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Gurugram News: नजफगढ़ झील क्षेत्र में किसानों की भूमि नहीं होगी जलमग्न

Mon, 25 Sep 2023 05:52 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 25 Sep 2023 05:52 PM IST
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Farmers' land will not be submerged in Najafgarh lake area
जीएमडीए जल्द ही लेग-2 ड्रेन के शेष हिस्से का निर्माण शुरू कर ड्रेन से जोड़ेगा
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मानसून के दौरान बरसाती पानी का सही तरीके से निस्तारण करने और नजफगढ़ ड्रेन से कनेक्टिविटी में सुधार करने के लिए गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) जल्द ही लेग-2 ड्रेन के शेष हिस्से का निर्माण शुरू कर उसे नजफगढ़ ड्रेन से जोड़ने जा रहा है। लेग-3 ड्रेन को भी जोड़ने का काम किया जाएगा। इससे नजफगढ़ झील क्षेत्र में किसानों की भूमि को जलमग्न होने से रोकने में मदद मिलेगी।

इस काम को चार भागों में विभाजित किया गया है। पहले चरण में 21.53 करोड़ रुपये की लागत से लेग-2 ड्रेन की 550 मीटर लंबाई के शेष हिस्से का निर्माण किया जाएगा। दूसरे चरण में 3540 मीटर लंबी ड्रेन के शेष हिस्से का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद तीसरे चरण में बांध का निर्माण किया जाएगा और इस परियोजना के चौथे चरण में लेग-2 और लेग-3 में पंपिंग मशीनरी लगाई जाएगी।
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जीएमडीए लेग-2 और लेग-3 ड्रेन के शेष हिस्से को जोड़ने का काम करेगा, जबकि बांध के निर्माण का काम हरियाणा के जल संसाधन विभाग द्वारा किया जाएगा। मौजूदा समय में नजफगढ़ ड्रेन के गुरुग्राम की ओर कोई बांध मौजूद नहीं है।
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जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा कहते हैं कि मानसून के दौरान जल संचय तब होता है जब नजफगढ़ ड्रेन के ऊपरी हिस्से का पानी बहता है और लेग-2 और लेग-3 का पानी गुरुग्राम में नाले के किनारे कृषि क्षेत्र में फैल जाता है। इन दोनों नालों के शेष हिस्सों के निर्माण और नजफगढ़ ड्रेन के साथ उनके जुड़ाव से भारी मानसून के मौसम में कृषि भूमि को जलमग्न होने से बचाने में अत्यधिक फायदेमंद होगा।


गाद जमा होने से नाले की क्षमता में कमी आई
समय के साथ नाले में गाद जमा होने के कारण नजफगढ़ नाले की क्षमता भी कम हो गई है और अब कुल लंबाई में दिल्ली प्रशासन द्वारा गाद निकालने का काम किया जा रहा है। इसके अलावा वर्ष 2010 के बाद शहरीकृत क्षेत्र के विस्तार के कारण लेग-2 और लेग-3 (बादशाहपुर ड्रेन) के माध्यम से पानी का प्रवाह काफी बढ़ गया। पानी पंचायत क्षेत्र से बाहर फैलने लगा है। दिल्ली प्रशासन द्वारा नजफगढ़ नाले में गाद निकालने का काम पूरा होने के बाद कृषि क्षेत्र में जमा पानी को साफ किया जाएगा।



लेग-2 के निर्माण के लिए भूमि के किसी बड़े अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं है क्योंकि भूमि पहले ही हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा अधिग्रहीत कर ली गई है। जीएमडीए ने निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है जल्द ही एजेंसी को काम सौंप दिया जाएगा।

- पीसी मीणा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी



लेग-3 ड्रेन 80 क्यूसेक तक दे रहा उपचारित पानी
लेग-3 ड्रेन मौजूदा समय में धनवापुर और बहरामपुर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से उत्पन्न होने वाले 70 से 80 क्यूसेक उपचारित अपशिष्ट जल की आपूर्ति कर रही है। एसटीपी से उपचारित अपशिष्ट जल को विकास योजना क्षेत्र में पहले से मौजूद उपचारित अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण प्रणाली में और 550 एमएलडी एसटीपी चैनल में जिला झज्जर की ओर जाने के साथ-साथ कृषि उद्देश्यों के लिए जिला नूंह के टौरू के पास के गांवों की ओर ले जाया जाएगा।
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