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प्रॉपर्टी में निवेश कराने के नाम पर 6.66 करोड़ रुपये की ठगी, छह साल पहले कराया था निवेश
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गुरुग्राम। गोल्फ कोर्स रोड पर रहने वाले बुजुर्ग ने एक कंपनी के छह कर्मचारियों के खिलाफ प्रॉपर्टी में निवेश कराने के नाम पर छह करोड़ 66 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने मामले की छानबीन के बाद सुशांत लोक थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार यह शिकायत गोल्फ कोर्स रोड स्थित द अरालियाज सोसायटी निवासी हरदीप सिंह ने दी है। साजिश के तहत ठगी का आरोप गेतांबर आनंद, विपुल मेहश्वरी, पुनीत अरोड़ा, राधा शक्ति, गोपाल बिष्ट और उदय वीर आनंद पर लगाया गया है। यह सभी एटीएस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ऑल्मोंड इंफ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड और उमरिथा इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट के बताए गए हैं। शिकायतकर्ता बुजुर्ग का कहना है कि आरोपियों ने उनके साथ 6 करोड़ 60 लाख 5 हजार रुपये की ठगी की है। साल 2015 में शिकायतकर्ता के फाइनेंशियल एडवाइजर हिमांशु कोहली और क्षितिज जैन से एटीएम कंपनी के अधिकारियों ने संपर्क कर रियल एस्टेट में निवेश के बारे में बात की। उनसे कहा कि एटीएस के जरिये वे कई बड़ी कंपनियों के लिए निर्माण कार्य करते हैं। आरोप है कि प्रोजेक्ट 3 साल में पूरा कर दिया जाएगा और फिर उसमें फ्लैट अलॉट कर दिए जाएंगे। कंपनी सलाहकार ने मार्च 2015 में बुजुर्ग को इस 5 करोड़ के निवेश के बारे में बताया।
पीड़ित ने इतनी बड़ी राशि निवेश करने से मना किया तो उनका कहना था कि आप कम राशि से शुरू कर लो। साथ ही 3 साल में काम पूरा कर कुछ स्पेसिफिक यूनिट दे दी जाएंगी। आरोपियों ने यह यूनिट वापस लेने की भी बात कही। 25 मार्च 2015 को एग्रीमेंट साइन किया गया। सेक्टर-109 में निर्माणाधीन एटीएम टूरमेलिन प्रोजेक्ट में 1141, 1151 यूनिट बुक की गई। साथ ही दो चेक भी पीड़ित को दिए गए। साल 2018 तक फ्लैट बन जाने थे। आरटीजीएस के जरिये जून 2018 में राशि वापस कर दी गई। लेकिन फिर आरोपियों ने एटीएस कूकून प्रोजेक्ट में निवेश का ऑफर दिया। साइट विजिट कराकर यहां 2 पेंटहाउस बुक किए गए। 4 करोड़ 31 लाख 20 हजार रुपये निवेश कराए गए। पीड़ित को कुल 5 करोड़ 73 लाख 21 हजार रुपये का एक चेक भी दिया गया ताकि यदि पेंटहाउस नहीं लेने हो तो बाद में चेक लगाया जा सके।
आरोप है कि 22 जून 2020 को बुजुर्ग ने आरोपियों से संपर्क किया और अपने रुपये मांगे। तब आरोपियों ने कहा कि वह रुपये नहीं दे सकते। उनसे कहा कि 1 साल का समय यदि बढ़ा दिया जाए तो वह 6 करोड़ 60 लाख 5 हजार रुपये लौटा देंगे। 30 जुलाई 2020 को फिर से एग्रीमेंट साइन किया गया। साथ ही सेक्टर-104 के एक प्रोजेक्ट में एक फ्लैट बुक भी कर दिया गया। 1 साल बाद पीड़ित ने अपने रुपये के लिए संपर्क किया आरोपियों ने फ्लैट नाम कराने और रुपये लौटाने से इंकार कर दिया। पीड़ित को पता चला कि उनके नाम पर बुक किया गया पेंटहाउस किसी अन्य को बेचा जा चुका है। चेक भी बाउंस हो गया। मामले की शिकायत पुलिस को दी गई। आर्थिक अपराध शाखा की शुरुआती जांच में आरोप सही पाए गए। जिस पर सुशांत लोक थाना में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आर्थिक अपराध शाखा की टीम अब मामले में आगे जांच कर रही है।
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पीड़ित ने इतनी बड़ी राशि निवेश करने से मना किया तो उनका कहना था कि आप कम राशि से शुरू कर लो। साथ ही 3 साल में काम पूरा कर कुछ स्पेसिफिक यूनिट दे दी जाएंगी। आरोपियों ने यह यूनिट वापस लेने की भी बात कही। 25 मार्च 2015 को एग्रीमेंट साइन किया गया। सेक्टर-109 में निर्माणाधीन एटीएम टूरमेलिन प्रोजेक्ट में 1141, 1151 यूनिट बुक की गई। साथ ही दो चेक भी पीड़ित को दिए गए। साल 2018 तक फ्लैट बन जाने थे। आरटीजीएस के जरिये जून 2018 में राशि वापस कर दी गई। लेकिन फिर आरोपियों ने एटीएस कूकून प्रोजेक्ट में निवेश का ऑफर दिया। साइट विजिट कराकर यहां 2 पेंटहाउस बुक किए गए। 4 करोड़ 31 लाख 20 हजार रुपये निवेश कराए गए। पीड़ित को कुल 5 करोड़ 73 लाख 21 हजार रुपये का एक चेक भी दिया गया ताकि यदि पेंटहाउस नहीं लेने हो तो बाद में चेक लगाया जा सके।
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आरोप है कि 22 जून 2020 को बुजुर्ग ने आरोपियों से संपर्क किया और अपने रुपये मांगे। तब आरोपियों ने कहा कि वह रुपये नहीं दे सकते। उनसे कहा कि 1 साल का समय यदि बढ़ा दिया जाए तो वह 6 करोड़ 60 लाख 5 हजार रुपये लौटा देंगे। 30 जुलाई 2020 को फिर से एग्रीमेंट साइन किया गया। साथ ही सेक्टर-104 के एक प्रोजेक्ट में एक फ्लैट बुक भी कर दिया गया। 1 साल बाद पीड़ित ने अपने रुपये के लिए संपर्क किया आरोपियों ने फ्लैट नाम कराने और रुपये लौटाने से इंकार कर दिया। पीड़ित को पता चला कि उनके नाम पर बुक किया गया पेंटहाउस किसी अन्य को बेचा जा चुका है। चेक भी बाउंस हो गया। मामले की शिकायत पुलिस को दी गई। आर्थिक अपराध शाखा की शुरुआती जांच में आरोप सही पाए गए। जिस पर सुशांत लोक थाना में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आर्थिक अपराध शाखा की टीम अब मामले में आगे जांच कर रही है।
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