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Gurugram News: खास होंगे गुरुग्राम मेट्रो के स्टेशन, यात्रियों की सहूलियत पर होगा ध्यान
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गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड विदेशी विशेषज्ञ या पेशेवर की मदद लेगा
मनोज धर द्विवेदी
गुुुरुग्राम। ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के स्टेशन खास होंगे। अलग लुक देेने के लिए गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) विदेशी विशेषज्ञ या पेशेवर (एक्सपैट) की मदद लेने जा रहा है। इसके लिए तीन टीमें मेट्रो निर्माण को लेकर सुझाव देंगी। इसमें ग्रीन मेट्रो के निर्माण, यात्रियों की सहूलियतों को देखते हुए एफओबी, स्टेशन की छत के डिजाइन समेत अन्य कार्य शामिल हैं। एक्सपैट विदेश में मेट्रो परियोजनाओं समेत अन्य काम करने में विशेषज्ञ होते हैं।
जीएमआरएल ने डिटेल डिजाइन कंसलटेंट के लिए फ्रांस की कंपनी सिस्ट्रा को रखा हुआ है। सिस्ट्रा ने पहले चरण के 14 मेट्रो स्टेशनों का स्ट्रक्चरल डिजाइन तैयार किया है। इसी अनुसार सिविल वर्क का काम एक एजेंसी को दिया गया और काम शुरू हो चुका है। जीएमआएल ने टेंडर ड्राइंग के साथ अब डिटेल डिजाइन पर काम शुरू कर दिया है और मेट्रो स्टेशनों को खास तरीके से तैयार कराना चाहता है। सिस्ट्रा एजेंसी ने इसके लिए तीन एक्सपैट टीमों को बुलाया है। यह टीमें तीन दिन तक जीएमआरएल के साथ ग्रीन मेट्रो निर्माण, एफओबी निर्माण, स्टेशनों की छत का डिजाइन समेत अन्य पर अपने सुझाव देंगे। जीएमआरएल मेट्रो स्टेशनों के अंदर और बाहरी लुक को अलग प्रकार से तैयार करना चाहता है जिससे स्टेशनों के डिजाइन काे अंतिम रूप दिया जा सके। जीएमआरएल के अनुसार एक्सपैट में आर्किटेक्ट, स्ट्रक्चर विशेषज्ञ समेत अन्य शामिल हैं। तीन दिन तक मेट्रो के डिजाइन समेत अन्य बातों पर मंथन होगा।
जीएमआरआर का मानना है कि गुरुग्राम की पहचान मिलेनियम सिटी के रूप में भी है। ऐसे में मेट्रो स्टेशनों का लुक खास प्रकार का होना चाहिए। इसमें लखनऊ और बेंगलुरु में मेट्रो स्टेशनों के बाहरी लुक को दिल्ली मेट्रो से हटकर बनाया गया है। लखनऊ मेट्रो के स्टेशन वहां की विरासत को दिखाते हैं। इससे इंटरनेशनल स्टैंडर्ड और आधुनिक टेक्नोलॉजी के अनुभव से बेहतर डिजाइन और टिकाऊ बनाने में मदद मिलेगी। मेट्रो निर्माण में एक्सपैट का मतलब विदेशी विशेषज्ञ या पेशेवर होते है, जो विशेष रूप से मेट्रो के डिजाइन, इंजीनियरिंग या निर्माण प्रबंधन जैसे जटिल कार्यों के लिए लाए जाते हैं। इनके पास विदेश में काम करने का अनुभव होता है।
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जीएमआरएल की टीम नए दफ्तर में शिफ्ट
जीएमआरएल का नया कार्यालय सेक्टर-55 रेपिड मेट्रो डिपो में बनकर तैयार हो गया है। एआईटी चौक सेक्टर-55 में जीएमआरएल की टीम बुधवार को शिफ्ट हो गई है। ऐसे में अब जीएमआरएल को कार्यालय के लिए पर्याप्त जगह मिल गई है। भविष्य में जीएमआरएल की टीम बढ़ रही है, इसके कार्य और बढ़ने वाले हैं। ऐसे में कंपनी को नई जगह उपलब्ध कराई गई है। इस पर करीब 1.71 करोड़ खर्च किए गए हैं। इसी कार्यालय से मेट्रो का निर्माण और संचालन किया जाएगा। पहले जीएमआरएल का मौलसारी एवेन्यू रोड, डीएलएफ फेज 3 में कार्यालय था।
