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धान की रोपाई के लिए नहीं मिल रहे मजदूर
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पटौदी। कोरोना की दूसरी लहर में लॉकडाउन के कारण धान की पैदावार करने वाले किसानों को भी क्षति का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि धान की रोपाई करने वाले मजदूर नहीं मिल रहे हैं।
पटौदी क्षेत्र के गांव लोकरा, मुमताजपुर, सफेदार नगर, पटौदी, नानूकला, खोड़, हेडाहेडी, सेययद शाहपुर, खानपुर, बासपदमका, ऊंचा माजरा, नरहेड़ा सहित काफी गांवों के किसान धान की खेती करते आ रहे हैं। हालांकि अबकी बार लॉकडाउन से पहले ही मजदूरों के अपने गांव चले जाने से किसानों को धान बोने के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
किसान रोहताश और कंवर सिंह ने बताया कि अतीत में धान की पौध तैयार करने के बाद मजदूरों बुलाया जाता था। लेकिन लॉकडाउन में मजदूर आने से मना कर रहे हैं। वहीं वे एक एकड़ धान की फसल के लिए पौध रोपाई करने के लिए ढाई हजार रुपये लेते थे। वहीं, स्थानीय मजदूर एक एकड़ धान की पौध रोपाई के लिए लगभग चार हजार के हिसाब से लेते हैं। बाहरी मजदूरों के चले जाने से संकट बना हुआ है।
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पटौदी निवासी किसान सैययद एजाज हुसैन जैदी ने बताया कि 20 वर्षों से धान की खेती कर रहे हैं। मजदूर की कमी होने के कारण आधुनिक तरीके से धान उगाने के लिए परेशानी हो रही है।
चित्र परिचय : फोटो नंबर- 25
किसान सैययद एजाज हुसैन जैदी आधुनिक तरीके से मशीन द्वारा धान बोते हुए।
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पटौदी क्षेत्र के गांव लोकरा, मुमताजपुर, सफेदार नगर, पटौदी, नानूकला, खोड़, हेडाहेडी, सेययद शाहपुर, खानपुर, बासपदमका, ऊंचा माजरा, नरहेड़ा सहित काफी गांवों के किसान धान की खेती करते आ रहे हैं। हालांकि अबकी बार लॉकडाउन से पहले ही मजदूरों के अपने गांव चले जाने से किसानों को धान बोने के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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किसान रोहताश और कंवर सिंह ने बताया कि अतीत में धान की पौध तैयार करने के बाद मजदूरों बुलाया जाता था। लेकिन लॉकडाउन में मजदूर आने से मना कर रहे हैं। वहीं वे एक एकड़ धान की फसल के लिए पौध रोपाई करने के लिए ढाई हजार रुपये लेते थे। वहीं, स्थानीय मजदूर एक एकड़ धान की पौध रोपाई के लिए लगभग चार हजार के हिसाब से लेते हैं। बाहरी मजदूरों के चले जाने से संकट बना हुआ है।
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पटौदी निवासी किसान सैययद एजाज हुसैन जैदी ने बताया कि 20 वर्षों से धान की खेती कर रहे हैं। मजदूर की कमी होने के कारण आधुनिक तरीके से धान उगाने के लिए परेशानी हो रही है।
चित्र परिचय : फोटो नंबर- 25
किसान सैययद एजाज हुसैन जैदी आधुनिक तरीके से मशीन द्वारा धान बोते हुए।