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रखे-रखे कबाड़ हो गईं पर्यावरण साइकिलें
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सेक्टर-29 स्थित फायर ब्रिगेड स्टेशन में रखी गई साइकिलें, जो अब कबाड़ बन चुकी हैं।
- फोटो : Gurgaon
गुुरुग्राम (पंकज मोहन मिश्रा )। स्वच्छ पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए नगर निगम की तरफ से खरीदी गई सैकड़ों साइकिलें रखे-रखे खराब हो रही हैं। लाखों रुपये खर्च कर खरीदी गई ये साइकिलें रखरखाव के अभाव में लगभग खराब हो चुकी हैं। इससे सरकारी पैसे का दुुरुपयोग तो हुआ ही, स्वच्छ व प्रदूषणमुक्त गुुरुग्राम का सपना भी कुछ और दूर हो गया। पर्यावरण को बचाने के लिए खरीदी गई इन साइकिलों को उस समय पर्यावरण साइकिल कहा गया था।
नगर निगम के एक अधिकारी के मुताबिक, 2016 में राहगीरी और साइक्लिंग को बढ़ावा देने के लिए करीब 200 साइकिलों की खरीद की गई थी। इस पर करीब 7 लाख रुपये खर्च किए गए थे। जल्द ही इसे बंद कर दिया गया। इसके बाद करीब 3 साल से 150 से ज्यादा साइकिलें सेक्टर-29 के फायर स्टेशन में रखे-रखे ही जर्जर हो गई हैं। इस दौरान निगम अधिकारियों ने इनकी सुध नहीं ली। साइकिलों पर अब भी गुरुग्राम साइक्लोथॉन ऑन गांधी जयंती, गुरुग्राम स्पोर्ट्स फॉर इंडिया और साइकिल्स फॉर चेंज चैलेंज के लोगो लगे हैं।
लाखों लागत वाली इन साइकिलों के रखरखाव पर न ध्यान दिया गया और न ही समय रहते इनकी नीलामी कराई गई। इस बारे में निगम के अधिकारी और कर्मचारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। नगर निगम की अतिरिक्त आयुक्त जसप्रीत कौर से इस बारे में जानकारी के लिए संपर्क किया गया, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया। इन साइकिलों का उपयोग मुख्य रूप से राहगीरी के दौरान किया जाता था।
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2016 में शुरू हुई थी राहगीरी
कन्हई गांव के नजदीक भगवान महावीर मार्ग पर फरवरी 2016 में तत्कालीन निगमायुक्त ने सीएसआर के तहत निजी कंपनियों के साथ मिलकर ग्रीन राहगीरी की शुरुआत की थी। राहगीरी को शुरू करने का उद्देश्य शहर में हरियाली को बढ़ावा देना था।
अधिकारियों से लेंगे जानकारी
इसके बारे में ज्यादा मालूम नहीं है। निगम की मशीनरी और अन्य संपत्तियों के रखरखाव पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। इस बारे में अधिकारियों से बातचीत कर जानकारी ली जाएगी कि रखरखाव में लापरवाही क्यों हुई। - मधु आजाद, मेयर, नगर निगम गुरुग्राम।
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नगर निगम के एक अधिकारी के मुताबिक, 2016 में राहगीरी और साइक्लिंग को बढ़ावा देने के लिए करीब 200 साइकिलों की खरीद की गई थी। इस पर करीब 7 लाख रुपये खर्च किए गए थे। जल्द ही इसे बंद कर दिया गया। इसके बाद करीब 3 साल से 150 से ज्यादा साइकिलें सेक्टर-29 के फायर स्टेशन में रखे-रखे ही जर्जर हो गई हैं। इस दौरान निगम अधिकारियों ने इनकी सुध नहीं ली। साइकिलों पर अब भी गुरुग्राम साइक्लोथॉन ऑन गांधी जयंती, गुरुग्राम स्पोर्ट्स फॉर इंडिया और साइकिल्स फॉर चेंज चैलेंज के लोगो लगे हैं।
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लाखों लागत वाली इन साइकिलों के रखरखाव पर न ध्यान दिया गया और न ही समय रहते इनकी नीलामी कराई गई। इस बारे में निगम के अधिकारी और कर्मचारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। नगर निगम की अतिरिक्त आयुक्त जसप्रीत कौर से इस बारे में जानकारी के लिए संपर्क किया गया, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया। इन साइकिलों का उपयोग मुख्य रूप से राहगीरी के दौरान किया जाता था।
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2016 में शुरू हुई थी राहगीरी
कन्हई गांव के नजदीक भगवान महावीर मार्ग पर फरवरी 2016 में तत्कालीन निगमायुक्त ने सीएसआर के तहत निजी कंपनियों के साथ मिलकर ग्रीन राहगीरी की शुरुआत की थी। राहगीरी को शुरू करने का उद्देश्य शहर में हरियाली को बढ़ावा देना था।
अधिकारियों से लेंगे जानकारी
इसके बारे में ज्यादा मालूम नहीं है। निगम की मशीनरी और अन्य संपत्तियों के रखरखाव पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। इस बारे में अधिकारियों से बातचीत कर जानकारी ली जाएगी कि रखरखाव में लापरवाही क्यों हुई। - मधु आजाद, मेयर, नगर निगम गुरुग्राम।