{"_id":"6a9ab838980310d31c08f82e","slug":"farmers-await-the-governments-response-gurgaon-news-c-24-1-fbd1020-100001-2026-09-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: किसानों को सरकार के जवाब का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: किसानों को सरकार के जवाब का इंतजार
विज्ञापन
- संयुक्त किसान मोर्चा की ऑनलाइन बैठक में होगी चर्चा, ठोस कदमों के बाद बनेगी आगे की रणनीति
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के साथ किसानों की बैठक के बाद अब किसान संगठनों को सरकार की ओर से उनकी मांगों पर ठोस जवाब और कार्रवाई का इंतजार है। किसान नेताओं ने ऊर्जा और बिजली विभाग से जुड़ी मांगों पर हुई चर्चा पर संतोष जताया है, लेकिन स्पष्ट किया कि केवल आश्वासनों के आधार पर आगे की रणनीति तय नहीं होगी।
किसान नेता जगजीत ने बताया कि केंद्रीय मंत्री के साथ लंबी बैठक में नौ प्रमुख मांगों से संबंधित मांग पत्र सौंपा गया। कुछ मुद्दों में सुधार करने और अन्य मांगों को केंद्रीय कृषि मंत्री तक पहुंचाने का भरोसा दिया गया है। किसानों ने कृषि मंत्री के साथ दोबारा बैठक कराने की भी मांग रखी।
बैठक में व्यापार समझौते पर मंत्री ने भरोसा दिलाया कि खेती, पोल्ट्री, डेयरी और मत्स्य क्षेत्र के हितों को नुकसान पहुंचाने वाला कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बिजली संशोधन विधेयक को लेकर भी कहा गया कि सभी संबंधित पक्षों की सहमति के बिना इसे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
विज्ञापन
हाई-टेंशन ट्रांसमिशन लाइनों से प्रभावित किसानों के मुआवजे और नीति में सुधार पर भी चर्चा हुई। किसान आंदोलनों के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने के मुद्दे पर बातचीत का आश्वासन दिया गया। किसान अब संयुक्त किसान मोर्चा की ऑनलाइन बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा करेंगे। सरकार की ओर से ठोस कदम उठाए जाने के बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के साथ किसानों की बैठक के बाद अब किसान संगठनों को सरकार की ओर से उनकी मांगों पर ठोस जवाब और कार्रवाई का इंतजार है। किसान नेताओं ने ऊर्जा और बिजली विभाग से जुड़ी मांगों पर हुई चर्चा पर संतोष जताया है, लेकिन स्पष्ट किया कि केवल आश्वासनों के आधार पर आगे की रणनीति तय नहीं होगी।
किसान नेता जगजीत ने बताया कि केंद्रीय मंत्री के साथ लंबी बैठक में नौ प्रमुख मांगों से संबंधित मांग पत्र सौंपा गया। कुछ मुद्दों में सुधार करने और अन्य मांगों को केंद्रीय कृषि मंत्री तक पहुंचाने का भरोसा दिया गया है। किसानों ने कृषि मंत्री के साथ दोबारा बैठक कराने की भी मांग रखी।
विज्ञापन
बैठक में व्यापार समझौते पर मंत्री ने भरोसा दिलाया कि खेती, पोल्ट्री, डेयरी और मत्स्य क्षेत्र के हितों को नुकसान पहुंचाने वाला कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बिजली संशोधन विधेयक को लेकर भी कहा गया कि सभी संबंधित पक्षों की सहमति के बिना इसे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
विज्ञापन
हाई-टेंशन ट्रांसमिशन लाइनों से प्रभावित किसानों के मुआवजे और नीति में सुधार पर भी चर्चा हुई। किसान आंदोलनों के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने के मुद्दे पर बातचीत का आश्वासन दिया गया। किसान अब संयुक्त किसान मोर्चा की ऑनलाइन बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा करेंगे। सरकार की ओर से ठोस कदम उठाए जाने के बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी।