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संयुक्त किसान मोर्चा गुरुग्राम ने मनाया संविधान बचाओ दिवस
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गुरुग्राम। राजीव चौक के पास संयुक्त किसान मोर्चा गुरुग्राम द्वारा संचालित अनिश्चितकालीन धरना स्थल पर रविवार को संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के जयंती समारोह के उपलक्ष्य में ‘संविधान बचाओ दिवस’ मनाया गया।
इस अवसर पर जय भगवान ने बाबा साहब के जीवन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता भीम आर्मी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष धर्मबीर ने और मंच संचालन जितेंद्र कुमार ने किया। इस अवसर पर किसान मोर्चा अध्यक्ष संतोख सिंह ने कहा कि केएमपी का 24 घंटे का जाम पूरी तरह से सफल रहा है। रविवार को अनिश्चितकालीन धरने को 105 दिन हो गए हैं और छत्तीस बिरादरी के सैकड़ों लोगों ने धरने पर आकर साबित कर दिया है कि किसान आंदोलन अब जन आंदोलन बन चुका है।
तीनों कानूनों से प्रभावित होगा आम आदमी
इस अवसर पर भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन सिंह ने कहा कि सरकार जो तीन काले कानून लागू कर रही है उनसे गरीब आदमी, मजदूर वर्ग तथा आम आदमी प्रभावित होगा। सरकार किसानों के आंदोलन को तोड़ने के लिए तरह-तरह के षड्यंत्र रच रही है लेकिन किसान आंदोलन अब जन आंदोलन बन चुका है और सरकार को तीनों काले कानून वापस लेने पड़ेंगे। किसान नेता और संयुक्त किसान मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रणजीत सिंह राजू ने धरने पर बैठे लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार कानूनों के बारे में जनता को गुमराह कर रही है। किसान तो इस आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन इन तीन काले कानूनों से गरीब आदमी तथा मध्यम वर्ग के व्यापारियों पर ज्यादा दुष्प्रभाव पड़ेगा।
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सरकार कर रही मजदूरों का शोषण
अन्य किसानों ने कहा कि सरकार मजदूरों का शोषण कर रही है और पूंजीपतियों के हक में कानून बना रही है। धरने को संबोधित करते हुए धर्मबीर परवाल ने कहा कि सरकार संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है। सरकार ने तीनों काले कानून तथा मजदूरों के कानून संविधान को ताक पर रखकर बनाए हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि बहुजन समाज के व्यक्ति संविधान को बचाने के लिए किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आंदोलन में साथ देंगे। इस अवसर पर सभी ने भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करके उनको याद किया। डॉ. अंबेडकर की 130वीं जयंती है इसलिए इस अवसर पर सभी ने 130 पाउंड का केक काटकर उनकी जयंती मनायी। वहीं ज्योतिबा फूले की जयंती पर उनके चित्र पर भी पुष्पांजलि अर्पित करके सभी ने उनको याद किया। रविवार को धरने पर बैठने वालों में आर एस राठी, ऊषा सरोहा, एसएल प्रजापति, गीता गौरैया, बीरू सरपंच, जयप्रकाश, नवनीत, योगेंद्र सिंह, ईश्वर सिंह, मनीष, हरि सिंह, महासिंह, सतीश, राजबीर, कमलदीप, मनोज, फूल कुमार, मेवा सिंह, आरसी हुड्डा, पंजाब सिंह, कमलजीत सिंह, सतवीर गुर्जर, धर्मवीर, अमित पंवार सहित काफी संख्या में किसान व अन्य संगठनों के लोग शामिल रहे।
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इस अवसर पर जय भगवान ने बाबा साहब के जीवन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता भीम आर्मी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष धर्मबीर ने और मंच संचालन जितेंद्र कुमार ने किया। इस अवसर पर किसान मोर्चा अध्यक्ष संतोख सिंह ने कहा कि केएमपी का 24 घंटे का जाम पूरी तरह से सफल रहा है। रविवार को अनिश्चितकालीन धरने को 105 दिन हो गए हैं और छत्तीस बिरादरी के सैकड़ों लोगों ने धरने पर आकर साबित कर दिया है कि किसान आंदोलन अब जन आंदोलन बन चुका है।
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तीनों कानूनों से प्रभावित होगा आम आदमी
इस अवसर पर भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन सिंह ने कहा कि सरकार जो तीन काले कानून लागू कर रही है उनसे गरीब आदमी, मजदूर वर्ग तथा आम आदमी प्रभावित होगा। सरकार किसानों के आंदोलन को तोड़ने के लिए तरह-तरह के षड्यंत्र रच रही है लेकिन किसान आंदोलन अब जन आंदोलन बन चुका है और सरकार को तीनों काले कानून वापस लेने पड़ेंगे। किसान नेता और संयुक्त किसान मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रणजीत सिंह राजू ने धरने पर बैठे लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार कानूनों के बारे में जनता को गुमराह कर रही है। किसान तो इस आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन इन तीन काले कानूनों से गरीब आदमी तथा मध्यम वर्ग के व्यापारियों पर ज्यादा दुष्प्रभाव पड़ेगा।
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सरकार कर रही मजदूरों का शोषण
अन्य किसानों ने कहा कि सरकार मजदूरों का शोषण कर रही है और पूंजीपतियों के हक में कानून बना रही है। धरने को संबोधित करते हुए धर्मबीर परवाल ने कहा कि सरकार संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है। सरकार ने तीनों काले कानून तथा मजदूरों के कानून संविधान को ताक पर रखकर बनाए हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि बहुजन समाज के व्यक्ति संविधान को बचाने के लिए किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आंदोलन में साथ देंगे। इस अवसर पर सभी ने भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करके उनको याद किया। डॉ. अंबेडकर की 130वीं जयंती है इसलिए इस अवसर पर सभी ने 130 पाउंड का केक काटकर उनकी जयंती मनायी। वहीं ज्योतिबा फूले की जयंती पर उनके चित्र पर भी पुष्पांजलि अर्पित करके सभी ने उनको याद किया। रविवार को धरने पर बैठने वालों में आर एस राठी, ऊषा सरोहा, एसएल प्रजापति, गीता गौरैया, बीरू सरपंच, जयप्रकाश, नवनीत, योगेंद्र सिंह, ईश्वर सिंह, मनीष, हरि सिंह, महासिंह, सतीश, राजबीर, कमलदीप, मनोज, फूल कुमार, मेवा सिंह, आरसी हुड्डा, पंजाब सिंह, कमलजीत सिंह, सतवीर गुर्जर, धर्मवीर, अमित पंवार सहित काफी संख्या में किसान व अन्य संगठनों के लोग शामिल रहे।