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अमेजॉन सेंटर में लूटपाट करने में पूर्व कर्मचारी ही निकला मास्टर माइंड
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गुरुग्राम/मानेसर। 18 दिन पूर्व बांस लांबी गांव स्थित ई-कॉमर्स कंपनी में अमेजॉन के डिलीवरी सेंटर में हथियार के बल पर लूटपाट करने वाले तीन युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि पकड़ा गया युवक धर्मेंद्र पूर्व कर्मचारी है उसी ने लूट की पूरी साजिश रची थी। एसीपी क्राइम-1 प्रीतपाल सांगवान ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, उनके चौथे साथी का भी सुराग लगाने की कोशिश की जा रही है।
एसीपी क्राइम ने बताया कि पुलिस लगातार आरोपियों की लोकेशन पर नजर रख रही थी। सोमवार रात को उन्हें सूचना मिली कि बदमाश भिवानी के जुई गांव में मौजूद है। अपराध शाखा मानेसर की टीम ने यहां से तीन युवकों को दबोचा। आरोपियों की पहचान भिवानी जुई के गांव ढाब ढाणी निवासी अजय उर्फ लालू, धर्मेंद्र उर्फ पाला व दीवान सिंह उर्फ बंटी के रूप में हुई।
23 जनवरी रात करीब डेढ़ बजे बांस लांबी गांव स्थित अमेजॉन कंपनी के डिलवरी सेंटर पर कर्मचारी काम कर रहे थे। इतने में कुछ युवकों ने गेट खटखटाया। सुरक्षाकर्मी ने जैसे ही गेट खोला लोहे के पाइप, चाकू, कुल्हाड़ी के साथ चार युवक जबरन अंदर घुस आए। युवकों ने पहचान छिपाने के लिए मुंह पर कपड़ा बांध रखा था। सेंटर के अंदर घुसते ही बदमाशों ने यहां काम करने वाले सभी कर्मचारियों को हथियार के बल पर एक जगह एकत्रित कर लिया। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने शोर मचाया तो जान से मार देंगे। आरोपियों ने कंपनी से बैग उठाते हुए यहां रखा कीमती सामान और नकदी भर ली। सामान की कीमत करीब 5 लाख रुपये थी। युवकों ने सेंटर से निकलते वक्त सीसीटीवी की डीवीआर भी अपने साथ ले गए। वारदात के बाद सेंटर मालिक देवेंद्र की शिकायत पर आईएमटी मानेसर थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
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पूर्व कर्मचारी धर्मेंद्र निकला मास्टर माइंड
पुलिस जांच में सामने आया कि धर्मेंद्र नामक युवक डिलीवरी सेंटर में पहले काम कर चुका है। उसने पूरी साजिश रचते हुए गांव के ही युवकों को तैयार कर वारदात को अंजाम दिया। आरोपी ने बताया कि उसे कंपनी के अंदर की सभी लोकेशन पता थी इसलिए निकलते वक्त उसने सीसीटीवी की डीवीआर भी साथ ले गया। एसीपी क्राइम ने कंपनी या घर के अंदर काम करने वाले लोगों का पुलिस सत्यता जांच कराने की अपील की।
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एसीपी क्राइम ने बताया कि पुलिस लगातार आरोपियों की लोकेशन पर नजर रख रही थी। सोमवार रात को उन्हें सूचना मिली कि बदमाश भिवानी के जुई गांव में मौजूद है। अपराध शाखा मानेसर की टीम ने यहां से तीन युवकों को दबोचा। आरोपियों की पहचान भिवानी जुई के गांव ढाब ढाणी निवासी अजय उर्फ लालू, धर्मेंद्र उर्फ पाला व दीवान सिंह उर्फ बंटी के रूप में हुई।
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23 जनवरी रात करीब डेढ़ बजे बांस लांबी गांव स्थित अमेजॉन कंपनी के डिलवरी सेंटर पर कर्मचारी काम कर रहे थे। इतने में कुछ युवकों ने गेट खटखटाया। सुरक्षाकर्मी ने जैसे ही गेट खोला लोहे के पाइप, चाकू, कुल्हाड़ी के साथ चार युवक जबरन अंदर घुस आए। युवकों ने पहचान छिपाने के लिए मुंह पर कपड़ा बांध रखा था। सेंटर के अंदर घुसते ही बदमाशों ने यहां काम करने वाले सभी कर्मचारियों को हथियार के बल पर एक जगह एकत्रित कर लिया। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने शोर मचाया तो जान से मार देंगे। आरोपियों ने कंपनी से बैग उठाते हुए यहां रखा कीमती सामान और नकदी भर ली। सामान की कीमत करीब 5 लाख रुपये थी। युवकों ने सेंटर से निकलते वक्त सीसीटीवी की डीवीआर भी अपने साथ ले गए। वारदात के बाद सेंटर मालिक देवेंद्र की शिकायत पर आईएमटी मानेसर थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
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पूर्व कर्मचारी धर्मेंद्र निकला मास्टर माइंड
पुलिस जांच में सामने आया कि धर्मेंद्र नामक युवक डिलीवरी सेंटर में पहले काम कर चुका है। उसने पूरी साजिश रचते हुए गांव के ही युवकों को तैयार कर वारदात को अंजाम दिया। आरोपी ने बताया कि उसे कंपनी के अंदर की सभी लोकेशन पता थी इसलिए निकलते वक्त उसने सीसीटीवी की डीवीआर भी साथ ले गया। एसीपी क्राइम ने कंपनी या घर के अंदर काम करने वाले लोगों का पुलिस सत्यता जांच कराने की अपील की।