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Gurugram News: औद्योगिक इकाइयों के दूषित पानी को शोधित करेगा जीएमडीए

Fri, 24 Nov 2023 01:05 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 24 Nov 2023 01:05 AM IST
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GMDA will treat contaminated water from industrial units
सेक्टर-34/35 में तैयार किया जाएगा बीस एमएलडी का सीईटीपी, जीएमडीए तैयार करा रहा डीपीआर
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अमर उजाला ब्यूरो
गुुरुग्राम। साइबर सिटी में औद्योगिक इकाईयों के गंदे पानी को शोधित करने के लिए सीईटीपी (कॉमन इंफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) बनाने की तैयारी है। इसके लिए जीएमडीए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करवा रहा है। बीस एमएलडी का संयंत्र सेक्टर-34/35 (खांड़सा गांव) में तैयार किया जाएगा।
जिले में करीब 20 हजार छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयां हैं। इसके अलावा काफी बगैर पंजीकृत इकाइयां भी हैं। औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले गंदे पानी को साफ करने में घरेलू सीवर शोधन संयंत्र (एसटीपी) पूरी तरह से कारगर नहीं हैं। वहीं, जिले में डाई यूनिटें, केमिकल फैक्ट्रियां व एल्युमिनियम की भी कंपनियां भी हैं। कंपनियों के गंदे पानी को साफ करने के लिए समुचित इंतजाम नहीं है। उद्योगों का कई बार गंदा पानी भी सीवर लाइनों के जरिए एसटीपी में पहुंच रहा है।
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इसे देखते हुए औद्योगिक गंदे पानी को साफ करने के लिए अलग से सीईटीपी की जरूरत है। उद्योगों के पानी में केमिकल भी होता है। ऐसे में अलग संयंत्र की जरूरत है। इसके लिए जीएमडीए ने संयंत्र लगवाने की योजना तैयार की है। दो दिन पहले जीएमडीए की बैठक में सीईओ पीसी मीणा ने परियोजना को सिरे चढ़ाने की मंजूरी दे दी है। जीएमडीए के अनुसार खाड़सा गांव में बीस एमएलडी का सीईटीपी बनाया जाना है। इसके लिए जमीन एचएसआईआईडीसी को उपलब्ध करना है।
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यमुना का पानी हो रहा दूषित

एनजीटी और प्रदूषण बोर्ड का सख्त निर्देश है कि यमुना नदी में शोधित पानी ही डाला जाए लेकिन जिले में पर्याप्त सीवर शोधन संयंत्र नहीं होने से सैकड़ों लीटर पानी नजफगढ़ ड्रेन के माध्यम से यमुना में गिर रहा है। दूसरी ओर उद्योगों का भी गंदा पानी चोरी छिपे नालों में डाल दिया जाता है। यमुना एक्शन प्लॉन के तहत यमुना नदी के पानी को दूषित होने से बचाने के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार है। इसके तहत घरेलू और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले गंदे पानी को 100 फीसदी शोधित करने की योजना है। इसके लिए पुराने एसटीपी की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है। वहीं, मानेसर में भी बीस एमएलडी का संयंत्र लगाया जा रहा है।
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