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Gurugram News: ग्राहक सेवा के नाम पर विदेशियों से ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़
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महिला सहित दस आरोपी गिरफ्तार, दस लैपटॉप, तीन मोबाइल व दस लाख रुपया बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर थाना ईस्ट की पुलिस ने ग्राहक सेवा के नाम पर विदेशियों से ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस टीम ने छापामारी के दौरान मौके से एक महिला सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने इनके कब्जे से कर 10 लैपटॉप, तीन मोबाइल व 10 लाख रुपया बरामद किया हैं। साइबर एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
साइबर थाना ईस्ट के प्रभारी इंस्पेक्टर जसवीर को सूचना मिली कि सेक्टर-43 स्थित एक मकान में फर्जी कॉल सेंटर चलाया जा रहा है। जिस पर एसीपी साइबर अपराध विपिन अहलावत के नेतृत्व में एक पुलिस टीम गठित की गई और कॉल सेंटर पर रेड की गई। छानबीन में सामने आया कि यहां करीब एक साल से फर्जी तरीके से कॉल सेंटर चलाया जा रहा था। पुलिस ने यहां से संचालक दीपक, मैनेजर मनीष व महिला सहित 10 लोगों को काबू कर साइबर थाना ईस्ट में केस दर्ज कर गिरफ्तार किया गया।
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पॉपअप भेज सिस्टम को हैक कर देते थे आरोपी
प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि सभी आरोपी कस्टमर सर्विस के नाम पर वारदात को अंजाम देते थे। ये कंप्यूटर में पॉपअप भेजते और सिस्टम को हैक कर लेते थे। इसके बाद स्क्रीन पर टोल फ्री नंबर को डिस्पले हो जाता था। वह फोन करने वालों से उनकी शिकायत पूछते थे अगर ग्राहक कोई असुविधा बताता है, तो वह खुद को उस कम्पनी का प्रतिनिधि बताकर पहले उन्हें अपने विश्वास में लेते है और उसकी समस्या को दूर करने के लिए एनीडेस्क, टीम व्यूअर आदि एप्लिकेशन के माध्यम से उसके सिस्टम का रिमोट एक्सेस प्राप्त कर लेते हैं। वहीं ग्राहक को वास्तविक बात ना बताकर उनसे अन्य समस्याओं के बारे में भी बात करते है और उन्हें उनकी निजी जानकारी का रिस्क, हैकर द्वारा अकाउंट हैक करना, डिवाइस असुरक्षित, फाइनेंसियल इनफार्मेशन लीक व चाइल्ड पोर्नोग्राफी इत्यादि के बारे में बताते हैं। इसके बाद उस समस्या को दूर करने के नाम पर ये कॉलर से 100-500 डॉलर की ठगी करते हैं। ठगी की रह रकम आरोपियों द्वारा बिटकॉइन अथवा गिफ्ट कार्ड के जरिए वसूली जाती थी। इस ठगी के बदले कर्मचारियों को कमीशन दिया जाता था। एक साल में आरोपियों ने कितने लोगों को ठगा है इसके बारे में पता लगाया जा रहा है।
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वर्जन
फर्जी काल सेंटर के बारे में सूचना मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस की ओर से कार्रवाई की जा रही है। साइबर ईस्ट थाना क्षेत्र में हुई छापामारी के बाद गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। - वरुण दहिया, एसीपी अपराध, गुरुग्राम।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर थाना ईस्ट की पुलिस ने ग्राहक सेवा के नाम पर विदेशियों से ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस टीम ने छापामारी के दौरान मौके से एक महिला सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने इनके कब्जे से कर 10 लैपटॉप, तीन मोबाइल व 10 लाख रुपया बरामद किया हैं। साइबर एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
साइबर थाना ईस्ट के प्रभारी इंस्पेक्टर जसवीर को सूचना मिली कि सेक्टर-43 स्थित एक मकान में फर्जी कॉल सेंटर चलाया जा रहा है। जिस पर एसीपी साइबर अपराध विपिन अहलावत के नेतृत्व में एक पुलिस टीम गठित की गई और कॉल सेंटर पर रेड की गई। छानबीन में सामने आया कि यहां करीब एक साल से फर्जी तरीके से कॉल सेंटर चलाया जा रहा था। पुलिस ने यहां से संचालक दीपक, मैनेजर मनीष व महिला सहित 10 लोगों को काबू कर साइबर थाना ईस्ट में केस दर्ज कर गिरफ्तार किया गया।
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पॉपअप भेज सिस्टम को हैक कर देते थे आरोपी
प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि सभी आरोपी कस्टमर सर्विस के नाम पर वारदात को अंजाम देते थे। ये कंप्यूटर में पॉपअप भेजते और सिस्टम को हैक कर लेते थे। इसके बाद स्क्रीन पर टोल फ्री नंबर को डिस्पले हो जाता था। वह फोन करने वालों से उनकी शिकायत पूछते थे अगर ग्राहक कोई असुविधा बताता है, तो वह खुद को उस कम्पनी का प्रतिनिधि बताकर पहले उन्हें अपने विश्वास में लेते है और उसकी समस्या को दूर करने के लिए एनीडेस्क, टीम व्यूअर आदि एप्लिकेशन के माध्यम से उसके सिस्टम का रिमोट एक्सेस प्राप्त कर लेते हैं। वहीं ग्राहक को वास्तविक बात ना बताकर उनसे अन्य समस्याओं के बारे में भी बात करते है और उन्हें उनकी निजी जानकारी का रिस्क, हैकर द्वारा अकाउंट हैक करना, डिवाइस असुरक्षित, फाइनेंसियल इनफार्मेशन लीक व चाइल्ड पोर्नोग्राफी इत्यादि के बारे में बताते हैं। इसके बाद उस समस्या को दूर करने के नाम पर ये कॉलर से 100-500 डॉलर की ठगी करते हैं। ठगी की रह रकम आरोपियों द्वारा बिटकॉइन अथवा गिफ्ट कार्ड के जरिए वसूली जाती थी। इस ठगी के बदले कर्मचारियों को कमीशन दिया जाता था। एक साल में आरोपियों ने कितने लोगों को ठगा है इसके बारे में पता लगाया जा रहा है।
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फर्जी काल सेंटर के बारे में सूचना मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस की ओर से कार्रवाई की जा रही है। साइबर ईस्ट थाना क्षेत्र में हुई छापामारी के बाद गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। - वरुण दहिया, एसीपी अपराध, गुरुग्राम।