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मनोज धर द्विवेदी
गुुुरुग्राम। ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के स्टेशन खास होंगे। अलग लुक देेने के लिए गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) विदेशी विशेषज्ञ या पेशेवर (एक्सपैट) की मदद लेने जा रहा है। इसके लिए तीन टीमें मेट्रो निर्माण को लेकर सुझाव देंगी। इसमें ग्रीन मेट्रो के निर्माण, यात्रियों की सहूलियतों को देखते हुए एफओबी, स्टेशन की छत के डिजाइन समेत अन्य कार्य शामिल हैं। एक्सपैट विदेश में मेट्रो परियोजनाओं समेत अन्य काम करने में विशेषज्ञ होते हैं।
जीएमआरएल ने डिटेल डिजाइन कंसलटेंट के लिए फ्रांस की कंपनी सिस्ट्रा को रखा हुआ है। सिस्ट्रा ने पहले चरण के 14 मेट्रो स्टेशनों का स्ट्रक्चरल डिजाइन तैयार किया है। इसी अनुसार सिविल वर्क का काम एक एजेंसी को दिया गया और काम शुरू हो चुका है। जीएमआएल ने टेंडर ड्राइंग के साथ अब डिटेल डिजाइन पर काम शुरू कर दिया है और मेट्रो स्टेशनों को खास तरीके से तैयार कराना चाहता है। सिस्ट्रा एजेंसी ने इसके लिए तीन एक्सपैट टीमों को बुलाया है। यह टीमें तीन दिन तक जीएमआरएल के साथ ग्रीन मेट्रो निर्माण, एफओबी निर्माण, स्टेशनों की छत का डिजाइन समेत अन्य पर अपने सुझाव देंगे। जीएमआरएल मेट्रो स्टेशनों के अंदर और बाहरी लुक को अलग प्रकार से तैयार करना चाहता है जिससे स्टेशनों के डिजाइन काे अंतिम रूप दिया जा सके। जीएमआरएल के अनुसार एक्सपैट में आर्किटेक्ट, स्ट्रक्चर विशेषज्ञ समेत अन्य शामिल हैं। तीन दिन तक मेट्रो के डिजाइन समेत अन्य बातों पर मंथन होगा।
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जीएमआरआर का मानना है कि गुरुग्राम की पहचान मिलेनियम सिटी के रूप में भी है। ऐसे में मेट्रो स्टेशनों का लुक खास प्रकार का होना चाहिए। इसमें लखनऊ और बेंगलुरु में मेट्रो स्टेशनों के बाहरी लुक को दिल्ली मेट्रो से हटकर बनाया गया है। लखनऊ मेट्रो के स्टेशन वहां की विरासत को दिखाते हैं। इससे इंटरनेशनल स्टैंडर्ड और आधुनिक टेक्नोलॉजी के अनुभव से बेहतर डिजाइन और टिकाऊ बनाने में मदद मिलेगी। मेट्रो निर्माण में एक्सपैट का मतलब विदेशी विशेषज्ञ या पेशेवर होते है, जो विशेष रूप से मेट्रो के डिजाइन, इंजीनियरिंग या निर्माण प्रबंधन जैसे जटिल कार्यों के लिए लाए जाते हैं। इनके पास विदेश में काम करने का अनुभव होता है।
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जीएमआरएल की टीम नए दफ्तर में शिफ्ट
जीएमआरएल का नया कार्यालय सेक्टर-55 रेपिड मेट्रो डिपो में बनकर तैयार हो गया है। एआईटी चौक सेक्टर-55 में जीएमआरएल की टीम बुधवार को शिफ्ट हो गई है। ऐसे में अब जीएमआरएल को कार्यालय के लिए पर्याप्त जगह मिल गई है। भविष्य में जीएमआरएल की टीम बढ़ रही है, इसके कार्य और बढ़ने वाले हैं। ऐसे में कंपनी को नई जगह उपलब्ध कराई गई है। इस पर करीब 1.71 करोड़ खर्च किए गए हैं। इसी कार्यालय से मेट्रो का निर्माण और संचालन किया जाएगा। पहले जीएमआरएल का मौलसारी एवेन्यू रोड, डीएलएफ फेज 3 में कार्यालय था।