{"_id":"656e1b5e8560b59add06f138","slug":"fire-safety-equipment-will-be-shifted-from-the-basement-of-unsafe-towers-gurgaon-news-c-24-1-gur1002-20156-2023-12-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: असुरक्षित टावरों के बेसमेंट से फायर सेफ्टी उपकरण होंगे शिफ्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: असुरक्षित टावरों के बेसमेंट से फायर सेफ्टी उपकरण होंगे शिफ्ट
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर-109 स्थित चिनटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी में असुरक्षित टावरों के बेसमेंट में रखे फायर सेफ्टी उपकरण ग्राउंड फ्लोर पर शिफ्ट किए जाएंगे। इसके लिए विभाग ने अनुमति दे दी है। एडीसी हितेश कुमार मीणा ने करीब 15 दिन पहले सोसाइटी का दौरा कर असुरक्षित टावरों की बैरिकेडिंग करने को कहा था।
बिल्डर की तरफ से कहा गया था कि असुरक्षित टावरों के बेसमेंट में फायर सर्विसेज के उपकरण रखे हुए हैं। उपकरणों को शिफ्ट किया जाना है। इसके लिए बिल्डर ने फायर विभाग से अनुमति मांगी थी जो विभाग से दे दी गई है।
कंपनी के उपाध्यक्ष जेएन यादव ने बताया कि अनुमति पत्र प्रशासन ने भेज दिया है। बेसमेंट में रखे उपकरणों व पंप आदि सामान को शिफ्ट किया जाएगा। असुरक्षित टावरों की बैरिकेडिंग प्रक्रिया प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद शुरू होगी। टावरों को तोड़ने के लिए भी प्रशासन से मंजूरी मांगी गई है।
विज्ञापन
बता दें कि 10 फरवरी 2022 को डी टावर में हुए हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने हादसे की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी थी। कमेटी ने रिपोर्ट नवंबर 2022 में सौंप दी थी। इसमें पांच टावरों को अनसेफ घोषित कर दिया गया था। वहीं, चार टावरों को आईआईटी की टीम ने रहने योग्य घोषित किया था। असुरक्षित घोषित टावरों में अभी एच टावर में करीब 15 परिवार रह रहे हैं।
विज्ञापन
गुरुग्राम। सेक्टर-109 स्थित चिनटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी में असुरक्षित टावरों के बेसमेंट में रखे फायर सेफ्टी उपकरण ग्राउंड फ्लोर पर शिफ्ट किए जाएंगे। इसके लिए विभाग ने अनुमति दे दी है। एडीसी हितेश कुमार मीणा ने करीब 15 दिन पहले सोसाइटी का दौरा कर असुरक्षित टावरों की बैरिकेडिंग करने को कहा था।
बिल्डर की तरफ से कहा गया था कि असुरक्षित टावरों के बेसमेंट में फायर सर्विसेज के उपकरण रखे हुए हैं। उपकरणों को शिफ्ट किया जाना है। इसके लिए बिल्डर ने फायर विभाग से अनुमति मांगी थी जो विभाग से दे दी गई है।
विज्ञापन
कंपनी के उपाध्यक्ष जेएन यादव ने बताया कि अनुमति पत्र प्रशासन ने भेज दिया है। बेसमेंट में रखे उपकरणों व पंप आदि सामान को शिफ्ट किया जाएगा। असुरक्षित टावरों की बैरिकेडिंग प्रक्रिया प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद शुरू होगी। टावरों को तोड़ने के लिए भी प्रशासन से मंजूरी मांगी गई है।
विज्ञापन
बता दें कि 10 फरवरी 2022 को डी टावर में हुए हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने हादसे की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी थी। कमेटी ने रिपोर्ट नवंबर 2022 में सौंप दी थी। इसमें पांच टावरों को अनसेफ घोषित कर दिया गया था। वहीं, चार टावरों को आईआईटी की टीम ने रहने योग्य घोषित किया था। असुरक्षित घोषित टावरों में अभी एच टावर में करीब 15 परिवार रह रहे हैं।