{"_id":"6830c1e45069c6451a0e3f66","slug":"give-information-about-negligence-in-schools-on-number-9050317480-action-will-be-taken-gurgaon-news-c-25-1-mwt1003-103530-2025-05-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: स्कूलों में लापरवाही की 9050317480 नंबर पर दे सूचना, होगी कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: स्कूलों में लापरवाही की 9050317480 नंबर पर दे सूचना, होगी कार्रवाई
विज्ञापन
- दसवीं व बाहरवीं का परीक्षा परिणाम खराब आने पर जिला प्रशासन हुआ गंभीर
- अध्यापक ही नहीं लापरवाही पर स्कूल मुखिया व अधिकारी भी नपेंगे
शेरसिंह डागर
नूंह :मेवात जिले की बोर्ड परीक्षाओं का परीक्षा परिणाम खराब आने के बाद जिला प्रशासन शिक्षा को लेकर गंभीर हो गया है। अब ऐसे अध्यापकों को कार्यवाही करने की तैयारी है जो पढ़ाई के प्रति न केवल लापरवाह हैं बल्कि स्कूल भी समय पर नहीं आते हैं। इसके अलावा अध्यापकों की गलती पर पर्दा डालने वाले स्कूल मुखिया भी नपेंगे। जिला प्रशासन ने स्कूली के छात्र, अभिभावक व गांव के पंच-सरपंच सहित मौजिज लोगों के लिए मोबाइल नंबर 9050317480 जारी किया है।
इस नंबर पर कोई भी व्यक्ति अध्यापकों की लापरवाही संबंधित सूचना व व्हाट्सएप कर सकता है। जिला प्रशासन इस नंबर पर आने वाली सूचना पर तुरंत कार्यवाही करेगा। स्वयं उपायुक्त इस नंबर की निगरानी करेंगे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी लगातार औचक निरीक्षण के आदेश जारी किए गए हैं। इस औचक निरीक्षण की जिम्मेदारी उपमंडल स्तर पर एसडीएम को सौंपी गई है वो भी निरीक्षण करेंगे और जो खामी पाएंगी उस पर कार्यवाही कराएंगे।
-- -- -- -- -- -- --
10वीं-12वीं के परीक्षा परिणाम में नूंह सबसे फिसड्डी
बता दें कि नूंह जिले का दसवीं व बारहवीं कक्षा का परीक्षा परीणाम प्रदेश में सबसे निचले पायदान पर रहा है। बारहवीं कक्षा का परिणाम 45 प्रतिशत रहा है तो दसवीं का 56 प्रतिशत के रहा है। इससे मेवात को पूरे प्रदेश में शर्मसार होना पड़ा है। इस पर संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
विज्ञापन
:::::::::
मेवात के अधिकांश अध्यापक दूसरे जिलों में तैनात
हालात ये हैं कि मेवात में अधिकांश अध्यापक दूसरे जिलों के तैनात हैं। इसमें से अधिकांश मेवात में न रहकर दूररराज अपने गृह जिलों से रोजाना आ -जा रहे हैं। ऐसे अध्यापक स्कूल की छुट्टी होने से पहले स्कूल से निकलने की फिराक में रहते हैं तो सुबह भी स्कूल समय के बाद पहुंचते हैं। इसके अलावा जो बाहरी जिलों के अध्यापक मेवात में रह रहे हैं वो शुक्रवार व शनिवार को दोपहर को ही अपने घर को निकल जाते हैं और सोमवार को दोपहर तक स्कूल पहुंचते हैं। ऐसे में स्थानीय अध्यापक भी इस बात का फायदा उठाने में पीछे नहीं रहते वो भी अपनी मनमर्जी से स्कूल आते हैं और कई स्कूलों में तो ऐसी सेटिंग हैं बाहरी जिलों का अध्यापक स्कूल में है तो स्थानीय नहीं है और स्थानीय है तो बाहरी नहीं। जिसके कारण यहां पढ़ाई चौपट है।
::::::
निरीक्षण पर स्पेशल फोकस
