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दिवाली पर दो घंटे तक पटाखे जलाने की इजाजत देने पर पर्यावरणविद नाराज
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गुरुग्राम। दिल्ली एवं एनसीआर में प्रदूषण का स्तर अत्यधिक होने के बावजूद मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा दिवाली पर दो घंटे तक पटाखे जलाने की इजाजत देने पर जिले के पर्यावरणविद खासे नाराज हैं। उन्होंने सोमवार सुबह ही सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री के ट्वीट को रीट्वीट करके सवाल उठाए। इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री को टैग करते हुए पटाखे जलाने की इजाजत देने की निंदा की। हालांकि इस बीच एनजीटी का पटाखे जलाने पर प्रतिबंध लगाने संबंधी आदेश आने के बाद उन्होंने राहत की सांस ली।
जिले के पर्यावरणविदों ने सबसे अधिक ‘क्लीन एयर भारत’ ट्वीट अकाउंट से ट्वीट करके मुख्यमंत्री के पटाखे जलाने के निर्णय पर सवाल खड़े किए। इसके अलावा कई पर्यावरणविदों ने अपने निजी अकाउंट से ट्वीट किए। ‘क्लीन एयर भारत’ अकाउंट से किए एक ट्वीट में मुख्यमंत्री को टैग करके लिखा गया कि ऐसी घोषणा करने से पहले मुख्यमंत्री को गुरुग्राम में निवास करना चाहिए और वह यहां की हवा की स्वयं जांच करें। पटाखे जलाने की इजाजत देना हवा में अधिक जहर घोलना है और यह कदम दमे के शिकार, कोरोना संक्रमित मरीज, नवजात शिशु, गर्भवती महिला, बुजुर्ग, दिल के मरीज के अलावा स्वस्थ लोगों को जोखिम और तकलीफ देना है।
क्लीन एयर भारत अकाउंट से एक अन्य ट्वीट में प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री, प्रदेश भाजपा, अमर उजाला समाचार पत्र आदि को टैग करते हुए पटाखे जलाने की इजाजत देने के निर्णय की अप्रत्यक्ष तौर पर निंदा की गई। इस ट्वीट में लिखा गया कि ‘दूषित हवा से हो गई है खून में भी मिलावट, पीएम 2.5 का है ये कमाल, सांस लेने से भी डरती है गर्भ में अब हर मां की संतान। फिर भी हम तो पटाखे जलाएंगे, वर्ना हम विकसित कैसे कहलाएंगे’।
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दूसरी ओर पर्यावरणविद् रुचिका सेठी ने मुख्यमंत्री को टैग करके ट्वीट किया कि एक्यूआई 500 प्लस, ये नंबर हम लोग क्या कभी समझ पाएंगे कि खून में हमारे पीएम 2.5 और अत्यंत बारिक कण क्या गुल खिलाएंगे, क्या हम कभी ये देख पाएंगे कि कोरोना, दमा और दिल की बीमारी के शिकार हो रहे है हमारे बच्चे और बुजुर्ग लाचार, यूं ही खामोश बैठे देख रहे हैं।
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जिले के पर्यावरणविदों ने सबसे अधिक ‘क्लीन एयर भारत’ ट्वीट अकाउंट से ट्वीट करके मुख्यमंत्री के पटाखे जलाने के निर्णय पर सवाल खड़े किए। इसके अलावा कई पर्यावरणविदों ने अपने निजी अकाउंट से ट्वीट किए। ‘क्लीन एयर भारत’ अकाउंट से किए एक ट्वीट में मुख्यमंत्री को टैग करके लिखा गया कि ऐसी घोषणा करने से पहले मुख्यमंत्री को गुरुग्राम में निवास करना चाहिए और वह यहां की हवा की स्वयं जांच करें। पटाखे जलाने की इजाजत देना हवा में अधिक जहर घोलना है और यह कदम दमे के शिकार, कोरोना संक्रमित मरीज, नवजात शिशु, गर्भवती महिला, बुजुर्ग, दिल के मरीज के अलावा स्वस्थ लोगों को जोखिम और तकलीफ देना है।
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क्लीन एयर भारत अकाउंट से एक अन्य ट्वीट में प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री, प्रदेश भाजपा, अमर उजाला समाचार पत्र आदि को टैग करते हुए पटाखे जलाने की इजाजत देने के निर्णय की अप्रत्यक्ष तौर पर निंदा की गई। इस ट्वीट में लिखा गया कि ‘दूषित हवा से हो गई है खून में भी मिलावट, पीएम 2.5 का है ये कमाल, सांस लेने से भी डरती है गर्भ में अब हर मां की संतान। फिर भी हम तो पटाखे जलाएंगे, वर्ना हम विकसित कैसे कहलाएंगे’।
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दूसरी ओर पर्यावरणविद् रुचिका सेठी ने मुख्यमंत्री को टैग करके ट्वीट किया कि एक्यूआई 500 प्लस, ये नंबर हम लोग क्या कभी समझ पाएंगे कि खून में हमारे पीएम 2.5 और अत्यंत बारिक कण क्या गुल खिलाएंगे, क्या हम कभी ये देख पाएंगे कि कोरोना, दमा और दिल की बीमारी के शिकार हो रहे है हमारे बच्चे और बुजुर्ग लाचार, यूं ही खामोश बैठे देख रहे हैं।