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गुरुग्राम: मानेसर में नौ जनवरी को फिर महापंचायत, बड़े आंदोलन की बनेगी रणनीति
Fri, 31 Dec 2021 05:38 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Fri, 31 Dec 2021 05:38 PM IST
सार
पंचायत में कानूनी विकल्प पर विचार विमर्श करने के साथ ही बड़े आंदोलन की तैयारी की जाएगी। इस समय मानेसर निगम के गांवों के लोगों में सरकार के प्रति आक्रोश पनप रहा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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विस्तार
मानेसर नगर निगम क्षेत्र में बड़े आंदोलन की रुपरेखा तैयार की जा रही है। 29 की महापंचायत के बाद ग्रामीण नगर निगम को भंग कराने के लिए लोग अधिक मुखर नजर आ रहे हैं। अब दोबारा नौ जनवरी को फिर से महापंचायत आहूत की गई है। इस पंचायत तक गठित कमेटी कानूनी विशषेज्ञों से तमाम कानूनी पहलुओं पर चर्चा कर लेगी।
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पंचायत में कानूनी विकल्प पर विचार विमर्श करने के साथ ही बड़े आंदोलन की तैयारी की जाएगी। इस समय मानेसर निगम के गांवों के लोगों में सरकार के प्रति आक्रोश पनप रहा है। लोगों का कहना है कि निगम को भंग कराने के लिए वो किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। अगर पर चक्का जाम से लेकर आमरण अनश्न, निगम का काम ठप करना पड़ा तो उससे भी पीछे नहीं हटेंगे।
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क्षेत्र के शिक्षाविद एवं बाबा न्यारम साध गौशाला के संरक्षक मास्टर बलबीर सिंह तथा मानेसर के पूर्व सरपंच ओमप्रकाश यादव ने कहा कि ग्रामीणों ने नगर निगम के गठन को न्यायालय में चुनौती देने तथा महाआंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली है।
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आगामी 9 जनवरी को फिर से महापंचायत बुलाई गई है जिसमें आगे की रणनीति बनाए जाएगी। इन लोगों ने कहा कि सरकार को हर हाल में निगम को भंग करना होगा। इन लोगों का आरोप है कि ग्रामीणों को विकास का झूठा सब्जबाग दिखाकर पंचायतों का अरखों रुपए पर डाका डालने के लिए निगम का गठन का किया गया है। निगम लूट के अड्डे के सिवाय कुछ नहीं है। वो पंचायती राज के पक्षधर है। सरकार को वापिस पंचायती राज बहाल करना होगा।