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Gurugram News: धरने पर बैठे किसानों ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
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पचगांव चौक पर मांगों को लेकर 228 दिन से बैठे हैं, नहीं हो रही सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। पचगांव चौक पर 1128 एकड़ जमीन को लेकर तीन गांवों के किसान 228वें दिन भी धरने पर डटे रहे। अब धरने पर बैठे किसानों का धैर्य टूटने लगा है। इसके साथ ही किसानों ने आर व पार की लड़ाई लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है।
धरने पर बैठे गांव फाजलवास, कुकड़ोला, सहरावन व नैनवाल के किसानों की तीन मांगें हैं जिनमें मुआवजे का उचित ब्याज दिया जाए, रिहायशी मकानों को अधिग्रहण से मुक्त किया जाए और आरएंडआर पॉलिसी के तहत किसानों को प्लाट दिए जाएं। इस मामले में धरने पर बैठे किसानों ने बताया कि वह अपनी मांगों को लेकर उपायुक्त गुरुग्राम, एचएसआईआईडीसी के प्रबंधक, विधायक पटौदी, सांसद व केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, मुख्यमंत्री व अन्य संबंधित अधिकारियों को मिलकर अपना मांगपत्र दे चुके हैं। इसके बावजूद आज तक उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।
किसानों ने बताया कि विगत मास उन्हें आश्वासन दिया गया था कि उनकी मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए किसानों की मुलाकात मुख्यमंत्री से करवाई जाएगी। धरना देने वाले किसानों ने शुक्रवार को प्रशासन व हरियाणा सरकार को चेतावनी दी है कि यदि एक या दो दिनों में उनकी सुनवाई नहीं हुई तो वे मजबूर होकर बड़ा आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। शुक्रवार को धरना स्थल पर बैठे किसानों में रामपाल, सुभाष, कर्णसिंह, कृष्ण फौजी, राकेश, सतीश, चन्द्रशेखर पंडित, श्यामलाल, जगपाल सिंह, अजय कुमार, रविन्द्र, सुनील कुमार, सुमेर सिंह, संजय सिंह व आरसी प्रधान कुकड़ोला आदि शामिल थे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। पचगांव चौक पर 1128 एकड़ जमीन को लेकर तीन गांवों के किसान 228वें दिन भी धरने पर डटे रहे। अब धरने पर बैठे किसानों का धैर्य टूटने लगा है। इसके साथ ही किसानों ने आर व पार की लड़ाई लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है।
धरने पर बैठे गांव फाजलवास, कुकड़ोला, सहरावन व नैनवाल के किसानों की तीन मांगें हैं जिनमें मुआवजे का उचित ब्याज दिया जाए, रिहायशी मकानों को अधिग्रहण से मुक्त किया जाए और आरएंडआर पॉलिसी के तहत किसानों को प्लाट दिए जाएं। इस मामले में धरने पर बैठे किसानों ने बताया कि वह अपनी मांगों को लेकर उपायुक्त गुरुग्राम, एचएसआईआईडीसी के प्रबंधक, विधायक पटौदी, सांसद व केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, मुख्यमंत्री व अन्य संबंधित अधिकारियों को मिलकर अपना मांगपत्र दे चुके हैं। इसके बावजूद आज तक उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।
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किसानों ने बताया कि विगत मास उन्हें आश्वासन दिया गया था कि उनकी मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए किसानों की मुलाकात मुख्यमंत्री से करवाई जाएगी। धरना देने वाले किसानों ने शुक्रवार को प्रशासन व हरियाणा सरकार को चेतावनी दी है कि यदि एक या दो दिनों में उनकी सुनवाई नहीं हुई तो वे मजबूर होकर बड़ा आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। शुक्रवार को धरना स्थल पर बैठे किसानों में रामपाल, सुभाष, कर्णसिंह, कृष्ण फौजी, राकेश, सतीश, चन्द्रशेखर पंडित, श्यामलाल, जगपाल सिंह, अजय कुमार, रविन्द्र, सुनील कुमार, सुमेर सिंह, संजय सिंह व आरसी प्रधान कुकड़ोला आदि शामिल थे।
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