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Gurugram News: आभा आईडी बनाने में गुरुग्राम अव्वल
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स्वास्थ्य दस्तावेज एक ही डिजिटल अकाउंट में सुरक्षित, मरीज व डॉक्टर दोनों को आसानी
सौम्या गुप्ता
गुरुग्राम। स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों की परेशानी को कम करने के उद्देश्य से आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत आभा आईडी बनाई गई हैं। इस आईडी के माध्यम से मरीज से जुड़े सभी स्वास्थ्य दस्तावेज एक ही डिजिटल अकाउंट में सुरक्षित रहते हैं। इससे इलाज के दौरान मरीज और डॉक्टर दोनों को सुविधा मिलती है। हरियाणा के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में कराई जाने वाली जांचों का रिकॉर्ड आभा आईडी से जोड़ा जा रहा है, जिससे मरीज को बार-बार पुराने कागजात संभालकर रखने की जरूरत नहीं पड़ती।
स्वास्थ्य विभाग की डिप्टी सिविल सर्जन डाॅ. शालिनी ने बताया कि राज्य में आभा आईडी के उपयोग के मामले में गुरुग्राम पहले स्थान पर है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में इसका व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है। योजना की शुरुआत से अब तक हरियाणा में कुल 12 लाख 10 हजार 839 आभा आईडी बनाई जा चुकी हैं। विभाग का मानना है कि आने वाले समय में यह डिजिटल व्यवस्था स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सरल व पारदर्शी बनाएगी।
क्या है आभा आईडी
आभा आईडी 14 अंकों की डिजिटल हेल्थ पहचान है, जो आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत बनती है। यह आपके सभी मेडिकल रिकॉर्ड्स (जैसे पर्चे, रिपोर्ट्स, डायग्नोसिस) को सुरक्षित रूप से एक जगह पर डिजिटल रूप से जोड़ती है। इससे डॉक्टर आपके स्वास्थ्य से संबंधित सभी दस्तावेज एक क्लिक में देख सकते हैं और इलाज करना आसान हो जाता है।
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यहां करें पंजीकृत
umang.gov.in
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गर्भवती महिलाओं के लिए अनिवार्य
सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर लागू होगा, जहां अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध है। खासतौर से गर्भवती महिलाओं के लिए अल्ट्रासाउंड कराने के लिए आभा आईडी अनिवार्य कर दिया है।
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स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल सेवाओं के तहत बढ़ावा देने के लिए आभा आईडी बनाने हेतु लोगों को लगातार प्रोत्साहित किया गया। इसी प्रयास का परिणाम है कि राज्य में गुरुग्राम आभा आईडी निर्माण में पहले स्थान पर है। -
डाॅ. लोकवीर, सीएमओ, स्वास्थय विभाग, गुरुग्राम
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सौम्या गुप्ता
गुरुग्राम। स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों की परेशानी को कम करने के उद्देश्य से आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत आभा आईडी बनाई गई हैं। इस आईडी के माध्यम से मरीज से जुड़े सभी स्वास्थ्य दस्तावेज एक ही डिजिटल अकाउंट में सुरक्षित रहते हैं। इससे इलाज के दौरान मरीज और डॉक्टर दोनों को सुविधा मिलती है। हरियाणा के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में कराई जाने वाली जांचों का रिकॉर्ड आभा आईडी से जोड़ा जा रहा है, जिससे मरीज को बार-बार पुराने कागजात संभालकर रखने की जरूरत नहीं पड़ती।
स्वास्थ्य विभाग की डिप्टी सिविल सर्जन डाॅ. शालिनी ने बताया कि राज्य में आभा आईडी के उपयोग के मामले में गुरुग्राम पहले स्थान पर है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में इसका व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है। योजना की शुरुआत से अब तक हरियाणा में कुल 12 लाख 10 हजार 839 आभा आईडी बनाई जा चुकी हैं। विभाग का मानना है कि आने वाले समय में यह डिजिटल व्यवस्था स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सरल व पारदर्शी बनाएगी।
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क्या है आभा आईडी
आभा आईडी 14 अंकों की डिजिटल हेल्थ पहचान है, जो आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत बनती है। यह आपके सभी मेडिकल रिकॉर्ड्स (जैसे पर्चे, रिपोर्ट्स, डायग्नोसिस) को सुरक्षित रूप से एक जगह पर डिजिटल रूप से जोड़ती है। इससे डॉक्टर आपके स्वास्थ्य से संबंधित सभी दस्तावेज एक क्लिक में देख सकते हैं और इलाज करना आसान हो जाता है।
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गर्भवती महिलाओं के लिए अनिवार्य
सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर लागू होगा, जहां अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध है। खासतौर से गर्भवती महिलाओं के लिए अल्ट्रासाउंड कराने के लिए आभा आईडी अनिवार्य कर दिया है।
स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल सेवाओं के तहत बढ़ावा देने के लिए आभा आईडी बनाने हेतु लोगों को लगातार प्रोत्साहित किया गया। इसी प्रयास का परिणाम है कि राज्य में गुरुग्राम आभा आईडी निर्माण में पहले स्थान पर है। -
डाॅ. लोकवीर, सीएमओ, स्वास्थय विभाग, गुरुग्राम