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गुरुग्राम: निजी अस्पताल ने कहा, ढाई लाख जमा करो मरीज ले जाओ
Fri, 19 Jun 2020 07:11 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, गुरुग्राम
अमर उजाला ब्यूरो, गुरुग्राम
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Fri, 19 Jun 2020 07:11 PM IST
सार
- - सेक्टर-43 स्थित एक सुपरस्पेशिलिटी प्राइवेट हास्पिटल का मामला
- - जांच में कोरोना रिपोर्ट भी पॉजिटिव बताई
- - परिजनों को दिया 3 लाख से ज्यादा का बिल, परिजनों ने जमा कराए 85 हजार
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विस्तार
इलाज के नाम पर निजी अस्पताल पहले से ही मरीजों की जेब ढीली करते रहे हैं, कोरोना काल में अस्पताल संचालकों को कमाई का एक और जरिया मिल गया है। अब तो अस्पताल संचालक मरीजों को बंधक बनाने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। सेक्टर-43 स्थित एक निजी अस्पताल से ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें अलग-अलग रोगों से ग्रस्त बताकर मरीज को भर्ती कर लिया गया और बाद में 3 लाख से ज्यादा का बिल थमा दिया।
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मरीज के परिजनों ने 85 हजार रुपये देकर बाकी के पैसे देने में असमर्थता जताई तो अस्पताल ने मरीज को डिस्चार्ज करने से साफ मना कर दिया। सेक्टर-52 इंदिरा कॉलोनी निवासी मरीज के परिजनों ने बताया कि मरीज को स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें होने पर सेक्टर-43 स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है।
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डॉक्टरों ने पहले तो मरीज को ट्यूमर बताया, अस्पताल में भर्ती करने के बाद कहा ट्यूमर फट गया है। इसका ऑपरेशन करना होगा। इलाज हुआ और उसके लिए परिजनों ने ढाई लाख रुपये दिए। मरीज को डिस्चार्ज करने के बाद उसको सांस लेने में तकलीफ होने लगी तो फिर से भर्ती कर लिया और कहा कि मरीज को निमोनिया हो गया है।
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इसी दौरान कोरोना की जांच हुई तो रिपोर्ट पॉजिटिव बताई गई। परिजनों का आरोप है कि महज 4 दिन के अंदर ही अस्पताल ने उनको 3 लाख 27 हजार 663 रुपये का बिल पकड़ा दिया। परिजनों के मुताबिक वह पहले से ही इलाज कराने में असमर्थता जताते हुए मरीज को डिस्चार्ज करने की बात कह रहे थे, लेकिन अस्पताल ने मरीज को डिस्चार्ज नहीं किया।
परिजनों के मुताबिक उन्होंने जब मरीज को डिस्चार्ज कर शासकीय अस्पताल में इलाज कराने की बात कही तो अस्पताल ने बिना बकाया पैसों का भुगतान किए मरीज को डिस्चार्ज करने से साफ मना कर दिया। मरीज के परिजनों ने पुलिस में भी शिकायत दी लेकिन पुलिस ने बिल जमा कराने की बात कहकर शिकायत लेने से इनकार कर दिया। इस संबंध में एक वीडियो भी वायरल रहो रहा है, जिसमें मरीज के परिजन अस्पताल से मरीज को डिस्चार्ज करने का अनुरोध करते नजर आ रहे हैं।