यहां स्कूलों का निरीक्षण नहीं हो रहा है। जिसके कारण यह सब खेल चल रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारी खानापूर्ति तक सीमित हैं। जिला शिक्षा अधिकारी पर अतिरिक्त चार्ज है वो निरीक्षण नहीं फाइलों में उलझे रहते हैं। इसके अलावा जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, बीइओ सहित कई पद रिक्त हैं। जो भरे हैं वो निरीक्षण करते नहीं। करते तो खानापूर्ति तक रहते हैं। लेकिन अब शिक्षा विभाग और एसडीएम लगातार निरीक्षण करेंगे। जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम खराब रहा है वहां अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जाएंगी और जिनका बेहतर रहा है वहां अध्यापकों को सम्मानित किया जाएगा।
:::::::
कैसे दें सूचना :
जिला प्रशासन ने जो नंबर जारी किया है। उस पर गांव का कोई भी व्यक्ति, छात्र, पंच, सरपंच ऐसे अध्यापकों की विडियो व व्टसएप डाल सकता है जो अध्यापक व प्रिंसिपल समय पर स्कूल नहीं आता है। नहीं पढ़ाता है। कक्षा में मोबाइल देखता है या फिर अपना पीरियड नहीं लेता है। इस नंबर की शिकायतों के लिए एक कमेटी बनाई गई है जो शिकायत सही पाए जाने पर कार्यवाही करेगी। स्वयं डीसी इस पर आने वाली शिकायतों का ब्यौरा व मॉनिटरिंग करेंगे। लापरवाह अध्यापक पर प्रिंसिपल कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है तो प्रिंसिपल पर कार्यवाही होगी।
-- -- -- -- -- -- -- -
अभिभावक भी जाएं स्कूल :
डीसी ने अभिभावकों से अपील की है कि वो समय-समय पर स्कूलों में जाएं। वहां के हालात, बिजली-पानी, शौचालयों के अलावा पढ़ाई के बारे में जानकारी लें। अगर गड़बड़ है तो उसके बारे में जारी किए गए नंबर पर सूचित करें।
::::::::
परीक्षा परिणाम खराब रहा है। हमने स्कूलों में लापरवाही के सुधार के लिए मोबाइल नंबर 9050317480 जारी किया है। इस पर आने वाली शिकायतों पर कार्यवाही होगी। अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं। अध्यापक ही नहीं जिम्मेदार अधिकारी व स्कूल मुखिया भी नपेंगे। अभिभावक स्कूलों में जाकर जानकारी लें। ताकि अगले वर्ष परिणाम बेहतर आ सकें।
विश्राम मीणा, डीसी नूंह।
विज्ञापन
- अध्यापक ही नहीं लापरवाही पर स्कूल मुखिया व अधिकारी भी नपेंगे
शेरसिंह डागर
नूंह :मेवात जिले की बोर्ड परीक्षाओं का परीक्षा परिणाम खराब आने के बाद जिला प्रशासन शिक्षा को लेकर गंभीर हो गया है। अब ऐसे अध्यापकों को कार्यवाही करने की तैयारी है जो पढ़ाई के प्रति न केवल लापरवाह हैं बल्कि स्कूल भी समय पर नहीं आते हैं। इसके अलावा अध्यापकों की गलती पर पर्दा डालने वाले स्कूल मुखिया भी नपेंगे। जिला प्रशासन ने स्कूली के छात्र, अभिभावक व गांव के पंच-सरपंच सहित मौजिज लोगों के लिए मोबाइल नंबर 9050317480 जारी किया है।
इस नंबर पर कोई भी व्यक्ति अध्यापकों की लापरवाही संबंधित सूचना व व्हाट्सएप कर सकता है। जिला प्रशासन इस नंबर पर आने वाली सूचना पर तुरंत कार्यवाही करेगा। स्वयं उपायुक्त इस नंबर की निगरानी करेंगे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी लगातार औचक निरीक्षण के आदेश जारी किए गए हैं। इस औचक निरीक्षण की जिम्मेदारी उपमंडल स्तर पर एसडीएम को सौंपी गई है वो भी निरीक्षण करेंगे और जो खामी पाएंगी उस पर कार्यवाही कराएंगे।
विज्ञापन
10वीं-12वीं के परीक्षा परिणाम में नूंह सबसे फिसड्डी
