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Gurugram News: 11 करोड़ की चार सड़कें अधूरी, दर्जनों गांवों की रफ्तार थमी

Wed, 22 Apr 2026 12:38 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 22 Apr 2026 12:38 AM IST
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Four roads worth 11 crores remain incomplete, dozens of villages are at a standstill
अधूरी पड़ी सड़कें - फोटो : 1
- मंजूरी और टेंडर के बावजूद निर्माण ठप, खराब रास्तों से हादसों का खतरा बढ़ा
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सद्दाम हुसैन



पिनगवां। क्षेत्र में करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली चार महत्वपूर्ण सड़कों का निर्माण कार्य अधूरा पड़े रहने से दर्जनों गांवों के लोग भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। प्रशासनिक मंजूरी और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद संबंधित एजेंसी द्वारा निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। इसका खामियाजा आमजन को रोजाना भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इन सड़कों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। स्कूली बच्चों, मरीजों और बुजुर्गों के लिए यह समस्या और गंभीर हो गई है।

- प्रभावित सड़कें जो लोगों के लिए बनीं मुसीबत :
पुन्हाना से डोंडल मुख्य सड़क, जिसकी लागत करीब 7 करोड़ 68 लाख रुपये है, पर अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। जमालगढ़ से टिकरी सड़क, जिसकी लागत लगभग 59 लाख रुपये है, तय समय सीमा 7 अप्रैल 2026 के बाद भी अधूरी पड़ी है। जमालगढ़ से बंधोली सड़क, जिसकी लागत करीब 1 करोड़ 84 लाख रुपये है, 23 अप्रैल 2026 की समय सीमा के बावजूद पूरी नहीं हो पाई है। लुहिंगा से जमालगढ़ मार्ग, जिसकी लागत लगभग 1 करोड़ 48 लाख रुपये है, पर निर्माण कार्य बीच में ही रुक गया है।
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- क्या है जमीनी हकीकत:
ग्रामीणों के अनुसार नवंबर 2025 में सड़कों पर रोड़े डाले गए थे, लेकिन इसके बाद काम पूरी तरह ठप हो गया। अधूरे निर्माण के कारण सड़कें जगह-जगह से टूटी हुई हैं और गड्ढों में पानी भरा रहता है। इससे वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बरसात के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। सड़कें कीचड़ में बदल जाती हैं और फिसलन के कारण दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
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- प्रशासन की अनदेखी:
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग और अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लगातार अनदेखी के कारण लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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कुछ तकनीकी और प्रशासनिक कारणों की वजह से सड़क निर्माण कार्य में देरी हुई थी। अब सभी समस्याओं का समाधान कर लिया गया है। आगामी एक सप्ताह से दस दिनों के भीतर इन चारों सड़कों पर तेज गति से निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। विभाग का प्रयास है कि कार्य समय पर पूरा हो और आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
- प्रदीप सिद्धू, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग नूंह।
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नवंबर 2025 में इन सड़कों पर रोड़े डाल दिए गए थे, लेकिन उसके बाद काम बंद हो गया। सड़कें अब गड्ढों, धूल और कीचड़ का रूप ले चुकी कई बार शिकायतें की पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
- मास्टर राजेश कुमार।
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स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों और किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। बरसात या पानी भरने पर हालात और बदतर हो जाते हैं।
- रमजान खान, ग्रामीण।
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करोड़ों रुपये की सड़कें अधूरी पड़ी हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। विभाग को जल्द निर्माण कार्य पूरा कराना चाहिए ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।

- कुंदन लाल, ग्रामीण।
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सड़कों पर रोड़े डालकर काम बीच में छोड़ दिया गया है, जिससे धूल और गड्ढों के कारण लोगों का चलना मुश्किल हो गया है। प्रशासन को लोगों की समस्या को देखते हुए इस ओर जल्द ध्यान देना चाहिए।
- रोहित कुमार, ग्रामीण।
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