुख दलों ने गुर्जर कार्ड खेला है। भाजपा ने तेजपाल तंवर को उतरा है, जबकि कांग्रेस ने रोहताश खटाना को प्रत्याशी बनाया है। इस सीट पर कांग्रेेस और भाजपा दोनों के ही प्रत्याशियों को अपनों का विरोध सहना पड़ रहा है। भाजपा का टिकट कटने से नाराज हुए जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन कल्याण सिंह ने निर्दलीय ताल ठोंकी है। भाजपा के ही सुभाष बंसल भी इस सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। मुसीबत कांग्रेस प्रत्याशी राेहताश खटाना की भी कम नहीं हैं। रोहताश 2019 में इसी सीट से जजपा के निशान पर चुनाव लड़ चुके हैं। इस बार वह कुछ दिन पहले ही कांग्रेस में शामिल हुए और अगले ही दिन उन्हें कांग्रेस का टिकट मिल गया। इस सीट से टिकट के प्रबल दावेदार प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जितेंद्र भारद्वाज माने जा रहे थे।
मुख्य प्रत्याशी:
तेजपाल तंवर - भाजपा
रोहताश खटाना - कांग्रेस
धर्मेंद्र खटाना - आप
विनेश गुर्जर - आजाद समाज पार्टी
मतदाताओं की संख्या:
कुल मतदाता - 283391
महिला मतदाता - 132420
पुरुष मतदाता - 150959
मेव और गुर्जर मतदाता बहुल्य इस सीट पर सभी प्रमुख दलों ने गुर्जर कार्ड खेला है। भाजपा ने तेजपाल तंवर को उतरा है, जबकि कांग्रेस ने रोहताश खटाना को प्रत्याशी बनाया है। इस सीट पर कांग्रेेस और भाजपा दोनों के ही प्रत्याशियों को अपनों का विरोध सहना पड़ रहा है। भाजपा का टिकट कटने से नाराज हुए जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन कल्याण सिंह ने निर्दलीय ताल ठोंकी है। भाजपा के ही सुभाष बंसल भी इस सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। मुसीबत कांग्रेस प्रत्याशी राेहताश खटाना की भी कम नहीं हैं। रोहताश 2019 में इसी सीट से जजपा के निशान पर चुनाव लड़ चुके हैं। इस बार वह कुछ दिन पहले ही कांग्रेस में शामिल हुए और अगले ही दिन उन्हें कांग्रेस का टिकट मिल गया। इस सीट से टिकट के प्रबल दावेदार प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जितेंद्र भारद्वाज माने जा रहे थे।
मुख्य प्रत्याशी:
तेजपाल तंवर - भाजपा
रोहताश खटाना - कांग्रेस
धर्मेंद्र खटाना - आप
विनेश गुर्जर - आजाद समाज पार्टी
मतदाताओं की संख्या:
कुल मतदाता - 283391
महिला मतदाता - 132420
पुरुष मतदाता - 150959
पटौदी : दो महिलाएं ही आमने-सामने
अनुसूचित जाति के प्रत्याशी के लिए आरक्षित इस सीट पर कांग्रेस और भाजपा ने महिला प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारा है। भाजपा ने यहां से बिमला चौधरी को अपना प्रत्याशी बनाया है। बिमला 2014 में भी इसी सीट से भाजपा के टिकट पर लड़कर विधानसभा पहुंची थीं। 2019 में उनका टिकट काटकर भाजपा ने सत्यप्रकाश जरावता को अपना प्रत्याशी बनाया था। वह भी चुनाव जीत गए थे। इस बार सत्यप्रकाश को दरकिनार करके पार्टी ने एक बार फिर से बिमला को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। कांग्रेस ने इस सीट से पूर्व विधायक रहे भूपेंद्र चौधरी की बेटी पर्ल चौधरी को अपना प्रत्याशी बनाया है।
मुख्य प्रत्याशी:
बिमला चौधरी- भाजपा
पर्ल चौधरी - कांग्रेस
प्रदीप जाटौली - आप
अमरनाथ जेई - जजपा
मतदाताओं की संख्या:
कुल मतदाता - 253684
महिला मतदाता - 121408
पुरुष मतदाता - 132274
अनुसूचित जाति के प्रत्याशी के लिए आरक्षित इस सीट पर कांग्रेस और भाजपा ने महिला प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारा है। भाजपा ने यहां से बिमला चौधरी को अपना प्रत्याशी बनाया है। बिमला 2014 में भी इसी सीट से भाजपा के टिकट पर लड़कर विधानसभा पहुंची थीं। 2019 में उनका टिकट काटकर भाजपा ने सत्यप्रकाश जरावता को अपना प्रत्याशी बनाया था। वह भी चुनाव जीत गए थे। इस बार सत्यप्रकाश को दरकिनार करके पार्टी ने एक बार फिर से बिमला को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। कांग्रेस ने इस सीट से पूर्व विधायक रहे भूपेंद्र चौधरी की बेटी पर्ल चौधरी को अपना प्रत्याशी बनाया है।
मुख्य प्रत्याशी:
बिमला चौधरी- भाजपा
पर्ल चौधरी - कांग्रेस
प्रदीप जाटौली - आप
अमरनाथ जेई - जजपा
मतदाताओं की संख्या:
कुल मतदाता - 253684
महिला मतदाता - 121408
पुरुष मतदाता - 132274
बादशाहपुर : सबसे बड़ी विधानसभा में कोई बगावत नहीं
पांच लाख से ज्यादा वोटरों वाली बादशाहपुर सीट हरियाणा में सबसे बड़ी विधानसभा है। इस सीट पर भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के बीच ही मुख्य मुकाबला माना जा रहा है। भाजपा ने यहां से राव नरबीर सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस ने इस सीट से वर्धन यादव को उतारा है। जिले की यह इकलौती ऐसी सीट है, जहां भाजपा या कांग्रेस को सीधे तौर पर किसी अपने की बगावत का सामना नहीं करना पड़ रहा। ऐसे में इस सीट पर मुकाबला रोचक होने वाला है।
मुख्य प्रत्याशी:
राव नरबीर सिंह - भाजपा
वर्धन यादव - कांग्रेस
बीर सिंह - आप
सुरेंद्र यादव - जजपा
मतदाताओं की संख्या
कुल मतदाता - 513052
महिला मतदाता - 241868
पुरुष मतदाता - 271167
पांच लाख से ज्यादा वोटरों वाली बादशाहपुर सीट हरियाणा में सबसे बड़ी विधानसभा है। इस सीट पर भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के बीच ही मुख्य मुकाबला माना जा रहा है। भाजपा ने यहां से राव नरबीर सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस ने इस सीट से वर्धन यादव को उतारा है। जिले की यह इकलौती ऐसी सीट है, जहां भाजपा या कांग्रेस को सीधे तौर पर किसी अपने की बगावत का सामना नहीं करना पड़ रहा। ऐसे में इस सीट पर मुकाबला रोचक होने वाला है।
मुख्य प्रत्याशी:
राव नरबीर सिंह - भाजपा
वर्धन यादव - कांग्रेस
बीर सिंह - आप
सुरेंद्र यादव - जजपा
मतदाताओं की संख्या
कुल मतदाता - 513052
महिला मतदाता - 241868
पुरुष मतदाता - 271167