बता दें कि नूंह जिले का दसवीं व बारहवीं कक्षा का परीक्षा परीणाम प्रदेश में सबसे निचले पायदान पर रहा है। बारहवीं कक्षा का परिणाम 45 प्रतिशत रहा है तो दसवीं का 56 प्रतिशत के रहा है। इससे मेवात को पूरे प्रदेश में शर्मसार होना पड़ा है। इस पर संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
विज्ञापन
:::::::::
मेवात के अधिकांश अध्यापक दूसरे जिलों में तैनात
हालात ये हैं कि मेवात में अधिकांश अध्यापक दूसरे जिलों के तैनात हैं। इसमें से अधिकांश मेवात में न रहकर दूररराज अपने गृह जिलों से रोजाना आ -जा रहे हैं। ऐसे अध्यापक स्कूल की छुट्टी होने से पहले स्कूल से निकलने की फिराक में रहते हैं तो सुबह भी स्कूल समय के बाद पहुंचते हैं। इसके अलावा जो बाहरी जिलों के अध्यापक मेवात में रह रहे हैं वो शुक्रवार व शनिवार को दोपहर को ही अपने घर को निकल जाते हैं और सोमवार को दोपहर तक स्कूल पहुंचते हैं। ऐसे में स्थानीय अध्यापक भी इस बात का फायदा उठाने में पीछे नहीं रहते वो भी अपनी मनमर्जी से स्कूल आते हैं और कई स्कूलों में तो ऐसी सेटिंग हैं बाहरी जिलों का अध्यापक स्कूल में है तो स्थानीय नहीं है और स्थानीय है तो बाहरी नहीं। जिसके कारण यहां पढ़ाई चौपट है।
::::::
निरीक्षण पर स्पेशल फोकस
यहां स्कूलों का निरीक्षण नहीं हो रहा है। जिसके कारण यह सब खेल चल रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारी खानापूर्ति तक सीमित हैं। जिला शिक्षा अधिकारी पर अतिरिक्त चार्ज है वो निरीक्षण नहीं फाइलों में उलझे रहते हैं। इसके अलावा जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, बीइओ सहित कई पद रिक्त हैं। जो भरे हैं वो निरीक्षण करते नहीं। करते तो खानापूर्ति तक रहते हैं। लेकिन अब शिक्षा विभाग और एसडीएम लगातार निरीक्षण करेंगे। जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम खराब रहा है वहां अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जाएंगी और जिनका बेहतर रहा है वहां अध्यापकों को सम्मानित किया जाएगा।
:::::::
कैसे दें सूचना :
जिला प्रशासन ने जो नंबर जारी किया है। उस पर गांव का कोई भी व्यक्ति, छात्र, पंच, सरपंच ऐसे अध्यापकों की विडियो व व्टसएप डाल सकता है जो अध्यापक व प्रिंसिपल समय पर स्कूल नहीं आता है। नहीं पढ़ाता है। कक्षा में मोबाइल देखता है या फिर अपना पीरियड नहीं लेता है। इस नंबर की शिकायतों के लिए एक कमेटी बनाई गई है जो शिकायत सही पाए जाने पर कार्यवाही करेगी। स्वयं डीसी इस पर आने वाली शिकायतों का ब्यौरा व मॉनिटरिंग करेंगे। लापरवाह अध्यापक पर प्रिंसिपल कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है तो प्रिंसिपल पर कार्यवाही होगी।
अभिभावक भी जाएं स्कूल :
डीसी ने अभिभावकों से अपील की है कि वो समय-समय पर स्कूलों में जाएं। वहां के हालात, बिजली-पानी, शौचालयों के अलावा पढ़ाई के बारे में जानकारी लें। अगर गड़बड़ है तो उसके बारे में जारी किए गए नंबर पर सूचित करें।
::::::::
परीक्षा परिणाम खराब रहा है। हमने स्कूलों में लापरवाही के सुधार के लिए मोबाइल नंबर 9050317480 जारी किया है। इस पर आने वाली शिकायतों पर कार्यवाही होगी। अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं। अध्यापक ही नहीं जिम्मेदार अधिकारी व स्कूल मुखिया भी नपेंगे। अभिभावक स्कूलों में जाकर जानकारी लें। ताकि अगले वर्ष परिणाम बेहतर आ सकें।
विश्राम मीणा, डीसी नूंह।