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पकड़ा गया 'काला': भाऊ गैंग से मिलकर चला रहा था नेटवर्क, बर्गर किंग हत्याकांड से आया था रडार पर

Sat, 13 Jul 2024 10:50 PM IST
अनुज कुमार मयंक तिवारी, अमर उजाला ब्यूरो, गुरुग्राम
मयंक तिवारी, अमर उजाला ब्यूरो, गुरुग्राम Published by: अनुज कुमार Updated Sat, 13 Jul 2024 10:50 PM IST
सार

विदेश भागने वाले गैंगस्टर राकेश उर्फ काला को भारत लाया गया है। भाऊ गैंग से मिलकर विदेश से नेटवर्क चला रहा था। बर्गर किंग के पास हत्या से सुर्खियों में आया था। हिसार गोलीकांड की इंस्टाग्राम पर जिम्मेवारी ली थी

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Gangster Rakesh alias Kala, who had fled abroad, has been brought to India.
गैंगस्टर राकेश उर्फ काला को भारत लाया गया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

करीब डेढ़ साल पहले फर्जी पासपोर्ट के सहारे विदेश भागने में गैंगस्टर राकेश उर्फ काला कामयाब हुआ था। उसी पासपोर्ट के चलते ट्रेवल हिस्ट्री के आधार पर गृहमंत्रालय की मदद से उसकी ट्रैकिंग हुई थी। गृह मंत्रालय के दबाव में उसे भारत वापस लाया गया था।

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एसटीएफ के अधिकारी के अनुसार फर्जी पासपोर्ट के सहारे जनवरी 2023 में वह देश से भाग गया और विदेश से अपने आपराधिक गिरोह का संचालन करना शुरू कर दिया। स्थानीय गिरोहों के साथ मिलीभगत करके और हिंसक वारदातों को अंजाम दे रहा था। उसके संपर्क हिमांशु भाऊ गिरोह और नीरज फरीदपुरिया गिरोह जैसे कुख्यात आपराधिक गिरोहों तक फैले हुए थे और उनके साथ योजना बनाकर राकेश उर्फ काला ने लक्षित हत्याओं और जबरन वसूली सहित कई हाई-प्रोफाइल अपराधों को अंजाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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प्रमुख घटनाओं में दिसंबर 2023 में जिला सोनीपत में एक गांव के सरपंच की हत्या, इस साल जनवरी में गोहाना में एक मशहूर मिठाई की दुकान पर गोलीबारी, मराठा में एक ढाबे पर दिनदहाड़े हत्या और पिछले महीने दिल्ली के राजौरी गार्डन में एक बैगिंग आउटलेट पर एक व्यक्ति की निर्मम हत्या शामिल है। राकेश ने प्रवीण के नाम पर फर्जी पासपोर्ट बनवाया था। भोंडसी थाने में इसका मामला दर्ज है।

24 जून 2024 को तीन नकाबपोश हमलावरों ने हरियाणा के हिसार जिले में मिहिरा कार डीलरशिप के बाहर गोलीबारी की। हरियाणा पुलिस के विशेष कार्य बल ने एक विस्तृत जांच शुरू की और पाया कि राकेश उर्फ काला खैरमपुरिया इस घटना का मास्टरमाइंड है। जांच से पता चला कि राकेश ने हथियारों की व्यवस्था की और हमले की योजना बनाने में हमलावरों के साथ समन्वय किया और अपने ईएमआई खाते के माध्यम से कार डीलरशिप पर हमले की जिम्मेदारी ली।

विशेष कार्य बल हरियाणा ने उसका पता लगाने के लिए व्यापक जांच की। जांच के दौरान एसटीएफ टीमों ने एक फर्जी पहचान का पता लगाया, जिसके आधार पर काला ने अपना पासपोर्ट प्राप्त किया था। एक बार उसकी पहचान स्थापित हो जाने के बाद टीम ने उसके यात्रा विवरणों का पता लगाया और काफी प्रयास के बाद उसे विदेश में ट्रेस किया गया। हरियाणा पुलिस के विशेष कार्य बल के अधिकारियों ने तुरंत गृह मंत्रालय के साथ समन्वय किया और राकेश उर्फ काला के खिलाफ संबंधित इंटरपोल नोटिस और अंतरिम गिरफ्तारी वारंट जारी किया। 

गृह मंत्रालय ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया और भारत और विदेशों में विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय किया। इस बीच, एसटीएफ टीम ने उसका पासपोर्ट, जो उसने धोखाधड़ी से प्राप्त किया था को रद्द कर दिया और गृह मंत्रालय के माध्यम से संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ उसकी पहचान और आपराधिक रिकॉर्ड स्थापित करने वाले आवश्यक कानूनी दस्तावेज साझा किए। इस सहयोगी प्रयास के कारण राकेश उर्फ काला को विदेश से भारत प्रत्यर्पित किया गया। इसके बाद एसटीएफ टीम ने पहले जारी किए गए लुकआउट सर्कुलर नोटिस के आधार पर दिल्ली एयरपोर्ट से राकेश उर्फ काला को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के बाद राकेश उर्फ काला को गिरफ्तार कर लिया गया।

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खैरमपुरिया के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की सूची
1. एफआईआर संख्या 1002 (02.11.2014): धारा 399, 402 आईपीसी, थाना सदर हिसार।
2. एफआईआर संख्या 114 (11.02.2015): धारा 392 आईपीसी और एएसएसटी, थाना सदर हिसार।
3. एफआईआर संख्या 56 (23.02.2015): धारा 450, 302, 120-बी, 34 आईपीसी, थाना भादरा, हनुमानगढ़, राजस्थान (इस मामले में राकेश को दोषी ठहराया गया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई)।
4. एफआईआर नंबर 51 (03.03.2015): धारा 392, 506 आईपीसी और एएसएसटी, थाना आदमपुर, हिसार।
5. एफआईआर नंबर 117 (15.05.2015): धारा 25/54/59 मारपीट अधिनियम, थाना अशोका, हिसार।
6. एफआईआर नंबर 148 (20.07.2020): धारा 11(2)(बी) राजस्थान पैरोल अधिनियम, थाना बीचवाल, जिला बीकानेर, राजस्थान।
7. एफआईआर नंबर 34 (01.03.2021): धारा 302, 120-बी, 506, 34 आईपीसी और मारपीट अधिनियम, थाना भादो, जिला फतेहाबाद।

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